Bihar SIR : बिहार में 120 साल की महिला वोटर, चौंकिए नहीं मिलिए इनसे; गिनीज बुक वाले आएंगे क्या?
Bihar News : 124 साल की मिंता देवी फर्जी वोटर का नहीं, बल्कि गलत उम्र का मामला है। अब 'अमर उजाला' सामने ला रहा है वास्तव में 120 साल की महिला वोटर को। चुनाव आयोग जांच चुका। अब क्या, गिनीज बुक इसे रिकॉर्ड में दर्ज करने आएगा?
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बिहार में मतदाताओं के विशेष गहन पुनरीक्षण, यानी SIR Bihar ने गिनीज बुक को एक काम दे दिया है। यह काम अब उसी का है। क्योंकि, निर्वाचन आयोग ने जांच कर ली है। बिहार के भागलपुर की एक महिला की उम्र 120 साल है। 1905 की जन्मतिथि के कागजातों में दर्ज है। झुर्रियां भी ऐसा बता रही हैं। चाल-ढाल और बातें भी। कांग्रेस ने सीवान निवासी 124 साल की मिंता देवी को फर्जी वोटर बताया तो 'अमर उजाला' ने जमीन पर जाकर पड़ताल करते हुए सबसे पहले यह सामने लाया कि मिंता देवी जीवित हैं। पहले 1990 की जन्मतिथि से मायके में वोटर थीं। पिछले साल ससुराल में जब वोटर बनीं तो 1990 की जगह 1900 ईस्वी का जन्म दर्ज हो गया। लेकिन, बिहार के भागलपुर की महिला वोटर पर ऐसा बवाल होने से पहले जान लें कि यह महिला 120 साल की हैं। कागजों पर भी और वास्तविक शारीरिक-मानसिक हालत से भी।
चुनाव आयोग ने सत्यापन करा उम्र की पुष्टि की
भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड में श्रीमतपुर हुजूरनगर गांव है। इस गांव में फेकू टोला है। यहां के चलित्तर मंडल की पत्नी आशा देवी के आधार कार्ड में भी इनकी जन्मतिथि 1 जनवरी 1905 है। मध्य विद्यालय फेकू टोला उत्तर भाग मतदान केंद्र से संबद्ध BLO फरजाना खातून ने स्थल निरीक्षण के बाद आधार की छाया प्रति और उम्रदराज महिला की तस्वीर के साथ पीरपैंती के प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-सहायक निर्वाचन निबंधन पदाधिकारी को यह सत्यापन प्रतिवेदन भी सौंपा है। इस सत्यापन प्रतिवेदन के बाद चुनाव आयोग ने इस आशय की जानकारी भी अब सार्वजनिक कर दी है।
भागलपुर की आशा देवी के आधार कार्ड और मतदाता सूची में उम्र 120 साल है। इसलिए, अब गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड की टीम अगर जांचने आएगी तो उसे स्वास्थ्य जांच ही करना होगा। आशा देवी का जन्म प्रमाणपत्र या शैक्षणिक प्रमाणपत्र नहीं है। उस जमाने में जन्म प्रमाणपत्र की यहां ऐसी कोई व्यवस्था नहीं थी और पारिवारिक पृष्ठभूमि पढ़ाई वाली नहीं है। ऐसे में चुनाव आयोग अपना काम कर चुका है। इस काम के आधार पर गिनीज बुक की टीम जांच करने आ सकती है, क्योंकि फिलहाल उसके रिकॉर्ड में 115 साल 252 दिन की महिला एथल कैटरहम का नाम दर्ज है।
124 साल वाली मिंता देवी हैं 35 की, अमर उजाला की पड़ताल पर आयोग की मुहर
फिलहाल दिल्ली में बिहार के सीवान की महिला वोटर मिंता देवी को लेकर हंगामा मचा है। 124 साल की महिला वोटर को विशेष गहन पुनरीक्षण के बाद जारी ड्राफ्ट मतदाता सूची में पाकर कांग्रेस ने हंगामा मचा दिया था। मिंता देवी की उम्र 124 दर्ज होने के कारण उन्हें फर्जी वोटर बताते हुए कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी भी दिल्ली में सवाल करती नजर आईं। कांग्रेस सांसदों ने मिंता देवी को फर्जी वोटर बताया। कहा कि चुनाव आयोग इसी तरह वोटरों की चोरी कर रहा है। मनमानी कर रहा है। लेकिन, 'अमर उजाला' की टीम ने देखा कि मिंता देवी तो वास्तव में हैं। मायके के वोटर कार्ड में उनकी जन्मतिथि 1990 ही दर्ज थी। पिछले साल ससुराल के वोटर लिस्ट में जुड़ने के लिए आवेदन किया तो 1990 की जगह 1900 दर्ज हो गया।
विशेष गहन पुनरीक्षण में यह नहीं सुधारा गया। कुछ ही देर बाद चुनाव आयोग ने 'अमर उजाला' की खबर पर मुहर लगाते हुए बताया 10 अगस्त को प्रपत्र 8 के जरिए निर्वाचन सूची में सुधार के लिए आवेदन आ चुका है, जिसका रेफरेंस नंबर S04109G08C1008251200004 है। सीवान के उप निर्वाचन पदाधिकारी की जांच में बताया गया कि धनंजय कुमार सिंह की पत्नी मिंता देवी ने ऑनलाइन आवेदन किया था, जिसमें जन्मतिथि 1900 दर्ज हो गया था। 1 अगस्त 2025 को प्रकाशित प्रारूप निर्वाचन सूची में इनकी यही जन्म तिथि रह गई।