Bihar News: दिव्यांगों-बुजुर्गों की सुविधा के लिए बिहार में चलेंगी लो-फ्लोर बसें, परिवहन मंत्री ने दिए निर्देश
बिहार सरकार ने दिव्यांगों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की सुविधा के लिए भविष्य में खरीदी जाने वाली सभी बसों को लो-फ्लोर मॉडल में खरीदने का निर्देश दिया है। आगामी 400 पीएम ई-बसों में भी हाइड्रॉलिक रैंप और व्हीलचेयर जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
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बिहार में दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और गर्भवती महिलाओं को बस यात्रा के दौरान बेहतर सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से परिवहन मंत्री दामोदर रावत ने बिहार राज्य पथ परिवहन निगम (बीएसआरटीसी) को महत्वपूर्ण निर्देश दिए हैं। मंत्री ने निगम को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य में भविष्य में खरीदी जाने वाली सभी बसें लो-फ्लोर मॉडल की हों, ताकि यात्रियों, विशेषकर दिव्यांगों और बुजुर्गों को बस में चढ़ने-उतरने में किसी तरह की परेशानी न हो।
परिवहन मंत्री ने कहा कि बिहार में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक समावेशी और सभी वर्गों के अनुकूल बनाने के लिए यह फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि लो-फ्लोर बसें दिव्यांगजनों, वरिष्ठ नागरिकों और गर्भवती महिलाओं के लिए काफी सुविधाजनक साबित होंगी। इनमें ऊंची सीढ़ियां नहीं होतीं, जिससे बस में चढ़ना-उतरना आसान और सुरक्षित हो जाता है। विभाग का प्रयास है कि आगामी 400 पीएम ई-बसें भी पूरी तरह लो-फ्लोर मॉडल की हों।
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मंत्री ने बताया कि लो-फ्लोर बसों में हाइड्रॉलिक रैंप की सुविधा होती है, जिसे आवश्यकता के अनुसार आसानी से खोला और बंद किया जा सकता है। इससे व्हीलचेयर का उपयोग करने वाले दिव्यांग यात्री बिना किसी कठिनाई के सीधे बस में प्रवेश कर सकेंगे। इन बसों की ऊंचाई सड़क से केवल 320 से 400 मिलीमीटर होती है, जिससे सभी यात्रियों के लिए चढ़ना-उतरना आसान हो जाता है।
उन्होंने बताया कि बसों में कुछ सीटों को मोड़कर अतिरिक्त स्थान बनाया जा सकता है, जिससे व्हीलचेयर रखने की पर्याप्त व्यवस्था होगी। इन सुविधाओं के कारण बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और गर्भवती महिलाओं के लिए यात्रा अधिक सुरक्षित, आरामदायक और सुविधाजनक बनेगी तथा गिरने या चोट लगने का जोखिम भी काफी कम होगा।