बिहार: किशनगंज के गलगलिया में उद्योग को मिलेगा बढ़ावा, ईस्टर्न एग्रो केमिकल्स को वित्तीय प्रोत्साहन की मंजूरी
बिहार कैबिनेट ने किशनगंज के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित गलगलिया चेक पोस्ट पर ईस्टर्न एग्रो केमिकल्स लिमिटेड को वित्तीय प्रोत्साहन देने की मंजूरी दी है। इससे सीमांचल में औद्योगिक निवेश, आर्थिक गतिविधियों और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है।
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किशनगंज जिले के ठाकुरगंज प्रखंड स्थित गलगलिया में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। गलगलिया चेक पोस्ट स्थित मेसर्स ईस्टर्न एग्रो केमिकल्स लिमिटेड को वित्तीय प्रोत्साहन देने के प्रस्ताव को बिहार सरकार की मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दे दी है। इस फैसले को जिले में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल की पहल पर उद्योग विभाग के इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिली है। बुधवार को पटना में मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कंपनी को वित्तीय प्रोत्साहन क्लियरेंस देने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई।
औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने पर जोर
मंत्रिपरिषद की बैठक में बिहार औद्योगिक निवेश प्रोत्साहन नियमावली, 2016 के नियम-7 के उपनियम (2)(iv) के तहत कंपनी को वित्तीय प्रोत्साहन देने की स्वीकृति प्रदान की गई। सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य राज्य में औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने और उद्योगों के विकास से जुड़ी व्यवस्था को आगे बढ़ाना है।
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गलगलिया क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने से किशनगंज जिले की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों और कारोबार से जुड़ी गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिल सकता है। हालांकि, रोजगार सृजन और निवेश के वास्तविक प्रभाव का आकलन कंपनी की आगे की गतिविधियों और परियोजना के क्रियान्वयन के आधार पर ही किया जा सकेगा।
सीमांचल में औद्योगिक विकास की उम्मीद
किशनगंज का गलगलिया क्षेत्र ठाकुरगंज प्रखंड में स्थित है। यहां औद्योगिक निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मिली यह स्वीकृति सीमांचल में उद्योगों के विकास की संभावनाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार के इस फैसले से जिले में औद्योगिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने की दिशा में नई उम्मीद जगी है। वित्तीय प्रोत्साहन की मंजूरी से क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने और औद्योगिक विकास की संभावनाओं को मजबूत करने की उम्मीद की जा रही है।