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अजीबोगरीब मामला: अपनी ही मौत की सहानुभूति लहर पर सवार होकर चुनाव जीत गया मृतक शख्स
Sat, 27 Nov 2021 08:16 PM IST
Amit Mandal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जमुई
Published by: Amit Mandal
Updated Sat, 27 Nov 2021 08:16 PM IST
सार
इस मामले में पूछताछ करने पर मालूम हुआ कि मतदान से एक पखवाड़े से पहले ही 6 नवंबर को मुर्मू की मृत्यु हो गई थी। क्या था पूरा मामला जानिए।
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चुनाव में जीत गया मृत उम्मीदवार
- फोटो : social media
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विस्तार
जमुई में बुधवार को हुए पंचायत चुनाव में एक मृत व्यक्ति ने अपनी ही मौत से पैदा हुई सहानुभूति की लहर पर सवार होकर जीत हासिल की। पटना से लगभग 200 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस गरीब जिले में इस अजीबोगरीब मामले का पता तब चला, जब अधिकारी 24 नवंबर को हुए चुनाव में जीतने वाले उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र सौंप रहे थे।
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मतदान से एक पखवाड़े पहले हुई मौत
खैरा बीडीओ राघवेंद्र त्रिपाठी ने हैरानी के साथ कहा कि खैरा प्रखंड के अंतर्गत आने वाले दीपकरहार गांव के वार्ड नं 2 से जीत दर्ज करने वाले सोहन मुर्मू का कहीं पता नहीं चला। पूछताछ करने पर मालूम हुआ कि मतदान से एक पखवाड़े से पहले ही 6 नवंबर को मुर्मू की मृत्यु हो गई थी।
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दीपकारहार झारखंड के साथ राज्य की सीमा के साथ लगता एक दूरदराज का गांव है। इस गांव की मुख्य रूप से आदिवासी आबादी है। पुराने निवासियों को अब भी याद है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रकाशित एक सूची के अनुसार यह गांव 1990 के दशक में पहली बार नक्सल गतिविधियों की चपेट में आया था। बाद में यह गांव अति-वामपंथी उग्रवाद से सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ था।
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सोहन की आखिरी इच्छा का सम्मान करके चुप रहे लोग
बीडीओ ने कहा कि अपने प्रतिद्वंद्वी को 28 मतों से हराने वाले मुर्मू के परिवार के सदस्यों ने कहा कि उनकी आखिरी इच्छा थी कि वह चुनाव जीत जाएं। इसलिए वे चुप रहे। गांव के किसी भी निवासी ने हमें सूचना भी नहीं दी। ऐसा लगता है कि सभी ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करने के लिए उनके पक्ष में मतदान किया।
त्रिपाठी ने कहा कि विजेता का प्रमाण पत्र किसी को जारी नहीं किया जा सकता है। हम इस अनुरोध के साथ राज्य चुनाव को लिखने जा रहे हैं कि संबंधित वार्ड के चुनाव को रद्द कर दिया जाए और नए सिरे से चुनाव कराया जाए।