Hajipur Lok Sabha : हाजीपुर में सत्ता का संग्राम; चुनाव के बहाने चाय पर चर्चा, विकास समेत इन मुद्दों पर बात
'अमर उजाला' का चुनावी रथ हाजीपुर पहुंच चुका है। सुबह चाय पर चर्चा में आम मतदाता अपनी बात रखी। इसके बाद दोपहर में युवाओं के मुद्दों पर चर्चा होगी। वहीं, शाम को राजनीतिक दलों के नेताओं सवाल-जवाब होंगे।
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हाजीपुर लोकसभा सीट बिहार की सबसे चर्चित सीटों में से एक है। केला और लीची के लिए पूरे भारत में प्रसिद्ध इस लोकसभा सीट पर कुछ दिन पहले तक चाचा और भतीजा के बीच दावेदारी की लड़ाई चल रही थी। पशुपति पारस 2019 का चुनाव जीतकर यहां से सांसद बने थे। स्व. रामविलास पासवान का गढ़ कही जाने वाली इस सीट पर उनके बेटे चिराग पासवान ने इस बार अपनी दावेदारी पेश की। काफी खींचतान के बाद यह सीट चिराग पासवान के पाले में ही गई। पशुपति पारस ने पहले विरोध तो जताया फिर एनडीए गठबंधन को समर्थन देने की बात कहने लगे। चिराग पासवान के सामने राष्ट्रीय जनता दल ने शिव चंद्र राम को उम्मीवार बनाया है। जातीय समीकरण की बात करेंतो इस सीट पर पासवान और रविदास की संख्या सबसे अधिक है। अब देखना यह होगा कि जनता किसे चुनती है?
इन मुद्दों पर मतदाताओं पर की बात
'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' मतदाताओं का सियासी मूड जानने निकला है, जो आज यानी बुधवार को बिहार के हाजीपुर लोकसभा क्षेत्र में पहुंच चुका है। चाय पर चर्चा के बहाने वोटरों से उनके मन की बात पूछी गई। चाय की चुस्की के साथ हाजीपुर लोकसभा सीट के मतदाताओं ने शहरी क्षेत्र में जल निकासी, विकास, खेती-किसानी, महंगाई और रोजगार पर बात की।
हाजीपुर शहर में जलनिकासी सबसे बड़ी समस्या है
मतदाताओं ने कहा कि विश्व में सबसे पहले लोकतंत्र को जन्म देने वाली वैशाली की इस धरती की सबसे बड़ी समस्या विकास का है। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. रामविलास पासवान इतने लंबे समय तक यहां के सांसद रहे। उनकी सरकार भी रही। लेकिन, उस हद तक विकास नहीं हो पाया जितना वादा किया गया था। हाजीपुर शहर में जलनिकासी सबसे बड़ी समस्या है। यहां का केला पूरे देश में प्रसिद्ध है लेकिन किसानों का हाल बेहाल हैं।
चुनावी यात्रा के दौरान अमर उजाला का यह चुनावी रथ हर रोज नई लोकसभा सीट पर जाएगा। इस दौरान उस लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र के मतदाताओं से चाय पर चर्चा होगी। अनौपचारिक बातचीत में जनता के मुद्दों, उनकी समस्याओं पर चर्चा होगी। हम युवाओं के बीच जाएंगे, जहां उनकी समस्याओं और उम्मीदों पर चर्चा करेंगे। नए भारत के नए मतदाताओं की सपनों की उड़ान को पंख कैसे लगेंगे, इस पर भी चर्चा करेंगे।