Bihar News: कौन बने राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष, किसे हराया? उपेंद्र कुशवाहा ने क्या कहा?
Bihar Politics: उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष का निर्वाचन हो गया है। पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता संतोष कुमार सिंह के भाई आलोक कुमार सिंह को फिर से जिम्मेदारी सौंप गई है। आइये जानते हैं पूरा मामला...
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राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के घटक दल राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के प्रदेश अध्यक्ष पद का चुनाव संपन्न हो गया है। पार्टी के नेताओं ने पूर्व मंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता संतोष कुमार सिंह के भाई आलोक कुमार सिंह को दुबारा प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया। संगठनात्मक चुनाव के तहत रवींद्र भवन में चुनाव करवाया गया था। आलोक कुमार सिंह को प्रशांत पंकज से अधिक वोट मिले। इसके बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि विधायक आलोक कुमार सिंह रालोमो के प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित हुए हैं। वहीं प्रशांत पंकज और सुभाष चंद्रवंशी कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष निर्वाचित किए गए हैं, जबकि हिमांशु पटेल को प्रधान महासचिव बनाया गया है। यह चारों लोग फिर से जिम्मेदारी दी गई है। इससे पहले इन्हें इसी साल जनवरी में यह जिम्मेदारी दी गई थी।
आलोक कुमार सिंह ने क्या कहा?
इधर, रालोमो की जिम्मेदारी मिलने के बाद प्रदेश अध्यक्ष आलोक कुमार सिंह ने कहा कि पार्टी अब नए तेवर और कलेवर के साथ राज्य में पंचायत से लेकर जिलास्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करेगी। इधर, उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दो लोगों ने नामांकन किया था। वोटिंग में आलोक कुमार सिंह ने बाजी मार ली। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्राथमिक सदस्यों की कुल संख्या लगभग 22 लाख से अधिक पहुंच चुकी है। सदस्यों की संख्या में और वृद्धि होगी। पार्टी की मजबूती के लिए सभी कार्यकर्ताओं सहयोग जरूरी है। पार्टी लोकतांत्रिक मूल्यों और संगठनात्मक पारदर्शिता के प्रति प्रतिबद्ध है।
उपेंद्र कुशवाहा ने एमएलसी चुनाव पर क्या कहा?
उपेंद्र कुशवाहा ने दावा किया कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा बिहार में सत्ता की मजबूत हिस्सेदार है और आगे भी सरकार में उनकी यह हिस्सेदारी पूरी मजबूती के साथ बनी रहेगी। वहीं दीपक प्रकाश मामले में उन्होंने टिप्पणी नहीं की। मंत्री दीपक प्रकाश ने नाम की घोषणा अब तक नहीं हुई है। भाजपा की ओर से अब तक इस मामले में प्रतिक्रिया भी नहीं आई है। अगर 10वीं सीट पर दीपक प्रकाश का नाम घोषित किया जाता है तो महागठबंधन और एनडीए में इस सीट के लिए कड़ी टक्कर हो सकती है। बिहार विधानसभा के मौजूदा संख्याबल के अनुसार, एक एमएलसी सीट जीतने के लिए करीब 25 विधायकों के वोटों की आवश्यकता होती है। एनडीए के पास आठ उम्मीदवारों को आसानी से जिताने लायक संख्या बल है। उपेंद्र कुशवाहा ने स्पष्ट कहा कि यह एमएलसी चुनाव है। हमलोगों के पास कल तक का समय है। इंतजार कीजिए। बता दें कि दीपक प्रकाश बिहार सरकार में पंचायती राज मंत्री हैं, लेकिन वह किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। नियम कहता है कि किसी भी व्यक्ति को मंत्री बनने के छह महीने के अंदर विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना अनिवार्य होता है। अब देखना है कि अगले 24 घंटे में क्या होता है?