Bihar : कितनी गाड़ियों के साथ कैबिनेट बैठक में कौन मंत्री पहुंचे? पीएम मोदी की अपील पर CM का काफिला कितना घटा?
Petrol Crisis : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से वाहनों का उपयोग कम करने की अपील की। असर मंत्रियों तक पहुंच चुका है। आम आदमी को संदेश देने के लिए काफिला छोटा हो गया। ऐसे में सीएम के काफिले की गाड़ियों के कारण चर्चा गरम है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से पेट्रोल-डीजल से चलने वाले वाहनों का उपयोग कम करने की अपील का असर अब बिहार सरकार के मंत्रियों के काफिलों पर भी दिखने लगा है। बुधवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक में शामिल होने पहुंचे कई मंत्रियों ने अपने वाहनों की संख्या में कटौती की। खासकर जनता दल यूनाइटेड कोटे के अधिकांश मंत्रियों ने सादगी का संदेश देते हुए छोटे काफिले के साथ सचिवालय पहुंचना बेहतर समझा। कई मंत्री तो एक ही गाड़ी में साथ पहुंचे। हालांकि, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के काफिले में वाहनों की संख्या पहले जैसी ही नजर आई। मुख्यमंत्री इलेक्ट्रिक वाहन से पहुंचे, लेकिन उनके साथ कुल 19 गाड़ियों का काफिला रहा।
दिलीप जायसवाल कितनी गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचे
कैबिनेट बैठक के दौरान सचिवालय परिसर में अलग-अलग मंत्रियों के काफिलों की चर्चा होती रही। मंत्री अशोक चौधरी, जमा खान और मदन सहनी एक ही वाहन में पहुंचे। वहीं मंत्री दामोदर रावत अकेले एक गाड़ी से सचिवालय पहुंचे। मंत्री दिलीप जायसवाल सबसे ज्यादा पांच गाड़ियों का काफिला लेकर पहुंचे। जबकि मंत्री लखेन्द्र पासवान, निशांत कुमार और संतोष कुमार सुमन एक नहीं बल्कि चार-चार गाड़ियां का काफिला लेकर सचिवायल पहुंचे।
कौन कौन मंत्री तीन गाड़ी का काफिला लेकर पहुंचे?
मंत्री विजय कुमार सिन्हा तीन गाड़ियों के साथ पहुंचे, जबकि मंत्री मिथिलेश तिवारी दो वाहनों के साथ दिखे। मंत्री सुनील कुमार एक गाड़ी से पहुंचे। इधर, मंत्री श्वेता गुप्ता तीन गाड़ियों के साथ सचिवालय पहुंचीं। मंत्री दीपक प्रकाश और इंजीनियर शैलेंद्र तीन-तीन गाड़ियों के साथ पहुंचे। मंत्री शीला कुमारी एक गाड़ी, संजय टाइगर एक गाड़ी और रत्नेश सदा एक वाहन के साथ सचिवालय पहुंचे।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आम लोगों से क्या अपील की?
इधर, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने लोगों से सार्वजनिक यातायात के वाहनों का उपयोग करने की अपील की है। निजी और सरकारी ऑफिस में एक दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा लागू किया जाए। उन्होंने मंत्री और जनप्रतिनिधियों से भी गाड़ियों का उपयोग कम करने की अपील की। साथ ही सप्ताह में एक दिन 'नो व्हीकल डे' रखने की बात कही।
उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने क्या कहा?
मंत्री लेशी सिंह, श्रेयसी सिंह, श्रवण कुमार, बुलो मंडल ने भी अपने काफिले के वाहनों की संख्या कम कर दी है। यह चारों एक एक गाड़ी से सचिवालय पहुंचे। वहीं उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव दो गाड़ियों से सचिवालय पहुंचे। सचिवालय परिसर में दिनभर मंत्रियों के काफिलों और उनमें आई कटौती को लेकर चर्चा होती रही। उपमुख्यमंत्री विजय चौधरी ने कहा कि यह समय देशहित में सोचने का है और सभी लोगों को पेट्रोल-डीजल की बचत करनी चाहिए। हमलोगों भी अब जरूरत पड़ने पर ही यात्रा करेंगे। साथ ही गाड़ियों की संख्या भी कम कर रहे हैं।