Auto Sector: जीएसटी कटौती व त्योहारी मांग से ऑटो सेक्टर में उछाल, अब भारतीय कार निर्माता बढ़ाएंगे उत्पादन
Auto Sector: भारतीय कार निर्माता जीएसटी दरों में हालिया कटौती और त्योहारी सीजन की मजबूत मांग के बाद अपनी उत्पादन क्षमता को 30-40 प्रतिशत तक बढ़ाने की महत्वाकांक्षी योजना बना रहे हैं।
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भारत का ऑटोमोबाइल उद्योग इस समय रफ्तार में है। अक्तूबर 2025 में जीएसटी दरों में कटौती ओर त्योहारी सीजन के कारण खुदरा बिक्री रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। अब देश के प्रमुख कार निर्माता मारुति सुजुकी, टाटा मोटर्स व ह्यूंदै मोटर इंडिया आने वाले महीनों में अपनी उत्पादन क्षमता को 20 से 40 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना बना रहे हैं।
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रिकोर्ड तोड़ उत्पादन का लक्ष्य
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता मारुति सुजुकी नवंबर में दो लाख से अधिक वाहनो के उत्पादन का लक्ष्य लेकर चल रही थी, जबकि सितंबर में ही इसका औसत मासिक उत्पादन 1.72 लाख यूनिट रहा है। यह नवंबर का अब तक का सबसे बड़ा उत्पादन लक्ष्य है, क्योंकि परंपरागत रूप से यह महीना त्योहारों के बाद की मांग में गिरावट का होता है।
मारुति सुजुकी के मार्केटिंग और सेल्स के वरिष्ठ कार्यकारी अधिकारी पार्थो बनर्जी ने कहा कि हमारी उत्पादन टीमें डीलरशिप की मांग पूरी करने के लिए रविवार को भी ओवरटाइम कर रही हैं। हमारे पास 3.5 लाख ऑर्डर लंबित हैं और 19 दिनों तक चलने के लिए 1.04 लाख यूनिट का स्टॉक है। अक्तूबर में कंपनी की खुदरा बिक्री 20 प्रतिशत बढ़कर 2.42 लाख यूनिट के सर्वाधिक स्तर पर पहुंच गई।
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टाटा मोटर्स के उत्पादन में 40 प्रतिशत की छलांग
टाटा मोटर्स ने अपने आपूर्तिकर्ताओं को हर महीने 65 हजार से 70 हजार वाहन तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जबकि पहले यह आंकड़ा 47 यूनिट के आसपास था। कंपनी के पैसेंजर व्हीकल बिजनेस के चीफ कमर्शियल ऑफिसर अमित कामत ने बताया कि त्योहारी सीजन ने खुदरा बिक्री को जबरदस्त रफ्तार दी है। जीएसटी कटौती और स्वस्थ नेटवर्क स्टॉक लेवल ने इसमें अहम भूमिका निभाई है। टाटा मोटर्स को उम्मीद है कि यह तेजी वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी छमाही में भी बनी रहेगी।
ह्यूंदै मोटर इंडिया की नई शिफ्ट, नई उम्मीदें
ह्यूंदै मोटर इंडिया ने महाराष्ट्र के तालेगांव स्थित अपने दूसरे संयंत्र में दो नई शिफ्ट शुरू की हैं, जिससे उत्पादन क्षमता में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। कंपनी के सीओओ तरुण गर्ग ने कहा कि पहले हम क्षमता सीमाओं से जूझ रहे थे, लेकिन अब पुणे प्लांट के साथ हमें उत्पादन में बड़ी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। ह्यूंदै नए उत्पादों और बढ़ती उत्पादन क्षमता के दम पर भारतीय बाजार में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है।
रिकॉर्ड बिक्री और उद्योग विश्लेषण
सियाम के मुताबिक अक्तूबर में भारत में 5.57 लाख यात्री वाहन बिके, जो अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। वित्त वर्ष 2025-26 की पहली छमाही में कारों, सेडान और एसयूवी का घरेलू उत्पादन 3.8 प्रतिशत बढ़कर 2.57 मिलियन यूनिट हो गया, जबकि निर्यात में 18 प्रतिशत वृद्धि दर्ज की गई।
एसएंडपी ग्लोबल मोबिलिटी के अनुसार कर कटौती से पहले 2026 में उत्पादन वृद्धि का अनुमान 1-2 प्रतिशत था, लेकिन अब यह बढ़कर 6-7 प्रतिशत से अधिक हो गया है। इसके विश्लेषक गौरव वांगल ने कहा कि जीएसटी कटौती के बाद मांग में उछाल ने उद्योग के सभी पुराने अनुमान बदल दिए हैं। अब भारत का ऑटो सेक्टर अगले साल तक तेजी से विस्तार करेगा।