बिहार: फिर सियासी रंग जमाएंगे लालू यादव, बुधवार को तारापुर व कुशेश्वरस्थान में सभा, दोनों सीटों पर हो रहा उपचुनाव
लालू यादव बिहार की राजनीति में इसलिए लोकप्रिय हैं कि उनका बोलने का अंदाज जमीनी और तंज भरा होता है। वह बोलते हैं तो जनता से सीधे संवाद के लिए ठेठ अंदाज अपनाते हैं। शब्दों का चयन भी उनका चुटीला व चुभने वाला होता है।
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राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव एक बार फिर बिहार में सियासी रंग जमाने वाले हैं। वह रविवार को दिल्ली से पटना पहुंच चुके हैं। बुधवार को वह तारापुर व कुशेश्वरस्थान में चुनावी सभाएं करेंगे। इन दोनों सीटों पर उपचुनाव हो रहा है।
यह उपचुनाव बिहार की भावी राजनीति का संकेत देगा और राज्य में सत्तारूढ़ जदयू-भाजपा गठबंधन, राजद व कांग्रेस की ताकत को साबित करेगा। तारापुर व कुशेश्वरस्थान से राजद ने अपने प्रत्याशी उतार दिए हैं। यह देखकर कांग्रेस ने भी इन दोनों सीटों से अपने प्रत्याशी खड़े कर दिए हैं। इससे राज्य में महागठबंधन बिखर गया है।
उपचुनाव में त्रिकोणीय मुकाबला
तारापुर व कुशेश्वरस्थान विधानसभा सीटों के लिए 30 अक्तूबर को मतदान होगा। यहां अब केंद्र व बिहार में सत्तारूढ़ एनडीए, राजद और कांग्रेस के बीच मुकाबला होगा। जाहिर है बुधवार को होने वाली सभाओं में लालू यादव के निशाने पर जदयू व भाजपा के साथ ही कांग्रेस भी होगी।
भक्त चरण दास को कहा था 'भकचोन्हर'
लालू यादव बिहार की राजनीति में इसलिए लोकप्रिय हैं कि उनका बोलने का अंदाज जमीनी और तंज भरा होता है। वह बोलते हैं तो जनता से सीधे संवाद के लिए ठेठ अंदाज अपनाते हैं। शब्दों का चयन भी उनका चुटीला व चुभने वाला होता है। बीते दिनों जब वह लंबे अंतराल के बाद पटना पहुंचे थे तो कांग्रेस के बिहार प्रभारी भक्त चरण दास को 'भकचोन्हर' (बुद्धिहीन) कह दिया था। इसकी तीखी प्रतिक्रिया हुई थी।
कांग्रेस राजद के संबंध बिगड़े
राजद व कांग्रेस के संबंध अब पहले की तरह नहीं रह गए हैं। कांग्रेस कुशेश्वरस्थान सीट मांग रही थी, लेकिन राजद ने उपचुनाव की दोनों सीटों पर अपने प्रत्याशी उतार दिए। इससे कांग्रेस खफा हो गई और उसने महागठबंधन छोड़ दिया। अब कांग्रेस भी तारापुर व कुशेश्वर स्थान सीटों पर उपचुनाव लड़ रही है।