{"_id":"64722fd20831892ca20fd7d8","slug":"bihar-eyes-donated-after-the-death-of-ramkumar-hisaria-maa-blood-bank-blood-donation-dadhichi-dehdan-2023-05-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News : खून की जरूरत पर जेहन में आने वाले पहले नाम मुकेश हिसारिया के पिता का निधन, नेत्रदान कराया गया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News : खून की जरूरत पर जेहन में आने वाले पहले नाम मुकेश हिसारिया के पिता का निधन, नेत्रदान कराया गया
Sat, 27 May 2023 09:59 PM IST
आदित्य आनंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आदित्य आनंद
Updated Sat, 27 May 2023 09:59 PM IST
सार
Patna : रक्तदान अभियान के जरिए पूरे देश में फेमस होने वाले मुकेश हिसारिया के पिता रामकुमार हिसारिया का निधन हो गया। उनके पिता की इच्छा थी कि इहलोक सिधारने के बाद उनकी दोनों आंखों को दान कर दिया जाए।
विज्ञापन
नेत्रदान अभियान।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में कहीं भी कभी भी खून की जरूरत हो तो एक ही नाम जेहन में आता है, वो है मुकेश हिसारिया का। अपने रक्तदान अभियान के जरिए पूरे देश में फेमस होने वाले मुकेश हिसारिया के पिता रामकुमार हिसारिया का निधन हो गया। उनके पिता की इच्छा थी कि इहलोक सिधारने के बाद उनकी दोनों आंखों को दान कर दिया जाए। इसके बाद दधीचि देहदान समिति के महासचिव पदमश्री विमल जैन एवं मां ब्लड बैंक के समर्पित कार्यकर्ताओं के सदप्रयास से इंदिरा गाँधी आयुर्विज्ञान संस्थान, पटना के नेत्र अधिकोष की टीम द्वारा नेत्रदान की प्रक्रिया को पूरा किया गया I
विज्ञापन
नेत्रदान की पवित्र परंपरा को आगे बढ़ाया
ज्ञात हो कि कोरोना काल में इनकी माता जी का देहांत हुआ था परंतु उनका नेत्रदान संभव नहीं हो सका था जिसका मलाल रामकुमार हिसारिया को था I दो-तीन दिन पूर्व ही उन्होंने अपना नेत्रदान का संकल्प को पूरा कराने का अनुरोध मुकेश हिसारिया से किया था I यह नेत्रदान की पवित्र परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए दधीचि देहदान समिति बिहार ह्रदय से आभार व्यक्त करती है I
विज्ञापन
इन आंखों से 2-3 नेत्रहीनों को दृष्टि मिल सकेगी
दिवंगत रामकुमार हिसारिया की आंखों से 2-3 नेत्रहीनों को दृष्टि मिल सकेगी। मृत्यु निश्चित है परन्तु मृत्यु के पश्चात भी अमर होनें का श्रेष्ट तरीका है...नेत्रदान। इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान के नेत्र विभागाध्यक्ष डॉ विभूति प्रसन्न सिन्हा के निर्देश पर डॉ दृष्टि, मारुति नंदन एवं संजीता कुमारी ने कॉर्निया लेने की प्रक्रिया को पूरा किया। दधीचि देहदान समिति बिहार दिवंगत आत्मा की सदगति के लिए विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की है। समिति के महामंत्री पद्मश्री विमल जैन ने जागरूक नागरिकों से अनुरोध किया है कि मृत्यु को जीवन का अंत न बनाएँ, संकल्प लेकर नेत्रदान/अंगदान/देहदान करने का संकल्प ले और महर्षि दधीचि की इस परपंरा को अपनाकर पीड़ित मानवता की सेवा में अपना योगदान दें।
विज्ञापन