बिहार एमएलसी चुनाव: पटना स्नातक और शिक्षक सीट के लिए मतदान आज, नालंदा में 57 बूथों पर 34 हजार से अधिक मतदाता
बिहार के पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान हो रहा है। नालंदा जिले के 20 प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसरों में 57 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 34,551 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
विस्तार
बिहार में पटना स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के द्विवार्षिक विधान परिषद चुनाव के लिए शुक्रवार, 23 अक्टूबर को मतदान कराया जा रहा है। नालंदा जिले में निष्पक्ष, स्वतंत्र और शांतिपूर्ण मतदान संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं। जिले के 20 प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसरों में कुल 57 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 34 हजार 551 मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक होगा। गुरुवार शाम तक सभी मतदान कर्मियों को मतपेटियों, मतपत्रों और निर्वाचन संबंधी आवश्यक सामग्री के साथ निर्धारित मतदान केंद्रों के लिए रवाना कर दिया गया था। इन चुनावों में स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के प्रत्याशियों की किस्मत मतपेटियों में बंद होगी। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना 27 अक्टूबर को पटना में होगी, जबकि 31 अक्टूबर तक निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया संपन्न कर ली जाएगी।
20 प्रखंडों में बनाए गए 57 मतदान केंद्र, जानिए मतदाताओं का गणित
नालंदा जिले में पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के लिए अलग-अलग मतदान केंद्र बनाए गए हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के तहत जिले में कुल 31 हजार 851 मतदाता पंजीकृत हैं। इनके लिए 37 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। वहीं, पटना, नालंदा और नवादा जिलों को मिलाकर बने पूरे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 134 मतदान केंद्र हैं, जहां 87 हजार 583 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 66 हजार 462 पुरुष, 21 हजार 117 महिलाएं और चार अन्य मतदाता शामिल हैं।
दूसरी ओर, पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के तहत नालंदा जिले में कुल 2,700 शिक्षक मतदाता हैं। इनके लिए जिले के प्रत्येक प्रखंड में एक-एक मतदान केंद्र बनाया गया है। इस तरह पूरे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 80 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां 11 हजार 719 मतदाता मतदान करेंगे। मतदाताओं की सुविधा के लिए नालंदा के सभी 20 प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसरों में ही दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के मतदान केंद्र बनाए गए हैं। हालांकि, दोनों की व्यवस्था अलग-अलग रखी गई है। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का मतदान केंद्र मुख्य प्रखंड कार्यालय भवन में और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का मतदान केंद्र अंचल कार्यालय भवन में निर्धारित किया गया है, ताकि मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी या भ्रम का सामना न करना पड़े।
पटना स्नातक सीट पर 21 प्रत्याशी मैदान में, चार प्रमुख उम्मीदवारों के बीच मुकाबला
पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 21 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। प्रमुख राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज रही हैं। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की ओर से जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के उम्मीदवार नीरज कुमार चुनाव लड़ रहे हैं। वह लगातार चौथी बार जीत दर्ज करने के इरादे से मैदान में हैं। मोकामा निवासी और स्नातक शिक्षित नीरज कुमार बिहार सरकार में सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री रह चुके हैं। वर्तमान में वह जदयू के मुख्य प्रवक्ता हैं। वहीं, महागठबंधन की ओर से राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने दिलीप कुमार पटेल को प्रत्याशी बनाया है। स्नातकोत्तर तक शिक्षित दिलीप कुमार पटेल कुर्मी समाज से आते हैं और छात्र राजनीति के बाद से सामाजिक एवं राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय रहे हैं। वर्ष 2020 के स्नातक चुनाव में भी उन्होंने कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा था।
इस सीट पर जन सुराज पार्टी ने डॉ. अनुज कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। रिसोर्स जियोग्राफी में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त डॉ. अनुज शिक्षाविद् हैं। वह नवादा के एक प्रतिष्ठित परिवार से आते हैं और ट्रस्ट तथा शिक्षण संस्थानों के संचालन से जुड़े हैं। वह वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में भी अपनी राजनीतिक उपस्थिति दर्ज करा चुके हैं। वहीं, सीट बंटवारे को लेकर महागठबंधन में सहमति नहीं बनने के बाद कांग्रेस ने अलग प्रत्याशी उतारा है। पार्टी ने शिक्षाविद् डॉ. असदुल्लाह खान को अपना अधिकृत उम्मीदवार बनाया है। पीएचडी धारक डॉ. खान लंबे समय से उच्च शिक्षा, अल्पसंख्यक समुदाय और युवा स्नातकों से जुड़े मुद्दे उठाते रहे हैं। इस तरह स्नातक सीट पर जदयू, राजद, जन सुराज पार्टी और कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच मुकाबला देखने को मिल रहा है।
पटना शिक्षक सीट पर 22 उम्मीदवार, नवल किशोर यादव के सामने चुनौती
पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 22 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता प्रो. नवल किशोर यादव पिछले करीब तीन दशकों से चुनाव जीतते रहे हैं। वह लगातार पांच बार विधान परिषद सदस्य चुने जा चुके हैं। विश्वविद्यालय के प्राध्यापक होने के साथ-साथ उन्हें शिक्षक राजनीति का अनुभवी चेहरा माना जाता है। प्रो. नवल किशोर यादव के सामने राजद ने शिक्षक नेता और प्राध्यापक डॉ. संजीव कुमार सिंह को उम्मीदवार बनाया है। एमए और पीएचडी की डिग्री रखने वाले डॉ. सिंह विश्वविद्यालय की सीनेट और शिक्षक संगठनों में सक्रिय रहे हैं।
जन सुराज पार्टी ने इस सीट पर शिक्षाविद् डॉ. दिव्या ज्योति को मैदान में उतारा है। पटना जिले के बाढ़ की मूल निवासी डॉ. दिव्या ज्योति चाणक्य कॉलेज ऑफ हायर स्टडीज में सहायक प्रोफेसर हैं और चाणक्य फाउंडेशन की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी हैं। उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में करीब ढाई दशक का अनुभव है। वह पुरानी पेंशन बहाली और महिला शिक्षकों से जुड़े मुद्दों पर काम करती रही हैं। कांग्रेस ने भी इस सीट पर राजद से अलग प्रत्याशी उतारा है। पार्टी ने शिक्षक के रूप में कार्यरत और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त डॉ. संजय कुमार यादव को उम्मीदवार बनाया है। वह शिक्षक समाज के विभिन्न वर्गों के बीच अपने संपर्क के आधार पर समर्थन जुटाने में लगे रहे हैं। इस तरह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा, राजद, जन सुराज पार्टी और कांग्रेस के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला है।
महागठबंधन में अलग-अलग प्रत्याशी, चुनावी समीकरण हुआ जटिल
इस बार दोनों एमएलसी सीटों पर प्रमुख राजनीतिक दलों के बीच गठबंधन की खींचतान और आंतरिक मतभेद चुनावी समीकरण को प्रभावित कर रहे हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में जदयू के आधिकारिक उम्मीदवार नीरज कुमार को उस समय चुनौती का सामना करना पड़ा, जब मोकामा के जदयू विधायक अनंत सिंह ने उनका विरोध करते हुए जन सुराज पार्टी के उम्मीदवार डॉ. अनुज कुमार सिंह को समर्थन दे दिया। अनंत सिंह ने डॉ. अनुज के पक्ष में प्रचार भी किया। दूसरी ओर, विपक्षी खेमे में सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनने के कारण राजद और कांग्रेस के उम्मीदवार एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं। स्नातक सीट पर राजद के दिलीप कुमार पटेल और कांग्रेस के डॉ. असदुल्लाह खान आमने-सामने हैं। इसी तरह शिक्षक सीट पर राजद के डॉ. संजीव कुमार सिंह के मुकाबले कांग्रेस ने डॉ. संजय कुमार यादव को उम्मीदवार बनाया है। दोनों सीटों पर एक ही गठबंधन से जुड़े दलों के अलग-अलग प्रत्याशी होने के कारण मतों के बंटवारे की संभावना भी चुनावी चर्चा का विषय बनी हुई है। इसके अलावा जदयू के उम्मीदवार के खिलाफ अनंत सिंह के रुख ने स्नातक सीट के राजनीतिक समीकरण को और जटिल कर दिया है। ऐसे में दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव परिणाम पर राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की नजरें टिकी हैं।
27 अक्टूबर को होगी मतगणना, 31 अक्टूबर तक पूरी होगी चुनाव प्रक्रिया
पटना स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव के लिए 29 सितंबर को अधिसूचना जारी होने के साथ नामांकन प्रक्रिया शुरू हुई थी। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि छह अक्टूबर निर्धारित थी। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच और नौ अक्टूबर तक नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद प्रत्याशियों की अंतिम सूची स्पष्ट हुई। अब शुक्रवार को सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक मतदान कराया जा रहा है। चुनाव आयोग के निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, पटना, नालंदा और नवादा जिलों को शामिल करने वाले दोनों निर्वाचन क्षेत्रों की मतगणना 27 अक्टूबर को पटना में होगी। वहीं, निर्वाचन की पूरी प्रक्रिया 31 अक्टूबर तक संपन्न कर ली जाएगी। जिला प्रशासन ने शांतिपूर्ण और व्यवस्थित मतदान के लिए आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।