फर्जी डिग्री वाले 1137 टीचर बर्खास्त
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फर्जी डिग्री और अवैध दस्तावेजों के दम पर नौकरी पाने वाले 1137 टीचरों को बिहार सरकार ने बर्खास्त कर दिया है। इन टीचरों को तय वेतनमान के तहत रखा गया था।
राज्य सरकार ने नियुक्ति के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बिहार के शिक्षा मंत्री बृशेन पटेल ने विधानसभा में बीजेपी के विक्रम कुएर के सवाल के जवाब में यह जानकारी दी।
नीतीश कुमार सरकार ने 2006 से 2011 के बीच स्कूलों में करीब 2.25 लाख तय वेतनमान वाले टीचरों की नियुक्ति की थी।
सरकार ने दिया विधानसभा में जवाब
बृशेन पटेल ने जानकारी दी कि राज्य सरकार ने 147 गांव के मुखिया और 27 पंचायत सेवकों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है क्योंकि टीचरों की नियुक्ति के लिए ये लोग जिम्मेदार हैं।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस मामले में राज्य भर में कुल 25 एफआईआर दर्ज की गई है। तय वेतनमान वाले टीचरों की नियुक्ति पंचायत की ओर होती है।
इन नियुक्तियों का उद्देश्य स्कूलों में खाली पड़े टीचरों के पद भरने के अलावा युवाओं को रोजगार देना था क्योंकि 2005 के बाद से बिहार में कोई नियुक्ति नहीं हुई थी।