हमें कुछ और बताया गया घोषणा कुछ और की: चिराग
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन में सीटों के बंटवारे की घोषणा बेशक हो गई हो लेकिन यह रार अभी सुलझती नहीं दिख रही है। मांझी के बाद सीटों के मुद्दे पर अब पासवान भी नाराज बताए जा रहे हैं।
लोजपा संसदीय दल के नेता चिराग पासवान ने मंगलवार सुबह प्रेस कान्फ्रेंस करते हुए हालांकि सबकुछ सामान्य होने का दावा किया लेकिन वो यह कहने से भी नहीं चूके कि सीटों के बंटवारे पर उन्हें कुछ और फार्मूला बताया गया था और घोषणा कुछ और की गई।
जीतन राम मांझी से चल रही तनातनी पर उन्होंने सफाई दी कि पूर्व मुख्यमंत्री से उनका कोई विवाद नहीं है और न ही उनकी पार्टी उस फार्मूले के तहत आती है जिसके तहत सीटों का बंटवारा हुआ।
देर रात भाजपा अध्यक्ष से मिले चिराग पासवान
बीती देर रात भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात करने वाले चिराग पासवान ने कहा कि जिस फार्मूला के तहत पहली बार चुनाव में उतरने वाली उपेन्द्र कुशवाहा की रालोसपा को सीटों का बंटवारा किया गया था उसी फार्मूला के तहत उनकी पार्टी को भी सीटों का आवंटन होना चाहिए था।
हमें इस संबंध में जिस फार्मूले की जानकारी दी गई थी वो भी कुछ और था लेकिन जब सीटों की घोषणा हुई तो यह फार्मूला बदल गया। बता दें कि भाजपा अध्यक्ष अमित शाह के कल दोपहर सीटों की घोषणा करने के बाद घटनाक्रम काफी तेजी से बदला।
बताया जा रहा था कि लोकजनशक्ति पार्टी इससे नाराज है। खासकर संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष चिराग पासवान इस बात से ज्यादा नाराज दिख रहे थे कि मांझी और कुशवाहा के मुकाबले उनकी पार्टी को ज्यादा सांसद होने के बाद भी कम तवज्जो दी गई है।
मांझी को ज्यादा तवज्जो से भी नाराज है लोजपा
माना ये भी जा रहा था कि मांझी की मुंह मांगी शर्तें पूरी करने से भी चिराग नाराज हैं। अपनी नाराजगी को लेकर उन्होंने देर रात भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से भी मुलाकात की।
इसके बाद सुबह होते ही भाजपा नेता और केन्द्रीय मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान राम विलास पासवान और उनके बेटे से मिलने के लिए उनके घर पहुंचे। दोनों पक्षों में काफी देर तक बातचीत हुई। जिसके बाद सीटों का मामला कुछ सुलझता दिखा।
इसके बाद सुबह 10.30 बजे के करीब प्रेस कान्फ्रेंस में मीडिया के सामने आए चिराग पासवान ने सभी मुद्दे सुलझने का दावा किया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी के लिए संख्या मायने नहीं रखती। हम सब राजग के बैनर तले चुनाव लड़ेंगे चाहे किसी को कितनी सीटें मिले। हालांकि अपनी नाराजगी भी वो इस दौरान नहीं छुपा सके।