नीतीश ने कहा, लोकतंत्र बचाने के लिए BJP के खिलाफ एकजुट हों सभी दल
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बिहार के मुख्यमंत्री और जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार ने कहा है कि वह किसी व्यक्ति के नहीं, बल्कि संघवाद के खिलाफ हैं। उन्होंने कहा कि संघवाद के खिलाफ सबको एक होना होगा, वरना देश में लोकतंत्र और समाजवाद दोनों हार जाएंगे। नीतीश ने कहा कि आज देश की राजनीति में दो धुरी हैं। लोहिया के गैर कांग्रेसवाद की तरह आज गैर संघवाद करना होगा। लोकतंत्र को बचाने के लिए सभी दलों को भाजपा के खिलाफ एकजुट होना होगा।
पटना में आयोजित एक कार्यक्रम में नीतीश ने भाजपा पर खूब निशाना साधा। नीतीश ने कहा कि जिन लोगों ने भाजपा को बढ़ाया, उनको धरोहर की तरह म्यूजियम में रख दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो तिरंगे को स्वीकार नहीं कर रहे थे, वो आज सबको तिरंगा लहराने की सीख दे रहे हैं। देश तो आजादी के पहले से तिरंगा से प्रेम कर रहा है, संघ को अब जाकर तिरंगे से प्रेम हुआ है।
'संघवाद के खिलाफ एकजुटता से बचेगा लोकतंत्र'
महागठबधंन में बढ़ रही खटास पर नीतीश ने कहा कि गठबंधन सरकार में सवाल और विचार उठते रहते हैं। प्रचार भले जो भी हो, लेकिन किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के साथ थे, तो क्या सब कुछ स्मूथ था। कोई न कोई बयान देता ही रहता था। आज विश्लेषण ज्यादा होता है।
नीतीश ने कहा कि एक तरफ भाजपा तो दूसरी तरफ, अकाली और शिवसेना की क्या स्थिति है। आज उनकी क्या हालत बना दी गई है। भाजपा के अंदर की स्थिति क्या है, ये सब जानते हैं।
नीतीश ने कहा कि भाजपा की सरकार बनने के बाद कश्मीर की स्थिति बिगड़ती चली जा रही है। केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए नीतीश ने कहा कि हमारे सात निश्चयों का मजाक उड़ाया जाता था। हमने एक तो लागू कर दिया, अन्य भी जल्द लागू होंगे, लेकिन केंद्र सरकार ने अपने वादों को पूरा नहीं किया। नीतीश ने कहा कि बिहार से प्रेरणा लेकर अन्य राज्यों को भी शराबबंदी लागू करनी चाहिए।