फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   After 40 years grandson of former railway minister Lalit Narayan Mishra returns to Congress

पूर्व रेल मंत्री ललित नारायण मिश्रा के पोते की 40 साल बाद कांग्रेस में वापसी

Sun, 03 Feb 2019 06:57 AM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: गौरव द्विवेदी Updated Sun, 03 Feb 2019 06:57 AM IST
विज्ञापन
After 40 years grandson of former railway minister Lalit Narayan Mishra returns to Congress
ऋषि मिश्र

कांग्रेस बिहार में न केवल अपना पुराना जनाधार वापस पाने का प्रयास रही है, बल्कि अपने पुराने कद्दावर नेताओं के वंशजों के लिए भी पार्टी का दरवाजा खोल दिया है। इसी क्रम में शनिवार को बिहार कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे पूर्व रेलमंत्री ललित नारायण मिश्रा का परिवार करीब 40 साल बाद कांग्रेस में लौट आया। ललित के पोते और जदयू के पूर्व विधायक ऋषि मिश्र ने पार्टी के प्रदेश कार्यालय में प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा के हाथों प्राथमिक सदस्यता ग्रहण की।

विज्ञापन

 
ऋषि मिश्र कांग्रेस में शामिल होने वाले अपने परिवार की पांचवीं पीढ़ी है। इस अवसर पर मिश्रा ने कहा कि नीतीश कुमार से कोई शिकायत नहीं है, लेकिन भाजपा के साथ काम करना मुश्किल हो गया था। करीब एक साल से पार्टी में घुटन महसूस हो रही थी। अब राहुल गांधी के साथ करके अपना जीवन कांग्रेस को मजबूत करने में लगा दूंगा। बिहार के प्रदेश अध्यक्ष मदन मोहन झा ने कहा कि कांग्रेस से इस परिवार का पुराना नाता है। 
विज्ञापन


पार्टी के प्रवक्ता प्रेमचंद मिश्रा ने कहा कि भाजपा के कई सांसद कांग्रेस के संपर्क में हैं और पुराने कांग्रेसी भी अब घर वापसी पर विचार कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भागवत झा आजाद के पुत्र कीर्ति झा आजाद और कांग्रेस की पूर्व मंत्री माधुरी सिंह के पुत्र उदय सिंह के भी कांग्रेस में लौटने पर बात चल रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


घर वापसी दरअसल गठबंधन में सीटों को लेकर फंसी पेंच का नतीजा है। दरभंगा के जाले विधानसभा सीट से विधायक रहे ऋषि मिश्रा ने चुनावी टिकट एडजस्टमेंट के लिहाज से पाला बदलने का फैसला लिया है। ऋषि मिश्रा विधानसभा उपचुनाव में तब विधायक चुने गए थे जब जदयू भाजपा के साथ नहीं था। 2015 के विधानसभा चुनाव में जाले विधानसभा सीट पर ऋषि मिश्रा महागठबंधन के उम्मीदवार थे और उन्हें भाजपा उम्मीदवार जीवेश मिश्रा ने पटखनी दी थी। 


ऋषि की राजनीति उस वक्त संकट में आ गई जब जदयू -भाजपा  का फिर से गठबंधन हो गया। ऐसे में जाले विधानसभा सीट पर ऋषि मिश्रा की दावेदारी एनडीए में रहते हुए नामुमकिन थी। लिहाजा अब उन्होंने कांग्रेस का हाथ थामने का फैसला किया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed