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Tata Motors: मुनाफे से घाटे में गई यह कंपनी, टाटा मोटर्स को हुआ 867 करोड़ का घाटा, ये है वजह

Fri, 14 Nov 2025 05:10 PM IST
जागृति ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति Updated Fri, 14 Nov 2025 05:10 PM IST
सार

Tata Motors: टाटा मोटर्स की राजस्व और बिक्री में बढ़ोतरी के बावजूद कंपनी का तिमाही लाभ दबाव में रहा। एफवाई 26 (वित्तीय वर्ष) में कंपनी ने करोड़ों का समेकित शुद्ध घाटा दर्ज किया। 
 

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This company went from profit  loss Tata Motors suffered  loss 867 crores this  reason
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ivecogroup.com / X @TataMotors

विस्तार

टाटा मोटर्स लिमिटेड ने वित्तीय वर्ष 26 की दूसरी तिमाही (सितंबर 2025 तिमाही) के लिए 867 करोड़ का समेकित शुद्ध घाटा (नेट लॉस) दर्ज किया गया है। यह प्रदर्शन पिछले वर्ष की इसी तिमाही के 498 करोड़ के लाभ की तुलना में बड़ी गिरावट है।

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कंपनी ने स्पष्ट किया कि घाटे की मुख्य वजह टाटा कैपिटल में हाल ही में सूचीबद्ध निवेशों पर हुए मार्क-टू-मार्केट (एमटूएम) नुकसान है, जिन्होंने लाभप्रदता को प्रमुख रूप से प्रभावित किया है। ऑपरेशंस से कंपनी का समेकित राजस्व 17,535 करोड़ रुपये से बढ़कर 18,585 करोड़ रुपये हो गया। यानी ब्रिकी और बाजार मांग में सुधार दिखाई दे रहा है, लेकिन एमटूएम प्रभाव ने नेट प्रॉफिट को घाटे में बदल दिया। 
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जीएसटी 2.0 और त्योहारों ने तेजी लौटाई

कंपनी के एमडी और सीईओ गिरीश वाघ ने कहा कि तिमाही की शुरुआत धीमी रही, लेकिन जीएसटी 2.0 के लागू होने और त्योहारों की शुरुआत ने मांग में तेज बढ़त दी। उन्होंने बताया कि उत्पाद उपलब्धता में सुधार और बेहतर प्राइिसंग स्ट्रेटजी की वजह से कंपनी ने साल-दर-साल 12 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। 


कंपनी के अनुसार थोक बिक्री में साल-दर-साल 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई और यह 96,800 इकाई हो गई, जबकि घरेलू बिक्री में 9 प्रतिशत और निर्यात में 75 प्रतिशत की वृद्धि हुई। यह संकेत देता है कि वैश्विक और घरेलू दोनों बाजारों में मांग बढ़ रही है। 


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ईबीआईटी और ईबीआईटीडीए दोनों बेहतर

इस खंड का राजस्व 18,370 करोड़ रुपये रहा, जो साल-दर-साल 6.6 प्रतिशत की वृद्धि है। ईबीआईटीडीए (अर्निंग बीफोर इंटरेस्ट, टैक्सेस, डिस्क्रिपशन एंड एमोरिटाजेशन) का मतलब ब्याज, कर, मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की कमाई का मार्जिन बढ़कर 12.2 प्रतिशत हो गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 150 आधार अंक अधिक है। अधिक बिक्री और अनुकूल प्राप्तियों के कारण ईबीआईटी ( अर्निंग बीफोर इंटरेस्ट एंड टैक्सेस) यानी की ब्याज और कर से पहले की कमाई का मार्जिन बढ़कर 9.8 प्रतिशत हो गया। यह दर्शाता है कि कंपनी के मुख्य संचालन का प्रदर्शन मजबूत है और लाभप्रदता क्षमता बनी हुई है। 

निर्माण और खनन सेक्टर से उम्मीदें

गिरीश वाघ ने कहा कि एफवाई26 की दूसरी छमाही में कंपनी को निर्माण, बुनियादी ढांचा और खनन जैसे क्षेत्रों से मजबूत मांग जारी रहने की उम्मीद है। इन सेक्टरों में गतिविधि बढ़ने से कमर्शियल व्हीकल सेल्स को और गति मिलेगी।

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