कार को लंबे समय तक चलाने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखना पड़ता है। जिनमें हीटिंग की परेशानी भी शामिल होती है। अगर आप अपनी कार का ध्यान रखते हैं, फिर भी अगर कभी कार ओवरहीट हो जाए तो किन बातों का ध्यान रखा जाना चाहिए। इसकी जानकारी हम इस खबर में आपको दे रहे हैं।
होते हैं दो प्रमुख कारण
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कार के इंजन के ओवरहीट होने के दो मुख्य कारण होते हैं। पहला कारण होता है कार को ज्यादा तापमान में चलाना। यानि कि अगर बेहद गर्मी के समय पर कार को चलाया जाता है तो सामान्य तापमान के मुकाबले कार का इंजन ज्यादा जल्दी गर्म होता है। इसके साथ ही दूसरा कारण यह होता है कि अगर कार को लगातार लंबे समय तक चलाया जाए तो भी ओवरहीट हो जाता है।
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ओवरहीट होने पर क्या करें
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ऊपर बताए दोनों कारणों से अगर आपकी कार ओवर हीट हो जाती है तो सबसे पहले कार को सुरक्षित जगह पर रोकें। कार को रोकने के बाद करीब आधा घंटे तक इंजन बंद कर दें। ऐसा करने पर इंजन को ठंडा होने पर सही तापमान पर आने में मदद मिलेगी। इसके लिए आप रोड पर किसी ढाबे या रेस्टोरेंट पर रोक सकते हैं।
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रेडिएटर कैप ना हटाएं
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कभी-भी चालू कार में रेडिएटर की कैप को नहीं हटाना चाहिए। क्योंकि रेडिएटर का काम इंजन को ठंडा रखना होता है। रेडिएटर में इंजन को ठंडा करने के लिए कूलेंट डाला जाता है और यह कूलेंट चलती हुई कार में अपना काम करता है जिससे यह भी काफी ज्यादा गर्म होता है। अगर रेडिएटर की कैप को खोलने की कोशिश की जाए तो उसमें काफी प्रैशर होता है और वह काफी तेजी से बाहर निकलता है। जिससे आपके हाथ, मुंह, सिर सहित शरीर के कई हिस्सों पर जलन हो सकती है। अगर इसे खोलना हो तो पहले कुछ देर कार को बंद करें और इंजन ठंडा होने के बाद ही इसे खोलकर चेक करें।
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कूलेंट लीक होने पर
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कार के सभी हिस्से सही से काम कर रहे हैं और कार में कूलेंट भी है तो फिर कम चांस होते हैं कि कार ओवरहीट हो। ऐसा होने पर कार के कूलेंट को भी चेक करना चाहिए कि कहीं से कूलेंट लीक ना हो। लीक होने पर कार से धीरे-धीरे कूलेंट कम हो जाता है और रिजर्व कूलेंट भी खत्म हो जाता है जिससे इंजन ओवरहीट होता है।
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