{"_id":"62be20d53609014b1a5fe511","slug":"bedlam-over-agnipath-forces-adjournment-of-bihar-assembly-on-final-day-of-monsoon-session","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar Assembly Monsoon Session: अग्निपथ योजना को लेकर हंगामे के बीच बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar Assembly Monsoon Session: अग्निपथ योजना को लेकर हंगामे के बीच बिहार विधानमंडल का मॉनसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित
Fri, 01 Jul 2022 03:46 AM IST
देव कश्यप
पीटीआई, पटना।
पीटीआई, पटना।
Published by: देव कश्यप
Updated Fri, 01 Jul 2022 03:46 AM IST
सार
बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने मानसून सत्र के अंतिम दिन के दोपहर के भोजन के बाद और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भोजनावकाश के पूर्व ही सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया।
विज्ञापन
बिहार विधानसभा।
- फोटो : सोशल मीडिया
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार विधानसभा का 24 जून से शुरू हुआ पांच दिवसीय मानसून सत्र हंगामे के बीच गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। बिहार विधानसभा के इस मॉनसून सत्र के दौरान केंद्र की अग्निपथ योजना को लेकर दोनों सदनों में विपक्ष और सरकार के बीच गतिरोध देखा गया।
विज्ञापन
सत्र शुरू होने के एक दिन बाद बिहार विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता तेजस्वी यादव ने घोषणा की थी कि सभी विपक्षी दल विधानसभा के पूरे सत्र का बहिष्कार करेंगे, क्योंकि योजना के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने की उनकी मांग को सदन अध्यक्ष ने ठुकरा दिया था। बिहार विधानमंडल के इस सत्र के दौरान विपक्षी सदस्यों के हंगामे के बीच दो सदनों में कई विधायी और वित्तीय कार्य संपन्न किए गए ।
विज्ञापन
दोनों सदन अनिश्चित काल के लिए स्थगित
बिहार विधानसभा अध्यक्ष विजय कुमार सिन्हा ने मानसून सत्र के अंतिम दिन के दोपहर के भोजन के बाद और विधान परिषद के कार्यकारी सभापति अवधेश नारायण सिंह ने भोजनावकाश के पूर्व ही सदन को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दिया। मॉनसून सत्र के दौरान केंद्र की अग्निपथ योजना को लेकर दोनों सदनों में विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही के बाधित होने पर सदन को स्थगित किया गया ।
विज्ञापन
इस दौरान विधानसभा में कुल मिलाकर 827 प्रश्न प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 713 को मंजूरी दी गई। सिन्हा ने कहा कि ध्यानाकर्षण नोटिस और प्रश्नों के माध्यम से लोक कल्याण से संबंधित कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया गया।
बिहार का राजकोषीय घाटा 29827 करोड़ रुपये: कैग
बिहार विधानसभा में गुरुवार को पेश नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) की रिपोर्ट में कहा गया है कि प्रदेश ने 2020-21 में 29,827 करोड़ रुपये का राजकोषीय घाटा दर्ज किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 15,103 करोड़ रुपये अधिक है।
कैग ने कहा, ‘‘2020-21 के दौरान राजस्व व्यय में 10.69 प्रतिशत की वृद्धि हुई। राजस्व प्राप्तियों में हालांकि पिछले वर्ष की तुलना में 3.17 प्रतिशत की वृद्धि हुई फिर भी यह 2018-19 (131794 करोड़ रुपये) की तुलना में 2.75 प्रतिशत कम थी। राज्य को अपने राजस्व व्यय को पूरा करने के लिए पिछले वर्ष (23.23 प्रतिशत की वृद्धि) की तुलना में अधिक धन उधार लेना पड़ा है।’’ कैग रिर्पोट में कहा गया है कि इस प्रकार राज्य का राजस्व घाटा और राजकोषीय घाटा पिछले वर्ष की तुलना में क्रमशः 6.35 गुना और 2.03 गुना बढ़ गया।