विरासत की जंग में उलझे लालू के दोनों लाल
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बिहार विधानसभा चुनाव में वैशाली जिले पर पूरे सूबे की निगाहें टिकी हैं। चुनावी राजनीति से दूर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के दोनों बेटे तेजस्वी यादव और तेज प्रताप राघोपुर और महुआ विधानसभा सीट पर अपने पिता की सियासी विरासत हासिल करने की जंग लड़ रहे हैं।
विरासत की जंग की महत्व का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने अपने बड़े बेटे तेजप्रताप के लिए बीते एक हफ्ते से डेरा डाल दिया है।
जंग रोचक इस लिहाज से भी है कि इन दोनों सीटों के निवर्तमान विधायक इस बार पाला बदल कर महागठबंधन के उम्मीदवार के सामने हैं।
बीते चुनाव में बतौर जदयू उम्मीदवार राबड़ी को हराने वाले यादव बिरादरी के सतीश कुमार इस बार भाजपा के टिकट पर तेजस्वी के सामने हैं। जबकि महुआ में बतौर जदयू उम्मीदवार जीत हासिल करने वाले रवींद्र राय इस बार हम के टिकट पर तेजप्रताप के सामने हैं।
विरासत की जंग में उलझे तेजस्वी-तेजप्रताप
राघोपुर की जंग कुछ ज्यादा ही रोचक है। यादव और राजपूत बाहुल्य इस सीट पर राजद और भाजपा उम्मीदवारों की निगाहें स्वजातीय मतदाताओं को लुभाने के साथ राजपूत मतदाताओं को साधने की है।
यहां राजपूत मतदाताओं का रुख उम्मीदवार का भविष्य तय करेगा। इस बीच सपा ने बाहुबली नेता बृजनाथी सिंह को चुनाव मैदान में उतार कर मुकाबले को रोचक बना दिया है।
तेजस्वी के लिए राहत की बात यह है कि विदुपुर, कंचनपुर, सैदपुर गणेश, पकौली, पकड़ी बाजार में यादव मतदाता उनके नाम पर एकजुट दिखते हैं।
विदुपुर के रामनरेश यादव का मानना है कि तेजस्वी भावी सरकार में उपमुख्यमंत्री बनेंगे तो क्षेत्र का विकास होगा। जबकि सैदपुर गांव के जोरावर सिंह कहते हैं महागठबंधन आने से जाति की राजनीति शुरू होगी।
इसलिए राजपूत बिरादरी राजग का साथ देगी। कंचनपुर के युवा किशोर पटेल तेजस्वी के बाहरी होने का मामला उठाते हैं। वह पूछते हैं छपरा छोड़ कर तेजस्वी यहां क्यों आए हैं।
बेटों के लिए राबड़ी ने डाला डेरा, पर कांटे का है मुकाबला
महुआ में खुद राबड़ी ने चुनाव को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़ लिया है। मुकाबला कांटे का है, इसका अहसास इस बात से हो जाता है कि राबड़ी बीते एक हफ्ते से हर घर का दरवाजा खटखटाने में लगी हैं।
तेजप्रताप की मुश्किल यह है कि राजद के उम्मीदवार रहे जागेश्वर राय न केवल यादव बिरादरी के हैं, बल्कि वह जनअधिकार पार्टी से चुनाव मैदान में हैं।
छतवारा के गुलटन यादव तेजप्रताप में लालू जैसा तेज नहीं पाते हैं। सदापुर के अति पिछड़ी बिरादरी के निर्मल साव कहते हैं रवींद्र राय का टिकट काट कर नीतीश से अच्छा नहीं किया। उन्होंने क्षेत्र में अच्छा काम किया है।
विशुनपुर में नाई जाति के नरेश ठाकुर का मानना है राबड़ी का इलाके में डेरा डालने से तेजप्रताप के पक्ष में माहौल बनेगा। चकम जाहिद, अदरा में भी मतदाता फैसले पर बंटे बंटे दिखे। अदरा के रविंद्र राय को टिकट न देने का सवाल उठाते हैं।