चुनाव आयोग ने भाजपा को दिया झटका
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चुनाव आयोग ने रेल मंत्रालय को बिहार से गुजरने वाली ट्रेनों में किसी भी प्रकार की रियायत नहीं देने की चेतावनी दी है। आचार संहिता के प्रभावी रहने तक ट्रेनों में रियायतों पर रोक लगा दी गई है। दरअसल विकास एक्सप्रेस को रेलवे से रियायत मिली थी जिस पर महागठबंधन ने आपत्ति जताई थी।
कांग्रेस, जदयू और राजद के महागठबंधन का आरोप है कि विकास एक्सप्रेस के जरिए भाजपा की ओर से पार्टी कार्यकर्ताओं और युवकों को भाजपा शासित प्रदेशों में भ्रमण कराया जा रहा है।
महागठबंधन ने इसे आचार संहिता का उल्लंघन बताया। आरोप है कि इस बहाने युवकों को चुनाव के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। इस भ्रमण कार्यक्रम के लिए विकास एक्सप्रेस के नाम से ट्रेन की बुकिंग हुई जिसमें रेलवे की ओर से रियायत दी गई।
चुनाव तक ट्रेनों में रियायत पर लगाई रोक
आयोग ने रेलवे बोर्ड के चेयरमैन को बिहार चुनाव तक संबंधित क्षेत्र में किसी विशेष ट्रेन को विशेष रियायत नहीं देने को सुनिश्चित करने को कहा है।
यह व्यवस्था बिहार में चुनाव प्रक्रिया खत्म होने तक यानी 12 नवंबर तक बनी रहेगी। आयोग ने आचार संहिता लागू होने के बाद चलाई गई किसी भी तरह की विशेष ट्रेन के बारे में विस्तृत ब्योरा भी तलब किया है।
आयोग ने रेलवे से स्पष्टीकरण मांगा है कि किसी प्रकार की विशेष रियायत देते वक्त आयोग से अनुमति क्यों नहीं ली गई। महागठबंधन ने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करते हुए भाजपा को फायदा पहुंचा रही है।
इसी क्रम में रेलवे मंत्रालय से विशेष ट्रेन को रियायत दी गई। महागठबंधन का आरोप है कि ट्रेन में यात्रा के लिए 60 प्रतिशत तक रियायत दी गई जिससे केंद्रीय खजाने को नुकसान हुआ।