Bihar Board Second Topper : मां सिलाई मशीन चलाती है, पिता दिहाड़ी मजदूर; बेटे ने कैसे किया मैट्रिक में करिश्मा
'अमर उजाला' से बातचीत करते हुए आदर्श कुमार ने कहा कि बिहार का टॉपर बनकर काफी खुशी मिल रही है। मेरी सफलता में माता-पिता के साथ चाचा का योगदान रहा।
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बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (Bihar Board) ने मैट्रिक परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस बार समस्तीपुर के लाल आदर्श कुमार राज्य के दूसरे टॉपर बने हैं। उनके घर में बधाई देने वालों की भीड़ लग गई। 'अमर उजाला' से बातचीत करते हुए आदर्श कुमार ने कहा कि बिहार का टॉपर बनकर काफी खुशी मिल रही है। मेरी सफलता में माता-पिता के साथ चाचा का योगदान रहा।
इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता हूं
आदर्श ने बताया कि पिताजी दिल्ली में मजदूरी करते थे। मां भी सिलाई-कढ़ाई करती है। आर्थिक तंगी के कारण पढ़ाई-लिखाई थोड़ी परेशान जरूर हुई। लेकिन, परिवार के साथ ने मनोबल टूटने नहीं दिया। मैंने हिम्मत नहीं हारी। मेरे चाचा ने मेरी काफी मदद की। मुझे मेरे चाचा ने ही अपनी कोचिंग में पढ़ाया। मेरी सफलता के पीछे मेरा आत्मबल, माता-पिता का सहयोग और चाचा का आशीर्वाद रहा। आदर्श ने कहा कि मैं आईआईटी जाकर वहां से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करना चाहता हूं।
दिल्ली में मजदूरी करते हैं पिता
बता दें कि समस्तीपुर जिले के सदूर ग्रामीण इलाका विद्यापति नगर प्रखंड के दमदमा गांव का रहने वाला आदर्श गांव के ही मिर्जापुर स्थित हाई स्कूल में पढ़ाई की है। आदर्श के पिता रामनाथ महतो दिल्ली में एक निजी फैक्ट्री में मजदूरी करते हैं जबकि उनकी मां नीलम देवी घर में सिलाई-कढ़ाई कर परिवार चलती है। आदर्श भाई में अकेला है। दो बहनों में से एक सुमन कुमार की शादी हो चुकी है। वहीं अंजलि पढ़ाई कर रही है।
चाचा ने अपने कोचिंग में दी है शिक्षा
परिजनों का कहना है कि आदर्श के चाचा बैजनाथ महतो गांव में ही कोचिंग क्लास चलाते हैं। उन्होंने अपने कोचिंग में आदर्श को पढ़ाया। उसे मैट्रिक परीक्षा में बेहतर रिजल्ट करने के लिए तैयार किया। आदर्श की सफलता के बाद वह काफी खुश हैं। उन्होंने कहा कि आदर्श गांव के बच्चों के लिए प्रेरणा है। विपरीत परिस्थिति में भी आदर्श ने हिम्मत नहीं हारी और आज वह दूसरा टॉपर बन गया।