'डर के मारे' पत्नी की शरण में बिहारी बाहुबली
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बिहार के चुनाव में बाहुबलियों की पत्नियों को टिकट मिलना कोई नई बात नहीं है, लेकिन बाहुबली और उनकी पत्नी एक ही क्षेत्र से निर्दलीय पर्चा भरें, ऐसे मौके कम ही आए हैं।
पूर्व जेडीयू विधायक अनंत सिंह और उनकी पत्नी नीलम सिंह ने मोकामा से निर्दलीय पर्चा भरा है, ये पहला मौका है जब अनंत सिंह की पत्नी सार्वजनिक तौर पर सामने आ रही हैं।
दिलचस्प है कि नीलम सिंह रोजाना सुबह 8 बजे से अपने क्षेत्र में प्रचार के लिए निकल जाती हैं, लेकिन वो अपने लिए नहीं बल्कि अनंत सिंह के लिए प्रचार कर रही हैं।
वो कहती है, ''मेरे पति ने मोकामा के लिए बहुत कुछ किया है, मुझे उम्मीद है कि लोग मुझे निराश नहीं करेंगे। जनता की अदालत में अर्जी दे दी गई है, फैसला वही करेगी।''
नामांकन रद होने का डर
पति-पत्नी के एक ही सीट से लड़ने की वजह का सवाल नीलम टाल जाती हैं, वो कहती है इसका जवाब बाद में दिया जाएगा। लेकिन करीबी बताते है कि अनंत सिंह को अपना नामांकन रद होने का डर भी है।
यही वजह है कि उन्होंने अपनी पत्नी से भी नामांकन करवाया है। अगर अनंत सिंह का नामांकन रद्द नहीं होता है तो उनकी पत्नी के नाम वापस लेने की पूरी संभावना है।
अनंत सिंह चौथी बार यहां से चुनाव लड़ रहे हैं, उन पर 50 मामले दर्ज हैं। अपने इलाके में समानांतर सरकार चलाने के चलते उन्हें छोटे सरकार के नाम से भी जाना जाता है।
हालांकि इससे पहले भी साल 2010 में रोहतास की डेहरी सीट से विधायक प्रदीप जोशी और उनकी पत्नी ज्योति रश्मि ने निर्दलीय पर्चा भरा था। प्रदीप जोशी का नामांकन रद हो गया था, बाद में ज्योति रश्मि ने बतौर निर्दलीय उम्मीदवार ये सीट जीती थी।