Bihar By Election 2024 : तेजस्वी यादव के साथ लालू प्रसाद भी नाकाम; महागठबंधन को तीन सीटों का क्यों हुआ नुकसान?
Bihar Election Result: बिहार विधानसभा की जिन चार सीटों पर उप चुनाव हुआ था, उनमें से तीन सीटें महागठबंधन के पास थीं और एक राजग के पास। अब चारों सीटें राजग के पास हैं। इस उप चुनाव में तेजस्वी यादव ने तो ताकत झोंकी ही, लालू प्रसाद भी उतरे थे। फिर ऐसा क्यों हुआ?
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बिहार विधानसभा की चार सीटों के लिए 13 नवंबर को हुए मतदान के बाद 23 नवंबर को हुई मतगणना ने सियासी तस्वीरों को स्पष्ट कर दिया। कई दावों की पोल जनता ने खोलकर रख दी। यह चार सीटों का उपचुनाव था। इसे विपक्ष यानी महागठबंधन सेमीफाइनल भी बता रहा था। अब इस सेमीफाइनल की बात को दोहराने के लिए विपक्ष सामने नहीं आ रहा है क्योंकि इस बार चार-शून्य से महागठबंधन को हार मिली है। चार में से तीन सीटें महागठबंधन के पास थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनता दल के पास दो सीटें थी जबकि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मार्क्सवादी लेनिनवादी के पास एक सीट थी।
चार-शून्य के गणित से महागठबंधन ध्वस्त हो चुका है
शनिवार दोपहर तक चारों सीटों पर उपुचनाव के नतीजे सामने आए तो सियासी गलियारे के एक खेमे में जश्न का माहौल है और दूसरे में मायूसी। तीन सीटों पर 2020 के विधानसभा चुनाव में जीतने वाले महागठबंधन को हार मिली। वहीं राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक हिंदुस्तानी आवामी मोर्चा ने अपनी एक सीट कायम रखी। यानी तीन-एक के मुकाबले जहां महागठबंधन आगे था वहां अब चार-शून्य के गणित से महागठबंधन ध्वस्त हो चुका है। तीन सीटों (रामगढ़, बेलागंज, तरारी) पर प्रतिष्ठा बचाने और एक सीट (इमामगंज) को जीतने के लिए तेजस्वी यादव ने कोई कसर नहीं छोड़ी थी। राजद का गढ़ माने जाने वाले बेलागंज में राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव खुद भी प्रचार के लिए उतरे थे। उन्होंने जहानाबाद के सांसद सुरेंद्र यादव के बेटे डॉ. विश्वनाथ के लिए वोट भी मांगा। मुस्लिम-यादव पर भी खूब फोकस किया था। दिवंगत शहाबुद्दीन के बेटे ओसामा को भी बुलाया गया। लेकिन, इन सबके बावजूद राजद जीत नहीं मिली। हां, जीत के साथ बेलागंज जदयू की इंट्री जरूर हो गई।
जदयू-भाजपा के बीच समन्वय का भी दिखा असर
अब सवाल है कि क्या जनता ने तेजस्वी यादव के साथ-साथ लालू प्रसाद यादव को भी आईना दिखा दिया है? यह सेमीफाइनल नहीं था। इसमें अलग-अलग तरह के समीकरण और स्थानीय मुद्दे हावी रहे। कुछ राजनीतिक पंडित इसे लोकसभा चुनाव का असर भी बता रहे। क्योंकि इन सीटों पर जिन्हें जनता ने 2020 में चुनाव था, उनमें से कुछ लोकसभा चुनाव में जीत कर संसद पहुंचे। राजनीतिक पंडितों की मानें तो चुनाव के पहले सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की महाबैठक हुई थी। इसमें सबसे ज्यादा फोकस आपसी समन्वय बनाने पर दिया गया था। बार बार प्रमुख नेता एक होकर लड़ने की बात कर रहे थे। चारों सीटों पर यह फैक्टर साफ साफ दिखा।
जनता ने तीन सीटों पर जनसुराज को तीसरे नंबर ला दिया
इतना ही नहीं चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के दावे की भी पोल खुल गई। दो अक्टूबर को जब प्रशांत किशोर ने अपनी नई पार्टी जनसुराज का एलान किया तो उसी वक्त बेलागंज, इमामगंज, तरारी और रामगढ़ में उम्मीदवार उतारे की भी बात कही थी। प्रशांत किशोर ने इन चारों सीटों पर जीत का दावा भी किया था। लेकिन, जनता ने तीन सीटों पर जनसुराज को तीसरे नंबर और एक सीट पर चौथे नंबर पर ला दिया। आइए जानते हैं जनता ने किस सीट पर किस प्रत्याशी को चुना....
बेलागंज और इमामगंज में एनडीए प्रत्याशियों की जीत
बेलागंज और इमामगंज विधानसभा उपचुनाव के नतीजे सामने आ चुके हैं। दोनों विधानसभा में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के प्रत्याशियों ने बाजी मार ली है। महागठबंधन दूसरे और प्रशांत किशोर की पार्टी को तीसरे नंबर पर जनता ने पहुंचा दिया। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की बहू दीपा मांझी इमामगंज से अपनी किस्मत आजमा रही थीं। मतगणना की शुरुआत में वह पीछे चल रही थी। लेकिन, पांचवे राउंड की गिनती में उन्होंने आगे चल रहे राजद के रोशन मांझी को पछाड़ दिया। इसके लिए लगातार बढ़त बनाईं रहीं। 5,945 वोटों के अंतर से उन्होंने जीत हासिल की। जनसुराज के प्रत्याशी जितेंद्र पासवान तीसरे नंबर पर रहे। बेलागंज में जदयू की मनोरमा देवी को 72178 वोट मिले। राजद उम्मीदवार विश्वनाथ कुमार सिंह को 51210 वोट मिले। इस तरह मनोरमा देवी ने राजद प्रत्याशी को 20993 मतों से हरा दिया।
तरारी से भाजपा ने भाकपा माले को हराया
तरारी उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी विशाल प्रशांत 10612 वोट से जीत चुके हैं। जिला निर्वाचन आयोग ने विशाल प्रशांत तरारी विधानसभा का नया विधायक घोषित कर दिया है। विशाल ने 10612 से भाकपा माले के राजू यादव को हरा दिया। विशाल प्रशांत को 78755 वोट मिले। वहीं भाकपा माले के राजू यादव को 68143 वोट मिले। जनसुराज की किरण देवी 5622 वोट पाकर तीसरे नंबर पर रहीं। 3560 मतदाताओं ने नोटा बटन दबाया।
रामगढ़ में भाजपा ने बसपा को हराया
रामगढ़ विधानसभा में वोटों की गिनती खत्म हो गई। शुरुआत के कुछ राउंड में बसपा प्रत्याशी सतीश यादव ने बढ़त बनाए रखा। इसके बाद भाजपा प्रत्याशी अशोक सिंह पहले नंबर पर आए। कम अंतर से वह आगे बढ़ते गए। फाइनल राउंड में वह 1362 वोट से जीत गए। उन्हें 62257 वोट मिले हैं। वहीं दूसरे नंबर पर बसपा के सतीश यादव रहे। इन्हें 60895 वोट मिले हैं। वहीं तीसरे नंबर पर राजद के अजीत सिंह रहे। इन्हें 35825 वोट मिले हैं। चौथे नंबर पर प्रशांत किशोर की पार्टी के उम्मीदवार सुशील कुशवाहा रहे। इन्हें 6513 वोट मिले हैं।