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Bihar: लोकसभा अध्यक्ष बोले- AI की मदद से सभी राज्यों के सदन को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जाएगा, इससे यह होगा फायदा
Tue, 21 Jan 2025 03:07 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Tue, 21 Jan 2025 03:07 PM IST
सार
अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन ने भारतीय संविधान निर्माताओं को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। भारत की जनता और देश के प्रति उनके महान योगदान की सराहना की।
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लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार विधान मंडल में पीठासीन अधिकारियों का 85 वां सम्मेलन शांतिपूर्ण संपन्न हो गया। 1921 से लेकर आज तक पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलनों को देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजित करने की परंपरा रही है। इन सम्मेलनों में विधायिका की स्वायत्तता, वित्तीय प्रबंधन, समिति प्रणाली, सदन और सदस्यों के विशेषाधिकार, सदन में अनुशासन और गरिमा, सदन के कार्यों में सूचना प्रौद्योगिकी सहित अनेक महत्वपूर्ण विषयों पर विचार विमर्श किया गया और महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि सभी पीठासीन अधिकारी अपने-अपने यहां विभिन्न संस्थाओं में लोगों के प्रति संबंध में संविधान के प्रति प्रतिबद्धता को बढ़ाएं। अभी विधायक शिष्टाचार करें। पीठासीन अधिकारी संकल्प लें और से आगे बढ़ाएं।
सभी राज्यों के अंदर बेहतर रिसर्च की जाए, जिसमें सदन भी मदद करेगी। संसदीय समितियां कोई जवाबदेही बनाया जाए। राजकीय संसदीय समितियां का सम्मेलन बुलाया जाए। 2025 तक सभी राज्यों के सदन को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जायेगा। इसके लिए एआई की मदद ली जाएगी। इससे फायदा यह होगा कि पूरे देश के लोग इसको देख सकेंगे। देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाएं केकर को बेहतर करने के लिए विकास के कार्य में जनता की भागीदारी हो. जनप्रतिनिधियों के विचार भी शामिल हों।
41 पीठासीन अधिकारियों ने सम्मेलन में लिया भाग
बताया गया कि इस सम्मेलन का एजेंडा था कि संविधान की 75वीं वर्षगांठ: संवैधानिक मूल्यों को सशक्त करने में संसद और राज्य विधायी निकायों का योगदान। दो दिन तक चले इस सम्मेलन में देश भर से 23 विधानमंडलों के 41 पीठासीन अधिकारियों ने भाग लिया।
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सम्मेलन में अंगीकार किये गए संकल्पों के बारे में जानिए
संकल्प 1
संकल्प 2
संकल्प 3
संकल्प 4
संकल्प 5
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सभी राज्यों के अंदर बेहतर रिसर्च की जाए, जिसमें सदन भी मदद करेगी। संसदीय समितियां कोई जवाबदेही बनाया जाए। राजकीय संसदीय समितियां का सम्मेलन बुलाया जाए। 2025 तक सभी राज्यों के सदन को एक प्लेटफॉर्म पर लाया जायेगा। इसके लिए एआई की मदद ली जाएगी। इससे फायदा यह होगा कि पूरे देश के लोग इसको देख सकेंगे। देश की सभी लोकतांत्रिक संस्थाएं केकर को बेहतर करने के लिए विकास के कार्य में जनता की भागीदारी हो. जनप्रतिनिधियों के विचार भी शामिल हों।
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41 पीठासीन अधिकारियों ने सम्मेलन में लिया भाग
बताया गया कि इस सम्मेलन का एजेंडा था कि संविधान की 75वीं वर्षगांठ: संवैधानिक मूल्यों को सशक्त करने में संसद और राज्य विधायी निकायों का योगदान। दो दिन तक चले इस सम्मेलन में देश भर से 23 विधानमंडलों के 41 पीठासीन अधिकारियों ने भाग लिया।
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सम्मेलन में अंगीकार किये गए संकल्पों के बारे में जानिए
संकल्प 1
- अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन ने भारतीय संविधान निर्माताओं को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। भारत की जनता और देश के प्रति उनके महान योगदान की सराहना की। यह संविधान, जन भागीदारी पर आधारित शासकीय व्यवस्था का पवित्र दस्तावेज है, जिसमें लोकतांत्रिक मूल्य और सामूहिक जन कल्याण की भावनाएं निहित हैं।
संकल्प 2
- भारत के संविधान के अंगीकरण की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर भारतीय विधायी संस्थाओं के पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन ने सामूहिक रूप से भारतीय संविधान के प्रति अपनी संपूर्ण आस्था व्यक्त की तथा संकल्प लिया कि संविधान में निहित मूल्यों और आदर्शों के अनुरूप अपने अपने सदनों का कार्य संचालन करेंगे।
संकल्प 3
- भारतीय विधायी संस्थाओं के पीठासीन अधिकारियों ने पुन: सामूहिक रूप से संकल्प लिया कि विधायी संस्थाओं में बाधारहित व्यवस्थित चर्चा एवं परिचर्चा को सुनिश्चित करेंगे, ताकि विधायी एवं नीतिगत मुद्दों पर जनहित में श्रेष्ठ संवाद का वातावरण बन सके।
संकल्प 4
- भारतीय विधायी संस्थाओं के पीठासीन अधिकारियों ने संविधान के 75 वर्ष पूरे होने पर इसके मूल्यों को समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने का संकल्प लिया। इसके अंतर्गत पंचायती राज व्यवस्था, शहरी निकायों, सहकारी संस्थाओं, शिक्षण संस्थाओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों तक संवैधानिक मूल्यों को योजनाबद्ध तरीके से पहुंचाने का अभियान व कार्यक्रम चलाने का निर्णय लिया, जिससे संवैधानिक मूल्यों की जड़े और गहरी व स्थायी हों और जन सहभागिता पर आधारित यह शासकीय व्यवस्था देश में और सुदृढ़ व मजबूत बने।
संकल्प 5
- अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सहित डिजिटल टेक्नॉलाजी अपनाने की प्रतिबद्धता दोहरायी, जिससे विधायी संस्थाएं भारतवासियों को अत्यंत प्रभावी और श्रेष्ठ रूप से अपनी सेवाएं दे सकें।