पीएम मोदी बोले- एससी/एसटी आरक्षण को हमने ही 10 वर्षों के लिए आगे बढ़ाया, इन्होंने सिर्फ झूठ फैलाया
{"_id":"5f9e38358ebc3e9b7f070262","slug":"bihar-election-2020-live-updates-pm-modi-address-rally-in-chhapra-samastipur-motihari-bagha-nda-rjd-ljp-jdu","type":"live","status":"publish","title_hn":"पीएम मोदी बोले- एससी\/एसटी आरक्षण को हमने ही 10 वर्षों के लिए आगे बढ़ाया, इन्होंने सिर्फ झूठ फैलाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sun, 01 Nov 2020 04:28 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Sneha Baluni
Updated Sun, 01 Nov 2020 04:28 PM IST
खास बातें
बिहार विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को लालू के गढ़ छपरा में एक चुनावी रैली को संबोधित किया। इसके बाद उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ समस्तीपुर में चुनावी सभा की। फिर समस्तीपुर में प्रधानमंत्री ने तीसरी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान किसानों के खाते में करोड़ों रुपये पहुंचे हैं, इससे उनको लाभ हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि बिहार के युवाओं को बिहार में ही अच्छा और सम्मानजनक रोजगार मिले, ये बहुत जरूरी है। सवाल ये है कि ये कौन दिला सकता है? विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि इस चुनाव मे जंगलराज वालों के साथ नक्सलवाद के समर्थक, देश के टुकड़े-टुकड़े करने की चाहत रखने वालों के समर्थक भी शामिल हो गए हैं। महागठबंधन पर कटाक्ष करते हुए कहा कि हमें बिहार के गरीब भाइयों-बहनों को पक्के घर देने की चिंता है। जंगलराज वालों को चिंता है कि अपनी तिजोरी कैसे भरें। अब वे बगहा में आखिरी रैली को संबोधित कर रहे हैं। यहां पढ़ें इससे जुड़े अपडेट्स-
विज्ञापन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लाइव अपडेट
04:25 PM, 01-Nov-2020
एससी/एसटी आरक्षण पर बोले पीएम मोदी
- पीएम मोदी ने कहा कि इन लोगों ने झूठ फैलाया कि एनडीए एससी/एसटी आरक्षण को खत्म कर देगी। लेकिन आपको मालूम है कि हमारी सरकार ने ही 10 वर्षों के लिए आरक्षण को आगे बढ़ाया है।
- बिहार में चंपारण थारू जनजाति के साथियों के तप, त्याग और तपस्या का प्रतीक है। थारू समुदाय की पीढ़ियों ने जनजाति का दर्जा पाने के लिए लंबा इंतजार किया। ये अटल जी की ही सरकार थी, जिसने थारु समुदाय को जनजाति का दर्जा दिया।
04:09 PM, 01-Nov-2020
आज जम्मू कश्मीर और लद्दाख शांति से विकास के नए पथ पर अग्रसर है
जब जम्मू कश्मीर से धारा-370 हटाई गई तब भी इन्होंने कहा कि आग लग जाएगी, खून की नदियां बह जाएंगी। न जाने क्या क्या बोला गया। आज जम्मू कश्मीर और लद्दाख शांति से विकास के नए पथ पर अग्रसर हैं।जब नागरिकता संशोधन कानून आया तो इन्होंने झूठ फैलाया कि बहुत सारे नागरिकों की नारिकता चली जाएगी।
आज एक साल होने को है, लेकिन क्या किसी भी भारतीय की नागरिकता गई है? इन्होंने सिर्फ झूठ बोलकर, लोगों को डराकर हमेशा अपने स्वार्थ की सिद्धि करते रहे हैं।
आज एक साल होने को है, लेकिन क्या किसी भी भारतीय की नागरिकता गई है? इन्होंने सिर्फ झूठ बोलकर, लोगों को डराकर हमेशा अपने स्वार्थ की सिद्धि करते रहे हैं।
विज्ञापन
03:38 PM, 01-Nov-2020
चंपारण से गांधी जी ने गांव के स्वाबलंबन के अपने विजन को आगे बढ़ाया
- आज चंपारण को एक बार फिर वही संकल्प लेना है जो उसने आजादी के समय लिया था। आज फिर चंपारण के लोगों को संकल्प लेना है कि जो भी आत्मनिर्भर बिहार, आत्मनिर्भर भारत के रास्ते में रोड़ा बन रहे हैं, उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से सबक सिखाया जाए।
- आज जब आत्मनिर्भर भारत अभियान के लक्ष्य को लेकर देश आगे बढ़ रहा है तो इसमें भी चंपारण अहम भूमिका निभाने वाला है। असल में बापू ने यहीं से स्वाबलंबन को सत्याग्रह का व्यापक हिस्सा बनाया था। यहीं से गांधी जी ने गांव के स्वाबलंबन के अपने विजन को आगे बढ़ाया।
- पीएम मोदी ने कहा लोग अपने घरों को सामने से सजाते नहीं थे, बड़े घर बनाते नहीं थे, अपने ही घर को सामने से पुराना करके रखते थे, क्योंकि उन्हें डर था, खौफ था।
- घर जितना अच्छा, किडनैपिंग उतनी जल्दी। घर जितना बड़ा, रंगदारी भी उतनी बड़ी। ये हाल कर दिया था इन लोगों ने बिहार का।
- बिहार ने वो दिन भी देखे हैं जब रंगदारी की शिकायत करने के लिए लोग किसी के पास जाते थे, तो उन्हें डबल रंगदारी देनी पड़ती थी।
- गाड़ी लूटी जाने की शिकायत करने के लिए लोग, जिसके पास अर्जी लेकर जाते थे, वो खुद लुटेरों के साथ घर में बैठा मिलता था।
03:25 PM, 01-Nov-2020
प्रधानमंत्री मोदी पश्चिमी चंपारण में चुनावी रैली को संबोधित कर रहे हैं
प्रधानमंत्री मोदी बिहार के पश्चिमी चंपारण में आखिरी चुनावी रैली को संबोधित कर रहे हैं।- आज चंपारण को एक बार फिर वही संकल्प लेना है जो उसने आजादी के समय लिया था। आज फिर चंपारण के लोगों को संकल्प लेना है कि जो भी आत्मनिर्भर बिहार, आत्मनिर्भर भारत के रास्ते में रोड़ा बन रहे हैं, उन्हें लोकतांत्रिक तरीके से सबक सिखाया जाए।
- चंपारण एक प्रकार से भारत की आस्था-आध्यात्म और हमारे सामर्थ्य को परिभाषित करने वाली धरती है। यहां बुद्ध के निशान भी हैं। यहां से भारत के स्वतंत्रता आंदोलन को भी नई दिशा मिली। ये पूज्य बापू के सत्याग्रह की धरती है।
- ये अपार प्यार, ये आपका आशीर्वाद, हम सबको एक नई शक्ति दे रहा है, नई ऊर्जा दे रहा है। मैं आपके प्यार को बार-बार नमन करता हूं।
02:27 PM, 01-Nov-2020
बिहार को बीमार बनाने वालों को आप दोबारा नहीं लाएंगे, वादा कीजिए
- जिस चीज को इस्तेमाल करने से आप को तकलीफ हुई है, क्या आप उस चीज को दोबारा इस्तेमाल करेंगे। चाहे उसका रंग-रूप कितना भी नया क्यों न हो? क्या आप फिर से उसको पसंद करेंगे। नई चीज, नया पैकेज में कितना भी अच्छा क्यों न हो, आप इसे 5 साल...10 साल...20 साल बाद इसे इस्तेमाल करेंगे। बिहार को बीमार बनाने वालों को आप दोबारा नहीं लाएंगे। इसका वादा कीजिए।
02:23 PM, 01-Nov-2020
बिहार को बीमार होने से बचाने के लिए एनडीए को वोट दीजिए
- बिहार के इस क्षेत्र में गन्ना भी देश की आत्मनिर्भरता और बिहार के युवाओं के रोजगार का एक बड़ा माध्यम बन सकता है। आज पेट्रोल और हवाई ईंधन में गन्ने से बने इथेनॉल की ब्लेंडिंग को बढ़ावा दिया जा रहा है। पहली बार इसके लिए व्यापक नीति बनाई गई है।
- बिहार को बीमार होने से बचाने के लिए, बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए, हर एक परिवार का, हर एक मतदाता का एक-एक वोट एनडीए यानी भाजपा, जदयू, हम पार्टी और वीआईपी पार्टी के उम्मीदवारों को ही पड़ना चाहिए।
- आत्मनिर्भर बिहार के निर्माण में बहुत बड़ी भूमिका हमारी बेटियों की है, हमारी बहनों की है। इसलिए जीविका दीदियों की भूमिका का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। आने वाले समय में बिहार की लाखों बहनों को इससे जोड़ने का लक्ष्य है।
विज्ञापन
विज्ञापन
02:20 PM, 01-Nov-2020
आत्मनिर्भर बिहार यहां के हर युवा की आकांक्षाओं को पूरा करने का रोडमैप है
- हाल में देश में मछलीपालन को बढ़ावा देने के लिए एक बहुत बड़ी योजना बिहार से ही लॉन्च की गई है। मत्स्य संपदा योजना के तहत हजारों करोड़ रुपये का निवेश मछली व्यवसाय से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए किया जा रहा है।
- खेती हो, पशुपालन हो, मछलीपालन हो, इससे जुड़े उद्योग और उद्यम आत्मनिर्भर चंपारण, आत्मनिर्भर बिहार का अहम हिस्सा हैं। पूर्वी चंपारण में ही कृषि अनुसंधान केंद्र बन चुका है। यहां डेयरी प्लांट भी लग चुका है, जिससे पशुपालकों को लाभ होता है।
- आत्मनिर्भर बिहार, यहां के हर युवा की आकांक्षाओं को पूरा करने का रोडमैप है। आत्मनिर्भर बिहार, यहां के गांव-गांव के सामर्थ्य को पहचान दिलाने का मार्ग है। आत्मनिर्भर बिहार, गांवों में उद्यम के, रोज़गार के अवसर तैयार करने का अभियान है।
- मैं पिछले साल चंपारण में सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह कार्यक्रम के समापन पर आया था। चंपारण सत्याग्रह के 100 वर्ष पूर्ण होने पर स्वच्छता का ये प्रयास करके इस क्षेत्र के लोगों ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को सच्ची श्रद्धांजलि दी है।
02:18 PM, 01-Nov-2020
जंगलराज का अंधेरा बिहार पीछे छोड़ चुका है
- आज बिहार प्रगति के जिस पथ पर है, वो बिहार का भविष्य और मजबूत करेगा, उसे और गौरवशाली बनाएगा। एनडीए के हम सभी साथी मिलकर इसी सोच को साकार करने में लगे हैं।
- जंगलराज का अंधेरा बिहार पीछे छोड़ चुका है, अब नई रोशनी में डबल इंजन की ताकत के साथ विकास का लाभ हमें बिहार के हर व्यक्ति तक पहुंचाना है।
- ये एनडीए की सरकार है जिसने बिहार की माताओं-बहनों के लिए लाखों शौचालय बनाकर उनकी परेशानी कम करने का प्रयास किया है।
- इन लोगों ने कभी बिहार की महिलाओं, बहनों-बेटियों को होने वाली परेशानी की चिंता नहीं की। वो खुले में शौच में जाने के लिए मजबूर थीं, उनकी सुरक्षा पर खतरा रहता था, लेकिन जंगलराज वाले, जंगल जैसे हालात बनाए रखना चाहते थे।
02:11 PM, 01-Nov-2020
जंगलराज का अंधेरा बिहार पीछे छोड़ चुका है
- जंगलराज वालों को चिंता है कि लालटेन कैसे जले। हमारा प्रयास है कि हर घर में चमकदार एलईडी बल्ब कैसे पहुंचे।
- जंगलराज का अंधेरा बिहार पीछे छोड़ चुका है, अब नई रोशनी में डबल इंजन की ताकत के साथ विकास का लाभ हमें बिहार के हर व्यक्ति तक पहुंचाना है।
- बिहार की महिलाएं, माताएं-बहनें खुले में शौच में जाने के लिए मजबूर थीं, उनकी सुरक्षा पर खतरा रहता था, लेकिन जंगलराज वाले, जंगल जैसे हालात बनाए रखना चाहते थे। एनडीए की सरकार ने बिहार की माताओं-बहनों के लिए लाखों शौचालय बनाकर उनकी परेशानी कम करने का प्रयास किया है।
- एनडीए का प्रयास है कि हम बिहार के अपने गरीब भाइयों बहनों को ज्यादा से ज्यादा पक्के घर कैसे दे सकें। जंगलराज वालों को चिंता है कि अपनी तिजोरी कैसे भरें। हमारी प्राथमिकता है कि बिहार के किसानों को, श्रमिकों को, बुजुर्गों को पैसे सीधे उनके बैंक खाते में डाल सकें।
02:08 PM, 01-Nov-2020
बिहार के युवाओं को अच्छा और सम्मानजनक रोजगार मिले ये बहुत जरूरी है
- आप याद करिए, जंगलराज की हालत तो ये थी कि जो उद्योग, जो चीनी मिले, दशकों से चंपारण और बिहार का अहम हिस्सा रही हैं, वो भी बंद हो गईं। अब तो इस चुनाव मे जंगलराज वालों के साथ नक्सलवाद के समर्थक, देश के टुकड़े-टुकड़े करने की चाहत रखने वालो के समर्थक भी शामिल हो गए हैं।
- जंगलराज वालों ने अगर कभी आपकी चिंता की होती तो बिहार विकास की दौड़ में इतना पिछड़ता नहीं। सच्चाई ये है कि इन्हें न पहले आपकी चिंता थी और न ही आज है। इनकी चिंता कुछ और है। जंगलराज वालों को चिंता है कि अपनी बेनामी संपत्ति कैसे छिपाएं।
- बिहार के युवाओं को बिहार में ही अच्छा और सम्मानजनक रोजगार मिले ये बहुत जरूरी है। सवाल ये है कि ये कौन दिला सकता है? वो लोग जिन्होंने बिहार अंधेरे और अपराध की पहचान दी! वो लोग जिनके लिए रोजगार देना करोड़ों की कमाई का माध्यम है।
- लॉकडाउन के दौरान किसानों के खाते में करोड़ों रुपये पहुंचे हैं, इससे उनको लाभ हुआ है। बाहर से आए मजदूरों के लिए मुफ्त राशन कार्ड की व्यवस्था की गई है। अब पूरे देश में एक ही राशन कार्ड बनाया जा रहा हैं, ताकि पूरे देश में हमारे श्रमिक साथी कहीं भी अपने हस्से का राशन ले सकें।