एसआईआर के बाद बड़ा बदलाव: वोटर लिस्ट में नाम नहीं है तो ऐसे जुड़वाएं, फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र की जरूरत नहीं
SIR Bihar News: मतदाताओं के विशेष गहन परीक्षण के बावजूद जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है और वह नाम जुड़वाना चाहते हैं तो बिहार में प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। अब अलग से घोषणा पत्र देने की जरूरत नहीं है।
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बिहार में मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए अब फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र देना जरूरी नहीं होगा। भारत निर्वाचन आयोग के 29 सितंबर 2026 के निर्देश के बाद यह व्यवस्था लागू की गई है। आयोग ने गुरुवार, 1 अक्टूबर को सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक की। बिहार की ओर से मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल बैठक में शामिल हुए।
SIR वाले राज्यों में घोषणा पत्र की व्यवस्था जारी
निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन राज्यों में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है, वहां संबंधित व्यक्तियों को फॉर्म-6 के अलावा घोषणा पत्र देना होगा। वहीं, जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र देने की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। आयोग के अनुसार, ऐसे सभी पात्र नागरिक जिनका नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है और वे अपना नाम जुड़वाना चाहते हैं, उन्हें अब अलग से घोषणा पत्र देने की जरूरत नहीं होगी।
बिहार के जिला निर्वाचन अधिकारियों को दी गई जानकारी
चुनाव आयोग के निर्देश के संबंध में बिहार के सभी जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-जिला पदाधिकारी और निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है। पात्र नागरिकों के लिए फॉर्म-6 के साथ घोषणा पत्र की अनिवार्यता समाप्त होने की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई है।
छूटे और नए मतदाताओं के नाम जोड़ने का निर्देश
निर्वाचन आयोग ने छूटे हुए मतदाताओं और नए पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए अभियान चलाने का निर्देश दिया है। इसके तहत संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए निर्देश जारी किए गए हैं।