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Bihar News : उदयनिधि की मुश्किलें बढ़ीं, भोजपुर न्यायालय ने कहा- इस तारीख को उपस्थित हों, वरना होगी कार्रवाई
Tue, 12 Mar 2024 04:40 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Tue, 12 Mar 2024 04:40 PM IST
सार
Bihar : सनातन धर्म को मच्छर, डेंगू, मलेरिया या कोरोना की तरह खत्म करना होगा। सनातन धर्म का विरोध करने के बजाय इसे खत्म करना होगा, क्योंकि यह लोगों को जातियों में बांटता है। उदय निधि के इस बयान पर भोजपुर कोर्ट ने अब संज्ञान लिया है।
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व्यवहार न्यायालय भोजपुर और अधिवक्ता धरनीधर पांडेय।
- फोटो : अमर उजाला डिजिटल
विस्तार
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन के बेटे और युवा कल्याण एवं खेल विकास मंत्री उदयनिधि स्टालिन की मुश्किल अब बढ़ने वाली है। सनातन धर्म का अपमान करने के मामले में भोजपुर के न्यायालय ने संज्ञान लिया है।इस संबंध में न्यायालय ने का कहना है कि आरोपी 1 अप्रैल 2024 को भोजपुर कोर्ट में उपस्थित हो वरना न्यायालय आगे की कार्यवाई करेगी। उदय निधि स्टालिन के विरुद्ध आईपीसी 298 के तहत संज्ञान लिया गया है।
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पिछले साल हुआ था मामला दर्ज
इस संबंध में अधिवक्ता धरनीधर पांडेय ने बताया कि बीते वर्ष सितंबर 2023 में उदय निधि स्टालिन ने तमिलनाडु में एक कार्यक्रम में यह बयान दिया था कि सनातन धर्म को मच्छर, डेंगू, मलेरिया या कोरोना की तरह खत्म करना होगा। उदय निधि स्टालिन ने आगे कहा कि सनातन धर्म का विरोध करने के बजाय इसे खत्म करना होगा, क्योंकि यह लोगों को जातियों में बांटता है और भेदभाव को बढ़ावा देता है। उसके इस बयान के बाद अधिवक्ता धरनीधर पांडेय ने उदयनिधि के खिलाफ जिला मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी के यहां परिवाद दायर किया था, जिसमें उन्होंने कहा कि मैं सनातन धर्म का अनुयायी हूं और उदय निधि स्टालिन के द्वारा दिए गए घृणास्पद भाषण से मैं व्यथित हूं। उदय निधि स्टालिन का भाषण समाज में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाया है। उनका यह भाषण हिंदू धर्म के अनुयायियों का अपमान किया है।
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जानिए किस किस धारा के आरोपी बने हैं उदयनिधि स्टालिन
शिकायतकर्ता के मुख्य गवाह अधिवक्ता आदित्य कुमार का कहना है कि इस देश में किसी धर्म और जाति को लेकर टिप्पणी करना कानून और समाज दोनों के खिलाफ है। उदयनिधि स्टालिन के द्वारा सनातन धर्म के खिलाफ टिप्पणी करने के बाद भोजपुर न्यायालय में परिवाद दायर किया गया था। अब न्यायालय ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। इस संबंध में अधिवक्ता धरनीधर पांडेय ने बताया कि उनके इस शिकायत पर दफा 120(B),153(A),153(B),295(A) तथा 298 की धारा लगाईं गई है। उन्होंने कहा कि 1 अप्रैल 2024 को उन्हें स्वयं या फिर अपने अधिवक्ता के माध्यम से उन्हें उपस्थित होकर जमानत लेना होगा।
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