Bihar Police: अब क्या करेंगे तेजस्वी यादव? बिहार पुलिस ने लालू-राबड़ी राज से अब तक की हत्याओं का रिकॉर्ड बताया
Bihar News : तेजस्वी यादव अपराध बढ़ने की बात करते हुए बिहार में जंगलराज की वापसी का दावा कर रहे थे। ऐसे में सरकार के निर्देश पर बिहार पुलिस ने 2001 से 2023 तक वर्षवार हत्याओं की संख्या बताते हुए कहा है कि जनसंख्या बढ़ने के बावजूद घटनाएं कम हो रहीं।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बढ़ते अपराध को लेकर एक ओर विपक्ष लगातार बढ़ते अपराध को लेकर नीतीश सरकार पर हमला बोल रही है। तेजस्वी यादव लगातार क्राइम बुलेटिन जारी कर रहे हैं। इतना ही नहीं महागठबंधन ने 20 जुलाई को पूरे बिहार में प्रदर्शन का एलान कर दिया है। विपक्ष के नेता लगातार कह रहे हैं नीतीश सरकार क्राइम कंट्रोल नहीं कर पा रही है। एक दिन पहले राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने 1990 से 2005 के काल को नीतीश सरकार के शासनकाल से बेहतर बता दिया थ। इन सब के बीच अब बिहार पुलिस मुख्यालय ने एक डाटा जारी किया है। इसमें दावा किया है कि नीतीश सरकार में अपराध कम हुए हैं।
जनसंख्या बढ़ने के बावजूद घटनाएं कम हो रहीं
नीतीश सरकार के निर्देश पर बिहार पुलिस ने 2001 से 2023 तक वर्षवार हत्याओं की संख्या बताते हुए कहा है कि जनसंख्या बढ़ने के बावजूद घटनाएं कम हो रहीं। अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) जेएस गंगवार ने कहा कि राज्य में 2023 में पिछले 24 वर्षों में हत्या की दर सबसे कम रही। उन्होंने वर्ष 2001 से 2023 तक प्रतिवेदित हत्या कांडों की विवरणी जारी की। कहा कि पिछले 6 वर्षों (2018 से 2023) में कोरोना वर्ष 2021 छोड़कर सबसे कम हत्या के कांड वर्ष 2023 में प्रतिवेदित हुए। पिछले 24 वर्षों में चौथा सबसे कम हत्या के कांड वर्ष 2023 में प्रतिवेदित हुए जबकि राज्य की जनसंख्या 8.3 करोड़ से बढ़कर 13.07 करोड़ हो गयी है।
बिहार पुलिस ने यह वर्षवार ऑकड़ा जारी किया...
| साल | हत्याओं का संख्या |
| 2001 | 3619 |
| 2002 | 3634 |
| 2003 | 3652 |
| 2004 | 3861 |
| 2005 | 3423 |
| 2006 | 3225 |
| 2007 | 2963 |
| 2008 | 3029 |
| 2009 | 3152 |
| 2010 | 3362 |
| 2011 | 3198 |
| 2012 | 3566 |
| 2013 | 3441 |
| 2014 | 3403 |
| 2015 | 3178 |
| 2016 | 2581 |
| 2017 | 2803 |
| 2018 | 2934 |
| 2019 | 3138 |
| 2020 | 3150 |
| 2021 | 2799 |
| 2022 | 2930 |
| 2023 | 2844 |