फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Automobiles News ›   Vehicle fires increasede 30% in two years Learn why vehicles catch fire while moving Here how protect youself

Fire: 42 महीनों में 30% बढ़ी वाहनों में आग लगने की घटनाएं, जानें क्यों चलते-चलते धधक जाती है कार, ऐसे बचें

Fri, 07 Nov 2025 06:16 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Fri, 07 Nov 2025 06:16 PM IST
सार

भारत में पिछले 42 महीनों में 30 प्रतिशत से अधिक चलते वाहनों में आग लगने की घटनाएं सामने आई है, जिसमें अधिकतर वजह शॉर्ट सर्किट की बताई जाती है।

 

विज्ञापन
Vehicle fires increasede 30% in two years Learn why vehicles catch fire while moving Here how  protect youself
कार फायर - फोटो : AI

विस्तार

दिल्ली-एनसीआर व अन्य राज्यों (उत्तराखंड, मप्र, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात) में चलते वाहनों में आग लगने की घटनाएं तेजी से बढ़ रही है। दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार 2023-ंं24 में आग लगने से 1303 लोगों की मौत हुई, जबकि पिछले वर्ष (2022-23) यह आंकड़ा 1029 था।

विज्ञापन

आग लगने की मुख्य वजह ईंधन रिसाव, इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट, ओवरहीटिंग व गैर-मानक आफ्टरमार्केट फिटिंग्स (यह ऐसे पुर्जे किसी तीसरे पक्ष के निर्माता से प्राप्त होते हैं, जिसने आपके वाहन के मूल पुर्जे नहीं बनाए हो। ये आमतौर पर कई मॉडलों में इस्तेमाल के लिए बनाए गए सामान्य पुर्जे होते हैं, इसलिए हो सकता है कि ये आपकी कार के अनुकूल न हों। ) शामिल हैं। इन दुर्घटनाओं से बचने के लिए नियमित मेंटनेंस व फायर एक्सटिंग्विशर रखना बहुत जरुरी हे।

विज्ञापन

 ये भी पढ़े- नोएडा के सेक्टर 168 में चलती कार में लगी भीषण आग, चालक ने कूदकर बचाई जान

विज्ञापन
विज्ञापन

क्यों मासूमाें की जान ले रहे 'चलते आग के गोले'?

देश की सड़कों पर दोपहिया से लेकर चार पहिया वाहनों तक में आग लगने की घटनाएं एक भयानक त्रासदी का रूप ले रही हैं। चंद पलों में ही गाड़ियां आग के गोले में तब्दील हो रही हैं और इन दुर्घटनाओं में मरने वाले मासूमों का आंकड़ा चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है।

एक साल में 30 प्रतिशत से ज्यादा मौतें

Vehicle fires increasede 30% in two years Learn why vehicles catch fire while moving Here how  protect youself
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : AI

आग लगने की घटनाओं में हुई बढ़ोतरी के सरकारी आंकड़े बेहद डरावने है। दिल्ली फायर सर्विस की सांख्यिकीय रिपोर्ट के अनुसार 2023-24 में वाहन में आग लगने से घायल होने वालों की संख्या बढ़कर 3232 हो गई, जबकि 1303 लोगों ने अपनी जान गंवाई। यह आंकड़ा 2022-23 की 1029 मौतों से लगभग 27 प्रतिशत अधिक है। यह समस्या सिर्फ राजधानी नई दिल्ली तक सीमित नहीं है। पिछले कुछ समय में देश के अलग-अलग हिस्सों में वाहन में आग लगने की खबरें आई हैं।

वर्ष आग के मामलें घायल मृत्यु
2020-21 25709 1135  346
2021-22 27343 1421 591
2022-23 31958 2193 1029
2023-24 31575 3232 1303

अक्तूबर 2025 से अब तक आंध्र प्रदेश के सलूर, उत्तराखंड के रुड़की, हरिद्वार, मध्य प्रदेश के छतरपुर, राजस्थान के जोधपुर, गुरुग्राम, गुजरात और यूपी के नोएडा से चलती गाड़ियों में आग लगने की खबरें सामने आई हैं।

इन सात जानलेवा कारणों से लगती है आग

विशेषज्ञों के अनुसार वाहनों में आग लगने के मुख्य कारण तकनीकी लापरवाही और खराब रखरखाव से जुड़े हैं।

इलेक्ट्रिकल शॉर्ट सर्किट- तारों का इंसुलेशन घिस जाने, गलत फ्यूज या आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज (जैसे हाई-पावर हेडलाइट या म्यूज़िक सिस्टम) के लिए घटिया वायरिंग का उपयोग करने से स्पार्क उत्पन्न होता है, जो आग पकड़ लेता है।

फ्यूल/ऑयल लीक- पेट्रोल, डीजल या इंजन ऑयल का पाइप, इंजेक्शन सिस्टम या टैंक से रिसाव होना। गर्म इंजन की सतह या शॉर्ट सर्किट स्पार्क के संपर्क में आते ही ये लीकेज तुरंत आग पकड़ लेती हैं।

ओवरहीटिंग- लंबी यात्रा के दौरान बिना रुके गाड़ी चलाने या कूलेंट की कमी के कारण इंजन का अत्यधिक गर्म होना। पिघले हुए प्लास्टिक पार्ट या लीक हुए तेल का संपर्क आग का कारण बनता है।

खराब मेंटेनेंस- पुरानी गाड़ियों में घिसी हुई ऑयल सील, फ्यूल पाइप या ढीली वायरिंग को समय पर न बदलना।

 इंजन ऑयल/ग्रीस रिसाव- गर्म टर्बो या सिलिंडर हेड के पास जमा हुआ लीक हुआ तेल या ग्रीस का तुरंत जल उठना।

टायर फेलियर/ब्रेक जाम- कुछ मामलों में जाम हुए ब्रेक के कारण टायर और एक्सेल पर अत्यधिक घर्षण (Friction) और गर्मी पैदा होती है, जो पास के फ्यूल टैंक या वायरिंग में आग लगा सकती है।

बाहरी ज्वलनशील पदार्थ- खिड़की से चलती सिगरेट, पटाखा या माचिस की तीली फेंकने पर ईंधन वाष्प (Fuel Vapours) के संपर्क में आने से तुरंत आग लग सकती है।

ये भी पढ़े- Nitin Gadkari: नितिन गडकरी का एलान- नई बस कोड से घटेंगी आग की घटनाएं, गलत बदलाव कराने पर होगी जेल

आग से बचने के 5 अनिवार्य उपाय

Vehicle fires increasede 30% in two years Learn why vehicles catch fire while moving Here how  protect youself
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Freepik
  • नियमित और प्रमाणित सर्विसिंग- समय-समय पर ऑयल सील, फ्यूल लाइन और विशेष रूप से इलेक्ट्रिकल वायरिंग की जांच कराएं।
  • लीक को नज़रअंदाज़ न करें- गाड़ी में पेट्रोल/डीजल या जलने की असामान्य बदबू आने पर तुरंत वाहन रोकें और मैकेनिक को दिखाएं।
  • केवल प्रमाणित फिटिंग्स- आफ्टरमार्केट एक्सेसरीज़ (म्यूज़िक/लाइट्स) हमेशा कंपनी-प्रमाणित मैकेनिक से ही लगवाएं और सुनिश्चित करें कि सही गेज की वायरिंग का उपयोग किया गया हो।
  • फायर एक्सटिंग्विशर रखें- अपनी कार में हमेशा एक छोटा, आसानी से पहुंचने वाला फायर एक्सटिंग्विशर रखें और उसका उपयोग करना सीख लें।
  • ओवरहीटिंग से बचें- लंबी यात्रा के दौरान हर 2-3 घंटे पर गाड़ी रोककर इंजन को ठंडा होने दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें ऑटोमोबाइल समाचार से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। ऑटोमोबाइल जगत की अन्य खबरें जैसे लेटेस्ट कार न्यूज़, लेटेस्ट बाइक न्यूज़, सभी कार रिव्यू और बाइक रिव्यू आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed