{"_id":"694eb409a76f29f0bc010361","slug":"yellow-vs-white-fog-lights-which-is-better-for-driving-in-dense-fog-driving-safety-tips-2025-12-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Fog Light: घनी धुंध में रोजाना करते हैं ड्राइव? तो जान लें पीली या सफेद फॉग लाइट में किसे चुनना बेहतर","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Fog Light: घनी धुंध में रोजाना करते हैं ड्राइव? तो जान लें पीली या सफेद फॉग लाइट में किसे चुनना बेहतर
Fri, 26 Dec 2025 09:43 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Fri, 26 Dec 2025 09:43 PM IST
सार
अगर आप अक्सर कोहरे में गाड़ी चलाते हैं, तो पीली और सफेद फॉग लाइट का चुनाव दिखावटी नहीं है। इसका विजिबिलिटी और ड्राइवर की थकान पर सीधा असर पड़ता है।
विज्ञापन
घना कोहरा
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अगर आप अक्सर धुंध में गाड़ी चलाते हैं, तो पीली (Yellow) या सफेद (White) फॉग लाइट का चुनाव सिर्फ स्टाइल का मामला नहीं है। यह सीधे तौर पर आपकी विजिबिलिटी, आंखों की थकान और सड़क पर सुरक्षा से जुड़ा होता है। दिल्ली-एनसीआर जैसे इलाकों में, जहां सर्दियों के दौरान धुंध कई बार कुछ मीटर तक दृश्यता घटा देती है, सही फॉग लाइट बड़ा फर्क पैदा कर सकती है।
यह भी पढ़ें - Kawasaki Versys 650: भारत में लॉन्च हुई नई 2026 कावासाकी वर्सेस 650, जानें कीमत और क्या है खास
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Kawasaki Versys 650: भारत में लॉन्च हुई नई 2026 कावासाकी वर्सेस 650, जानें कीमत और क्या है खास
विज्ञापन
फॉग लाइट का असली काम क्या होता है
फॉग लाइट्स आमतौर पर गाड़ी के निचले हिस्से में लगाई जाती हैं और नीचे की ओर फोकस की जाती हैं। इनका उद्देश्य दूर तक रोशनी फेंकना नहीं होता, बल्कि सड़क की सतह, लेन मार्किंग, किनारे और पास की बाधाओं को साफ दिखाना होता है। सही फॉग लाइट ऐसी होनी चाहिए जो धुंध, बारिश या धूल में रोशनी को वापस आंखों में न उछाल दे।
यह भी पढ़ें - Road Safety: मोटरसाइकिल हादसों को रोकने के लिए होंडा ने स्टेयरिंग असिस्ट तकनीक का पेटेंट कराया, जानें डिटेल्स
फॉग लाइट्स आमतौर पर गाड़ी के निचले हिस्से में लगाई जाती हैं और नीचे की ओर फोकस की जाती हैं। इनका उद्देश्य दूर तक रोशनी फेंकना नहीं होता, बल्कि सड़क की सतह, लेन मार्किंग, किनारे और पास की बाधाओं को साफ दिखाना होता है। सही फॉग लाइट ऐसी होनी चाहिए जो धुंध, बारिश या धूल में रोशनी को वापस आंखों में न उछाल दे।
यह भी पढ़ें - Road Safety: मोटरसाइकिल हादसों को रोकने के लिए होंडा ने स्टेयरिंग असिस्ट तकनीक का पेटेंट कराया, जानें डिटेल्स
कोहरा
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
घनी धुंध में पीली फॉग लाइट कैसे काम करती है
पीली फॉग लाइट का प्रकाश तरंगदैर्ध्य (वेवलेंथ) सफेद या नीली रोशनी से लंबा होता है। इसका व्यावहारिक फायदा यह है कि धुंध या नमी से टकराने पर यह कम बिखरती है।
घनी धुंध में यह कम बिखराव सड़क की सीमाएं, लेन लाइनें और कर्ब को थोड़ा बेहतर कॉन्ट्रास्ट के साथ दिखाने में मदद करता है। साथ ही, पीली रोशनी से चमक कम होती है, जिससे ड्राइवर की आंखों पर दबाव घटता है और सामने से आने वाले वाहनों को भी कम चुभन होती है। यही वजह है कि खराब मौसम के लिए बनाए गए पुराने यूरोपीय वाहनों में पीली फॉग लाइट आम थीं।
हालांकि, इसकी एक सीमा भी है। पीली फॉग लाइट उतनी चमकदार नहीं होती और रोशनी का दायरा सीमित रहता है। यह तब सबसे ज्यादा असरदार होती है, जब दृश्यता बेहद कम हो।
यह भी पढ़ें - Car Price Hike: 2026 में कार खरीदना होगा महंगा, जानें किन-किन वाहन निर्माताओं ने किया कीमत बढ़ोतरी का एलान
पीली फॉग लाइट का प्रकाश तरंगदैर्ध्य (वेवलेंथ) सफेद या नीली रोशनी से लंबा होता है। इसका व्यावहारिक फायदा यह है कि धुंध या नमी से टकराने पर यह कम बिखरती है।
घनी धुंध में यह कम बिखराव सड़क की सीमाएं, लेन लाइनें और कर्ब को थोड़ा बेहतर कॉन्ट्रास्ट के साथ दिखाने में मदद करता है। साथ ही, पीली रोशनी से चमक कम होती है, जिससे ड्राइवर की आंखों पर दबाव घटता है और सामने से आने वाले वाहनों को भी कम चुभन होती है। यही वजह है कि खराब मौसम के लिए बनाए गए पुराने यूरोपीय वाहनों में पीली फॉग लाइट आम थीं।
हालांकि, इसकी एक सीमा भी है। पीली फॉग लाइट उतनी चमकदार नहीं होती और रोशनी का दायरा सीमित रहता है। यह तब सबसे ज्यादा असरदार होती है, जब दृश्यता बेहद कम हो।
यह भी पढ़ें - Car Price Hike: 2026 में कार खरीदना होगा महंगा, जानें किन-किन वाहन निर्माताओं ने किया कीमत बढ़ोतरी का एलान
किन हालात में सफेद फॉग लाइट बेहतर रहती है
सफेद फॉग लाइट ज्यादा तेज और दिन की रोशनी के करीब होती है। यह सड़क के बड़े हिस्से को रोशन करती है। और हल्की धुंध, कोहरा, बारिश या धूल में बेहतर क्लैरिटी देती है।
इसी कारण भारत में बिकने वाली ज्यादातर आधुनिक कारें फैक्ट्री से सफेद फॉग लाइट के साथ आती हैं। ऐसे हालात में, जब धुंध बहुत घनी न हो, सफेद फॉग लाइट आपको ज्यादा डिटेल और थोड़ा आगे तक देखने में मदद करती है।
लेकिन जब धुंध बहुत ज्यादा हो, तो सफेद रोशनी ज्यादा रिफ्लेक्ट होकर आंखों में लौट सकती है। जिससे चमक बढ़ता है और कभी-कभी दृश्यता सुधरने की बजाय और खराब हो जाती है।
यह भी पढ़ें - Maruti Suzuki Ciaz: ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में सिर्फ 1-स्टार, फिर चर्चा में क्यों आई मारुति सियाज?
सफेद फॉग लाइट ज्यादा तेज और दिन की रोशनी के करीब होती है। यह सड़क के बड़े हिस्से को रोशन करती है। और हल्की धुंध, कोहरा, बारिश या धूल में बेहतर क्लैरिटी देती है।
इसी कारण भारत में बिकने वाली ज्यादातर आधुनिक कारें फैक्ट्री से सफेद फॉग लाइट के साथ आती हैं। ऐसे हालात में, जब धुंध बहुत घनी न हो, सफेद फॉग लाइट आपको ज्यादा डिटेल और थोड़ा आगे तक देखने में मदद करती है।
लेकिन जब धुंध बहुत ज्यादा हो, तो सफेद रोशनी ज्यादा रिफ्लेक्ट होकर आंखों में लौट सकती है। जिससे चमक बढ़ता है और कभी-कभी दृश्यता सुधरने की बजाय और खराब हो जाती है।
यह भी पढ़ें - Maruti Suzuki Ciaz: ग्लोबल NCAP क्रैश टेस्ट में सिर्फ 1-स्टार, फिर चर्चा में क्यों आई मारुति सियाज?
कोहरा
- फोटो : संवाद
अगर आप अक्सर धुंध में ड्राइव करते हैं, तो क्या चुनें
अगर आपकी ड्राइविंग अक्सर बेहद घनी धुंध में होती है, जैसे सर्दियों में सुबह-सुबह दिल्ली-एनसीआर के हाईवे पर, तो पीली फॉग लाइट व्यावहारिक रूप से ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। यह नजदीकी सड़क हिस्से में बेहतर कॉन्ट्रास्ट देती है और आंखों पर कम दबाव डालती है।
यह भी पढ़ें - Road Transport: 2026 के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय का बड़ा रोडमैप, नए टोल सिस्टम और सड़क सुरक्षा कानून की तैयारी
अगर आपकी ड्राइविंग अक्सर बेहद घनी धुंध में होती है, जैसे सर्दियों में सुबह-सुबह दिल्ली-एनसीआर के हाईवे पर, तो पीली फॉग लाइट व्यावहारिक रूप से ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। यह नजदीकी सड़क हिस्से में बेहतर कॉन्ट्रास्ट देती है और आंखों पर कम दबाव डालती है।
यह भी पढ़ें - Road Transport: 2026 के लिए सड़क परिवहन मंत्रालय का बड़ा रोडमैप, नए टोल सिस्टम और सड़क सुरक्षा कानून की तैयारी
अगर आपकी ड्राइविंग हल्की धुंध, धुंआ, बारिश और सामान्य खराब मौसम के बीच होती है, तो सफेद फॉग लाइट ज्यादा संतुलित और उपयोगी विकल्प है।
आखिरकार, कोई एक विकल्प सभी के लिए सबसे अच्छा नहीं होता। सही फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि आपके इलाके में धुंध कितनी गंभीर होती है, न कि सिर्फ लुक्स या ट्रेंड पर।
यह भी पढ़ें - GRAP: दिल्ली से ग्रैप-4 हटा, जानें बीएस3, बीएस4 पेट्रोल और बीएस4 डीजल वाहन में क्या चल सकता है और क्या नहींं
यह भी पढ़ें - High Court: ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी 30 दिन तक वैध, हाईकोर्ट का आदेश- बीमा कंपनी को देना होगा हर्जाना
यह भी पढ़ें - Year Ender 2025: साल 2025 में भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली 10 कारें, कार बाजार की बदली तस्वीर, लेकिन ट्रेंड वही रहा
यह भी पढ़ें - Year Ender 2025: इस साल लॉन्च हुईं ये पांच बेहतरीन क्रूजर बाइक्स, आराम, स्टाइल और दमदार परफॉर्मेंस का नया दौर
आखिरकार, कोई एक विकल्प सभी के लिए सबसे अच्छा नहीं होता। सही फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि आपके इलाके में धुंध कितनी गंभीर होती है, न कि सिर्फ लुक्स या ट्रेंड पर।
यह भी पढ़ें - GRAP: दिल्ली से ग्रैप-4 हटा, जानें बीएस3, बीएस4 पेट्रोल और बीएस4 डीजल वाहन में क्या चल सकता है और क्या नहींं
यह भी पढ़ें - High Court: ड्राइविंग लाइसेंस एक्सपायर होने के बाद भी 30 दिन तक वैध, हाईकोर्ट का आदेश- बीमा कंपनी को देना होगा हर्जाना
यह भी पढ़ें - Year Ender 2025: साल 2025 में भारत में सबसे ज्यादा बिकने वाली 10 कारें, कार बाजार की बदली तस्वीर, लेकिन ट्रेंड वही रहा
यह भी पढ़ें - Year Ender 2025: इस साल लॉन्च हुईं ये पांच बेहतरीन क्रूजर बाइक्स, आराम, स्टाइल और दमदार परफॉर्मेंस का नया दौर