Bihar News : नीतीश बाबू, हिम्मत है तो AIIMS को दिखाएं पोस्टमार्टम का वीडियो; सम्राट बोले- रिपोर्ट फर्जी है
Nitish Kumar : बिहार प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बारे में कहा कि 1995 से वह पलटीमार हैं। उनकी पुलिस ने भाजपा नेता की हत्या की और अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी पलटकर बनाया है।
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"13 जुलाई को पटना में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बिहार विधानसभा मार्च के दौरान लाठीचार्ज-भगदड़ में भाजपा के जहानाबाद जिला महामंत्री की सिर में चोट लगने से मौत हुई थी। हेड इंजरी की बात थी और पोस्टमार्टम में हार्ट फेल बता रही है नीतीश सरकार। नीतीश कुमार 1995 से पलटीमार हैं।" भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को अटल सभागार में मीडिया से यह बातें कही। उन्होंने किस विषय में क्या कहा, पूरी बात आगे पढ़ें।
लोकसभा चुनाव में जदयू का खाता भी नहीं खुलेगा
सम्राट चौधरी ने सीएम नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि जिस आदमी को उनके ही गठबंधन के लोग विश्वासपात्र नहीं मानते हैं, उनपर जनता क्या विश्वास करेगी। इसलिए बेंगलुरु से वह मुंह लटका कर चले आए। उन्हें विपक्षी एकता का संयोजक नहीं बनाया गया। सम्राट चौधरी ने कहा राजद बिहार की सबसे बड़ी पार्टी है। इनके कृपा से ही बिहार में महागठबंधन सरकार चल रही है। लेकिन, उनका पिछले लोकसभा चुनाव में क्या हाल हुआ था सब जानते हैं। भाजपा 2024 के लोकसभा चुनाव में 400 से अधिक सीट लाएगी। नीतीश कुमार का जदयू का तो खाता भी खुल पाएगा। यह कमजोर मुख्यमंत्री हैं। भाजपा के डर से सभी विपक्षी दल मिले रहेंगे लेकिन भाजपा सबको हराएगी।
भाजपा के आरोप पर पटना जिला प्रशासन का जवाब
पटना जिला प्रशासन ने भाजपा के जहानाबाद के जिला महमंत्री विजय कुमार सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट के हवाले से खुलासा किया है कि उनकी मौत हृदय रोग के कारण हुई। भाजपा नेताओं द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि भाजपा नेता विजय कुमार सिंह की मौत लाठीचार्ज से नहीं हुई थी। उनकी जान हृदय रोग और इससे जुड़ी जटिलता के कारण गई थी।
जेपी नड्डा द्वारा भेजी गई जांच ने लगाए थे गंभीर आरोप
वहीं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा द्वारा भेजी गई चार सदस्यीय जांच टीम के रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस मैनुअल को दरकिनार कर भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को कमर के ऊपर लाठीचार्ज किया गया। सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल समेत ज्यादा चोटिल लोगों के नाम के साथ उनकी हालत की जानकारी देते हुए उनकी आंखों देखी बातों के आधार पर जांच रिपोर्ट में यह भी लिखा गया है कि पुलिस पहले ही यह मंशा बनाकर बैठी थी कि उन्हें भाजपा के इस शांतिपूर्ण मार्च के दौरान नेताओं, कार्यकर्ताओं और समर्थकों को घेरकर पीटना है।