{"_id":"5f76eb3bb67fe4062f5dbeff","slug":"bihar-assembly-election-2020-nda-chirag-paswan-will-meet-amit-shah-and-jp-nadda-again-jdu-bjp-seats","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार चुनाव: लोजपा संसदीय दल की बैठक, आज फिर अमित शाह से मिलेंगे चिराग पासवान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार चुनाव: लोजपा संसदीय दल की बैठक, आज फिर अमित शाह से मिलेंगे चिराग पासवान
Fri, 02 Oct 2020 03:10 PM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: Sneha Baluni
Updated Fri, 02 Oct 2020 03:10 PM IST
विज्ञापन
अमित शाह-चिराग पासवान-जेपी नड्डा (फाइल फोटो)
- फोटो : PTI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार विधानसभा चुनाव के लिए तारीखों का एलान हो चुका है लेकिन एनडीए या महागठबंधन में सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है। वहीं चिराग पासवान की पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के एनडीए और गठबंधन में रहने को लेकर सस्पेंस बरकरार है। इसी समस्या को सुलझाने के लिए आज एक बार फिर लोजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे।
विज्ञापन
सूत्रों का कहना है कि भाजपा चाहती है कि चार अक्तूबर को दिल्ली में होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले सभी दलों में सहमति बन जाए। जिससे प्रत्याशियों के नामों की घोषणा की जा सके। राज्य में प्रथम चरण के लिए 28 अक्तूबर को चुनाव होने हैं। ऐसे में एक अक्तूबर से प्रथम चरण के लिए प्रत्याशियों का नामांकन शुरू हो गया है। हालांकि लोजपा एनडीए गठबंधन में रहेगी या नहीं इसे लेकर स्थिति साफ नहीं है।
विज्ञापन
लोजपा साल 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के साथ थी और उसने 42 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। वहीं जनता दल यूनाइटेड (जदयू) लालू यादव के महागठबंधन का हिस्सा थी। इस बार जदयू एनडीए का हिस्सा है। इस वजह से जदयू की दावेदारी के बाद लोजपा को 2015 के बराबर सीटे नहीं मिल सकती है। वहीं चिराग पासवान इसी मांग को लेकर अड़े हुए हैं।
विज्ञापन
यह भी पढ़ें- बिहार चुनाव: अमित शाह और नड्डा के साथ चिराग पासवान ने की बैठक, नीतीश से अपनी शिकायतों पर रखी बात
यह बात भी सामने आ रही है कि यदि लोजपा एनडीए में रहकर चुनाव लड़ती है तो उसके हिस्से में कौन-कौन सी सीटें आएंगी। यह फिलहाल तय नहीं है। साल 2015 में लोजपा को दो सीटों पर जीत हासिल हुई थी। इसी बीच लोजपा अध्यक्ष की भाजपा के आला नेताओं से कई दौर की बात हो चुकी और यह सिलसिला अब भी जारी है। दूसरी ओर अब तक लोजपा से खफा जदयू के सुर भी बदलते हुए नजर आ रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि भाजपा चाहती है कि चार अक्तूबर को दिल्ली में होने वाली केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक से पहले सभी दलों में सहमति बन जाए। बता दें कि बुधवार से दिल्ली और पटना में घटक दलों की बैठकों का दौर जारी है।