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आम लोगों से संवाद के बाद शराबबंदी पर नीतीश बुलाएंगे सर्वदलीय बैठक
टीम डिजीटल/ अमर उजाला /दिल्ली
Updated Mon, 14 Nov 2016 07:32 PM IST
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- फोटो : PTI
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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि शराबबंदी से किसी तरह का समझौता नहीं होगा। इसका समाज में इतना अच्छा प्रभाव हुआ है कि इस पर अब केवल सुधार हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि शराब पीना और उसका व्यापार करना मौलिक अधिकार नहीं है। नीतीश ने कहा कि अगर एक्ट या उसके प्रावधानों में संशोधन की जरूरत है, तो इस पर चर्चा होनी चाहिए। वो शराबबंदी पर चर्चा चाहते हैं। उन्होंने कहा कि आम लोगों से चर्चा करने के बाद विधानमंडल के दोनों सदनों की बैठक भी बुलाएंगे।
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सोमवार को मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद में आयोजित लोक संवाद कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्रों से आए लगभग चालीस लोगों ने भाग लिया। उनमें से 39 लोगों ने शराबबंदी कानून से संबंधित अपने विचार रखे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने लोगों द्वारा दिए गए सुझावों को गंभीरता से सुना। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग शराबबंदी के पक्ष में हैं, वे शराबबंदी कानून का समर्थन भी करते हैं। आज लोगों के जीवन में आनंद आया है, उसे जाकर देखिए। शराबबंदी कानून लागू करना हमारा लक्ष्य है इसलिए कानून कड़ा बनाया गया है। लोग कहते हैं कि कानून तालिबानी कानून है, मैं उनसे राय मांगता हूं कि अपने सुझाव दें कि किस तरह से इस कानून को गैर तालिबानी कानून बनाया जाए।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि वो शराबबंदी के पक्ष में शुरू से थे। उन्होंने कहा, मैं बचपन से शराब के खिलाफ हूं। शुरू से मेरे मानस पटल पर यह अंकित हो गया था कि शराब बहुत खराब चीज है। जब पहली बार उनकी सरकार बनी उस वक्त भी उन्होंने विभिन्न विभागों की समीक्षा के दौरान उत्पाद विभाग के आंकड़ों को देखा तथा उन आंकड़ों का मिलान अन्य राज्यों के आंकड़ों से किया। उस वक्त देखा कि उत्पाद विभाग का राजस्व बहुत कम था। समीक्षा के क्रम में जब जानकारी लिया तो एक बात सामने आई कि बिहार में अवैध शराब का कारोबार ज्यादा है। शराब के व्यवसाय में मोनोपोली है। उस मोनोपोली को तोड़ा गया, जिससे सरकार का राजस्व बढ़ा। लोक संवाद कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव, वित्तमंत्री अब्दुलबारी सिद्दीकी, उत्पाद एवं मद्य निषेध मंत्री अब्दुल जलील मस्तान, ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव समेत सभी आला अधिकारी मौजूद थे।
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