फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Bihar Caste Census: Nitish Kumar reacts before ban on caste census, Patna High Court judgement, caste survey

Bihar Caste Census : जाति जन-गणना पर रोक से पहले CM नीतीश कुमार ने कहा- इक्का-दुक्का छोड़ कोई विरोध नहीं

Thu, 04 May 2023 03:18 PM IST
आदित्य आनंद न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: आदित्य आनंद Updated Thu, 04 May 2023 03:18 PM IST
सार

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि सबका जाति गिनती भी हो जाए, आर्थिक स्थिति की भी जानकारी मिल जाए। किसी भी जाति या समुदाय का हो। हमलोगों तो सबके हित में गणना कर रहे हैं। कोई कैसे विरोध कर रहा, यह समझ नहीं आ रहा है।

विज्ञापन
Bihar Caste Census: Nitish Kumar reacts before ban on caste census, Patna High Court judgement, caste survey
CM नीतीश कुमार। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बिहार में जातीय जन-गणना पर रोक लगा दी गई है। पटना हाईकोर्ट 3 जुलाई को इस मामले में फिर सुनवाई करेगी। तब तक के लिए इसपर रोक लगा दी गई है। वहीं हाईकोर्ट के डिसिजन से पहले गुरुवार को सीएम नीतीश कुमार से मीडिया ने जाति जन-गणना को लेकर सवाल पूछा। इसपर मुख्यमंत्री ने कहा कि सबका जाति गिनती भी हो जाए, आर्थिक स्थिति की भी जानकारी मिल जाए। किसी भी जाति या समुदाय का हो। हमलोगों तो सबके हित में गणना कर रहे हैं। कोई कैसे विरोध कर रहा, यह समझ नहीं आ रहा है। इसका मतलब लोगों को मौलिक चीज की समझ नहीं है।

विज्ञापन


अंग्रेजों के जमाने में तो जातीय गणना होती ही थी
गणना की डिमांड काफी दिन से हो रहा था। अंग्रेजों के जमाने में तो जातीय गणना होती ही थी। 1931 में यह गणना बंद हो गई। अब तो जो हर 10 साल पर भी होता था, वह भी नहीं हो रहा। जो गिनती देश में होती है, इसमें अल्पसंख्यक समुदाय और उनकी अलग-अलग जातियों की भी गिनती होती है। इसके अलावा अनुसूचित जाति-जनजाति की भी गिनती होती है। अब इतने लोगों की गिनती होती है तो हमलोगों ने कहा कि सब जाति की गिनती हो जाए चाहे वह पिछड़ा हो या ऊंची जाति के हों। अगर गणना हो जाए तो इससे नुकसान किसको है। सबके हित में हो रहा है। कोई किसी भी जाति का हो या किसी भी धर्म का हो, बिहार सरकार उनकी आर्थिक स्थिति की सुधार के लिए पहल कर रही है। इक्का-दुक्का को छोड़कर कोई विरोध नहीं कर रहा है। हम तो सबलोगों की राय से इसकी शुरुआत किए हैं। सबलोगों की सर्वसम्मति से सदन से यह पास किया गया। नौ पार्टियों की इसमें सहमति है।
विज्ञापन


वर्ष 2011 में एक अलग से जाति आधारित जनगणना की गई थी
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2021 में जनगणना होनी चाहिए थी लेकिन नहीं हुई। यह हर दस वर्ष पर होती है लेकिन पहली बार दस वर्ष पर नहीं हुआ है। वर्ष 2011 में एक अलग से जाति आधारित जनगणना की गई थी लेकिन उसको जारी नहीं किया गया। हमलोगों ने वर्ष 2019 में ही विधानसभा और विधानपरिषद् दोनों हाऊस से सर्वसम्मति से ये पारित किया कि पूरे देश में जाति आधारित जनगणना होनी चाहिए । हमलोगों ने केंद्र से दो-दो बार ऐसी मांग की। इसके लिए माननीय प्रधानमंत्री से भी मिले लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला और वहां से कहा गया कि आपलोगों को करना है तो अपना कीजिए। फिर हमने सभी पार्टी के लोगों के साथ मिलकर मीटिंग की और सभी पार्टी ने ये तय किया कि जाति आधारित गणना हो। यह सबलोगों की राय से किया जा रहा है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


पटना हाईकोर्ट ने जाति आधारित जन-गणना पर लगाई रोक
बिहार में जाति आधारित जन-गणना पर पटना हाईकोर्ट ने तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी। तीन जुलाई को अगलगी सुनवाई होगी, तब तक किसी भी तरह के रिपोर्ट बनाने पर रोक लगा दी गई है। यह आदेश गुरुवार दोपहर ढाई बजे के बाद चीफ जस्टिस की बेंच ने सुनाया। याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट अभिनव श्रीवास्तव और दीनू कुमार और बिहार सरकार की ओर से महाधिवक्ता पीके शाही ने अपना-अपना पक्ष रखा।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed