Bihar : बिहार सरकार के मंत्री बोले- मुख्यमंत्री बनने की हैसियत नहीं थी मांझी की, नीतीश कुमार ने बनाया
Bihar : महादलित समाज का बजट 38 करोड़ रुपये के आसपास था। नीतीश कुमार ने इसे बढ़ाकर 108 करोड़ का बजट कर दिया। अपनी जगह पर मुख्यमंत्री चुनने का समय आया तो महादलित परिवार के मांझी समाज के शख्स को मुख्यमंत्री बनाया।
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बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जीतन राम मांझी की हैसियत नहीं थी कि वह मुख्यमंत्री बन पाते। आज वह अपने आप को पूर्व मुख्यमंत्री कहते हैं लेकिन उनके पास मुख्यमंत्री बनने का समर्थन तक नहीं था। नीतीश कुमार ने मांझी जी को मुख्यमंत्री बनाया। मंत्री अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार ने तमाम दलितों के उत्थान के कई योजनाएं चला रहे हैं। महादलित समाज का बजट 38 करोड़ रुपये के आसपास था। नीतीश कुमार ने इसे बढ़ाकर 108 करोड़ का बजट कर दिया। अपनी जगह पर मुख्यमंत्री चुनने का समय आया तो महादलित परिवार के मांझी समाज के शख्स को मुख्यमंत्री बनाया।
मंत्री रत्नेश सदा के बारे में ऐसा कहा
रत्नेश सदा बहुत गरीब परिवार से आते हैं। वह तीन तीन बार विधायक रह चुके हैं। उन्होंने कभी सपना भी नहीं देखा होगा कि वह कभी मंत्री बनेंगे। लेकिन नीतीश कुमार ने उन्हें मंत्रिमंडल में जगह दिया है। माउंटेन मैन दशरथ मांझी के पुत्र भगीरथ मांझी का पार्टी में स्वागत है। उनके आने से पार्टी को नई ताकत मिलेगी। भगीरथ मांझी और उनके दामाद द्वारा पार्टी की सदस्यता ग्रहण करने के बाद मांझी और महादलित समाज में नए ऊर्जा का संचार होगा।
HAM ने कहा- अशोक चौधरी को अपनी हैसियत देखनी चाहिए
वहीं बिहार सरकार के मंत्री के बयान पर पलटवार करते हुए HAM के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्याम सुंदर शरण ने कहा कि अशोक चौधरी थोड़े न तय करेंगे कि हमारी क्या हैसियत है यह तो जनता न तय करेगी। जनता ने उनको उनका हैसियत बताया है। मगध में लड़ तो रहे थे वह चुनाव, हम लोगों ने किस परिस्थिति में उनका जमानत बचाने का काम किया है। 32 सालों से यह लोग यही काम कर रहे हैं। एक-दूसरे के खिलाफ जब भी ऐसा होता है किसी न किसी दलित चेहरे को एक दूसरे को आगे करके लड़वाने का काम करते हैं। गाली दिलवाने का काम करते हैं। अशोक चौधरी को अपनी हैसियत देखनी चाहिए वह कहां से चुनाव लडे हैं। राजनीति अखाड़े से दूर हैं। वह कैसे क्या क्या करके और लोगों को तोड़कर राजनीति में बने हुए हैं, उनको तो अपना दिखना चाहिए। जीतन राम मांझी की हैसियत नापने की ताकत और क्षमता उन्हीं में है?