बिहारः लंच-नाश्ते के जरिए सहयोगियों को मना रही भाजपा
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सहयोगियों को साधने के लिए भाजपा लंच और नाश्ते की डिप्लोमेसी का सहारा ले रही है। सीट बंटवारें को लेकर राजग सहयोगियों की ओर से भाजपा आलाकमान पर बन रहे दबाव को कम करने की कवायद में केंद्रीय मंत्री एवं राज्य भाजपा के चुनाव प्रभारी अनंत कुमार लंच और नाश्ते की डिप्लोमेसी के जरिए बिहार के राजग नेताओं को साधने में जुटे हैं।
टिकट वितरण को लेकर लोजपा, रालोसपा और हम के तल्लख तेवरों के बीच कुमार ने रालोसपा प्रमुख एवं केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री उपेंद्र कुशवाहा को मंगलवार सुबह अपने घर नाश्ते पर बुलाकर उनसे बिहार के सीट बंटवारे की तस्वीर पर चर्चा की।
इस कवायद में बुधवार सुबह अनंत कुमार के यहां नाश्ते की बारी लोजपा प्रमुख एवं केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान की है। तो लंच पर उनके साथ बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हम के प्रमुख जीतन राम मांझी लंच करेंगे।
पासवान का नाश्ता आज, लंच पर मिलेंगे मांझी
बताया जा रहा है कि सहयोगी दलों के नेताओं को अलग-अलग साधकर भाजपा उनके दबाव को कम करने में जुटी है। जबकि सहयोगी दल एकजूटता प्रदर्शित करते हुए भाजपा से ज्यादा से ज्यादा सीटें हासिल करने का दबाव बना रहे थे।
हालांकि भाजपा को अपने मकसद में कामयाबी मिलती भी दिख रही है। राजग सहयोगी जीतन राम मांझा ने अपने ही सहयोगी नेता रामविलास पासवान पर सियासी हमला बोल दिया है।
सीटों के बंटवारे में भाजपा की रणनीति सहयोगियों को अलग-थलग कर अपने अकेले के खाते में 160 से 170 सीटें रखने की है। ताकि वह अकेले दम पर बहुमत के जादूई आंकडे के करीब पहुंच सके। इससे चुनाव बाद के हालातों पर उसकी निर्भरता सहयोगी दलों पर नहीं रहेगी। जबकि सहयोगियों की मंशा इसके उलट है।