Bihar : मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पहुंचे जदयू अध्यक्ष ललन सिंह के निजी आवास पर, कुछ ही मिनट रहे
Bihar News : जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह का निजी आवास बोरिंग केनाल रोड में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को उनसे मिलना होता है तो बुला लेते हैं। लेकिन, गुरुवार शाम सीएम खुद उनके आवास पर पहुंच गए।
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निजी आवास पर गए, मुलाकात निजी ही कहेंगे। लेकिन, मुख्यमंत्री के हर कदम के मायने निकाले जाते रहे हैं। इसलिए, गुरुवार शाम की अस्वाभाविक बातों के भी मायने निकाले जाएंगे। निजी नहीं, राजनीतिक ही। क्योंकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को शाम ढलने के बाद जनता दल यूनाईटेड के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह के बोरिंग केनाल रोड स्थित निजी आवास पर पहुंचे थे। कुछ ही मिनट रहकर वह लौट भी गए, लेकिन बात निकली है तो दूर तक जा रही है कि आखिर इस मुलाकात के मायने क्या हैं? मुख्यमंत्री ने बाहर किसी से कुछ कहा नहीं और उसके बाद खबर भिजवाने के बावजूद 'अमर उजाला’ के रिपोर्टर से ललन सिंह की भेंट नहीं हो सकी। संभव है कि बात निजी भी हो, लेकिन बिहार की राजनीति में मुलाकातों को लेकर अनदेखी संभव नहीं। ऐसे में कोई अंदाजा लगाने की जगह सिर्फ इन दिनों के कुछ बयानों को जेहन में ला सकते हैं।
“तेजस्वी बनेंगे सीएम, ललन होंगे डिप्टी”
चार दिन पहले भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संजय जायसवाल ने पूर्णिया में कहा था- "जल्द ही जदयू में भारी टूट होगी। जदयू के 60 फीसदी नेता-कार्यकर्ता भाजपा और 40 प्रतिशत राजद में शामिल होने की तैयारी में हैं। तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन जाएं और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज्य के उप मुख्यमंत्री बन जाएं, यह भी संभव है। नीतीश कुमार को इसकी चिंता करनी चाहिए।"
“सीएम-डिप्टी बदलेंगे, महागठबंधन में भगदड़ मचेगी”
चार दिन पहले झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने विधानमंडल के मानसून सत्र के पहले दिन ट्वीट किया- “बिहार के राजनीतिक गलियारों में सुगबुगाहट है कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री बन सकते हैं और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष ललन सिंह उपमुख्यमंत्री। यह खबर सही हुई तो संभव है कि जदयू का विलय राष्ट्रीय जनता दल में हो जाए। मतलब साफ है कि आने वाले दिनों में महागठबंधन में भगदड़ मचने वाली है।"
"ललन सिंह ने ईडी और सीबीआई को पेपर दिए"
तीन दिन पहले भाजपा के राज्यसभा सांसद और बिहार पूर्व उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा था- "लालू यादव रेल मंत्री थे तो जमीन लिखवाकर लोगों को नौकरी देते थे। इस मामले में एके इन्फ़ोसिस्टम प्राइवेट लिमिटेड को तेजस्वी यादव ने एक लाख रुपये में खरीदा था। उस कंपनी के पास अब करोड़ों रुपये की संपत्ति है। उस मामले में 2017 में चार्जशीट फाइल नहीं हुई थी। इस केस को बंद कर दिया गया था। इसके सारे कागजात ललन सिंह और जदयू के लोगों ने ईडी और सीबीआई को उपलब्ध कराए।"
“तेजस्वी का इस्तीफा मांगने वाले ये बताएं”
दो दिन पहले जदयू अध्यक्ष ललन सिंह लखीसराय गए थे। यह उनका संसदीय क्षेत्र हैं, जहां कुछ दिनों पहले भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री अमित शाह आए थे। ललन सिंह ने लखीसराय में कहा- "दूसरे दलों के सारे नेता भ्रष्ट हैं, लेकिन जैसे ही वह भाजपा में जाते हैं तो ईमानदार का सर्टिफिकेट देकर पद तक दे दिया जाता है। तेजस्वी यादव से इस्तीफा मांगने वाले यह तो बताएं कि महाराष्ट्र में उप मुख्यमंत्री और मंत्री किसे बनाया? भाजपा लोगों का विश्वास खो चुकी है, इसलिए तेजस्वी यादव के नाम पर नीतीश कुमार पर निशाना साध रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार विकास एवं ईमानदारी के बल पर बिहार में शासन कर रहे हैं।"