Bihar: डायनिंग टेबल पर परीक्षा देते दिखे जेपी विवि के छात्र, प्राचार्य बोले- क्षमता से अधिक परीक्षार्थी आ गए
परीक्षा केंद्र पर तैनात आब्जर्बर डॉ. संजीव कुमार सुधांशु ने बताया कि नई शिक्षा नीति के एमडीसी के तहत परीक्षा संचालित किया जा रहा है। इसमें छात्र की स्वतंत्रता रहती है कि वह किसी भी विषय के साथ कोई विषय पढ़ सकता है।
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लोक नायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर बिहार के छपरा में स्थापित जय प्रकाश विश्वविद्यालय के अंगीभूत इकाई प्रभुनाथ कॉलेज परसा से एक चौंकाने वाली तस्वीरें आई हैं। यह तस्वीरें किसी शादी विवाह या अन्य किसी प्रकार के कार्यक्रम में मिलने वाली सामूहिक भोज का नहीं है बल्कि यह जयप्रकाश विश्वविद्यालय छपरा में स्नातक प्रथम खंड सत्र 2023-2027 के परीक्षा की हैं। टेबल-कुर्सी पर बैठा कर ग्रेजुएट लेबल की परीक्षा से संबंधित यह तस्वीर बयां कर रही है कि जेपी विश्वविद्यालय के अंगीभूत इकाई प्रभूनाथ कॉलेज (पीएन कॉलेज) परसा के परीक्षा केंद्र पर व्यवस्था स्थापित करने में वर्तमान कुलपति एवं परीक्षा नियंत्रक पूरी तरह से विफल साबित हो रहे हैं।
पेड़ के नीचे ली जा रही थी परीक्षा
विश्वविद्यालय की ओर से परीक्षा केंद्र पर तैनात आब्जर्बर डॉ. संजीव कुमार सुधांशु ने बताया कि नई शिक्षा नीति के एमडीसी के तहत परीक्षा संचालित किया जा रहा है। इसमें छात्र की स्वतंत्रता रहती है कि वह किसी भी विषय के साथ कोई विषय पढ़ सकता है। इस परीक्षा केंद्र पर दो महाविद्यालयों के 1507 छात्र और छात्राएं परीक्षा में शामिल हुए है। इससे छात्रों को बैठने के लिए टेंट लगाकर और महाविद्यालय परिसर में पेड़ के नीचे टेबल कुर्सी की व्यवस्था कर परीक्षा का संचालन किया जा रहा है।
समस्यायों का जल्द ही सुधार किया जाएगा
वहीं प्राचार्य डॉ पुष्प राज गौतम ने बताया कि यदुनंदन (वाईएन) कॉलेज दिघवारा तथा होती लाल राम नाथ (एचआर) कॉलेज अमनौर की परीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है। कॉलेज संचालन में लगभग छह सौ छात्रों की परीक्षा नियंत्रित करने की क्षमता है। लेकिन, परीक्षा नियंत्रक द्वारा कॉलेज में 1507 छात्रों को परीक्षा के लिए चयनित किया गया था। इस कारण स्थानीय महाविद्यालय प्रशासन की परेशानी बढ़ गई है। क्षमता से अधिक छात्र और छात्राएं होने के कारण मजबूरन छात्रों को टेंट और टेबल कुर्सी की व्यवस्था कर परीक्षा संचालित किया जा रहा है। हालांकि, इस बात की जानकारी जय प्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो परमेंद्र वाजपेई सहित सभी प्रशासनिक अधिकारियों को है। लेकिन, इसके बावजूद इस तरह की परिस्थितियों से जिला सहित कई अन्य राज्यों को बिहार में शिक्षा व्यवस्था को दिखाने का प्रयास किया गया है। ताकि बिहार की बदनामी हो। कुलपति प्रो. परमेंद्र वाजपेई प्रत्येक दिन शिक्षा व्यवस्था और विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा विभिन्न तरह की परिस्थितियों से जूझ रहे समस्यायों का जल्द ही सुधार किया जाएगा। लेकिन, इसके बावजूद स्थिति या परिस्थिति जस की तस बनी हुई है।