बिहार विधानसभा में सीएए-एनआरसी को लेकर हंगामा, एनपीआर को लेकर नीतीश ने कही ये बात
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नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर कई राज्यों में गतिरोध जारी है। ताजा मामला बिहार का है। जहां मंगलवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव द्वारा सीएए को काला कानून बताने पर सत्ता पक्ष और विपक्षी सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक और हंगामा हुआ। हंगामे की वजह से सदन की कार्यवाही कुछ देर के लिए स्थगित करनी पड़ी।
बिहार विधानसभा की मंगलवार को कार्यवाही शुरू होने पर प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी ने एनपीआर को लेकर विपक्षी दलों राजद, कांग्रेस और भाकपा माले द्वारा लाए गए कार्यस्थगन प्रस्ताव पर सबसे पहले चर्चा कराए जाने तथा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इसको लेकर स्थिति स्पष्ट किए जाने की मांग की।
राजद ने सीएए को बताया 'काला कानून'
तेजस्वी ने सीएए को काला कानून, संविधान विरोधी और देश को तोड़ने वाला करार दिया। इस पर भाजपा के मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि तेजस्वी संविधान का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने तेजस्वी से अपने बयान को वापस लिए जाने की मांग की, जिस पर विपक्षी सदस्यों ने आपत्ति जताई।
इसके बाद विपक्षी और सत्तापक्ष के सदस्यों के बीच नोकझोंक शुरू हो गई। भाजपा के मंत्री नंदकिशोर यादव और विजय कुमार सिन्हा ने यह कहते हुए विपक्ष पर कटाक्ष किया कि क्या संसद एक काला कानून पारित करती है?
वहीं, विधानसभा में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बताया कि राज्य सरकार ने केंद्र को पत्र लिखा है कि एनपीआर के तहत राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर 2010 में अंकित श्रेणियों से संबंधित सूचनाएं ही प्राप्त की जाएं जिससे लोगों को कठिनाई नहीं हो।