इंदिरा राज को लेकर बिहार में चढ़ा सियासी पारा, भाजपा ने कसा तंज
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बिहार सरकार की वेबसाइट पर इंदिरा शासन को ब्रिटिश शासन से भी बदतर बताए जाने पर राज्य में सियासी पारा चढ़ने लगा है। वैसे कांग्रेस के विरोध के बाद इसे संपादित कर लिया गया है।
लेख को जहां कांग्रेसियों ने अस्वीकार्य बताया है, वहीं भाजपा ने कहा है कि बिहार सरकार अगर कांग्रेस के दबाव में आकर इतिहास बदलने का काम करेगी, तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जदयू और राजद ने इस मसले पर सधी हुई प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अब कांग्रेस के विरोध का दौर खत्म हो चुका है।
यह तूफान तब उठा जब मीडिया में यह खबर आई कि बिहार सरकार की आधिकारिक वेबसाइट में आपातकाल के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के शासन को अंग्रेजी सरकार से भी ज्यादा दमनकारी बताया गया है।
कांग्रेस की आपत्ति पर लेख संपादित
वेबसाइट के ‘हिस्ट्री ऑफ बिहार’ सेक्शन में लिखी समीक्षा में इंदिरा गांधी के शासन को ‘निरंकुश’ कहा गया है। समीक्षा में जय प्रकाश नारायण का जिक्र करते हुए कहा गया है कि जेपी ने ही इंदिरा गांधी के निरंकुश शासन और उनके छोटे बेटे संजय गांधी का विरोध किया था।
जेपी के विरोध से गुस्साई इंदिरा सरकार ने उन्हें दिल्ली की तिहाड़ जेल में डाल दिया। समीक्षा में लिखा गया है कि जेपी के साथ जेल में बुरा व्यवहार किया गया।
इस लेख के सामने आने के बाद कांग्रेस में खलबली मच गई है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अशोक चौधरी ने कहा कि इंदिरा का शासनकाल पार्टी के लिए स्वर्णकाल है और हर कांग्रेसी को इस पर गर्व है। उन्होंने कहा कि वो मुख्यमंत्री से बात कर इस मामले पर अपनी आपत्ति रखेंगे।
विरोधियों ने सरकार और कांग्रेस पर साधा निशाना
वहीं, राजद नेता एवं उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा कि आपातकाल का इतिहास सबको मालूम है। इस दौरान सभी ने कांग्रेस के खिलाफ लड़ाई लड़ी थी। उन्होंने कहा कि जब वेबसाइट पर ये चीजें डाली गई थी, तब भाजपा भी सरकार में थी।लोजपा सुप्रीमो रामविलास पासवान ने कहा है कि लेख में क्या गलत लिखा हुआ है।
सांसद पप्पू यादव ने कहा कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव एवं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का कांग्रेस प्रेम नहीं बल्कि सत्ता प्रेम है। इस बीच, बिहार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मामले की जांच करने की बात कही है। जानकारों का मानना है कि मामला इतने से ही खत्म होने वाला नहीं है।
नीतीश सरकार आपातकाल के आंदोलनकारियों की जीवनी लिखवा रही है। आने वाले समय में कांग्रेस इस पर भी आपत्ति जताएगी, ऐसे में यह काम या तो धीमा होगा या बंद कर दिया जाएगा।