{"_id":"66a50db642deb13ff307caad","slug":"thailand-plans-new-incentives-for-hybrid-vehicles-automakers-to-attract-new-investment-know-details-2024-07-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Hybrid Vehicles: थाईलैंड हाइब्रिड ऑटो निवेश को कर रहा आकर्षित, नए टैक्स छूट की बना रहा योजना, जानें डिटेल्स","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
Hybrid Vehicles: थाईलैंड हाइब्रिड ऑटो निवेश को कर रहा आकर्षित, नए टैक्स छूट की बना रहा योजना, जानें डिटेल्स
Sat, 27 Jul 2024 08:39 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Sat, 27 Jul 2024 08:39 PM IST
सार
हाइब्रिड कारों के निर्माता - जिनमें इलेक्ट्रिक और इंटरनल कंब्शन इंजन दोनों हैं - अगर वे थाईलैंड में विशिष्ट मानदंडों को पूरा करते हैं तो उन्हें 2028 और 2032 के बीच कम उत्पाद शुल्क दरों का भुगतान करना होगा।
विज्ञापन
Automobile Factory
- फोटो : iStock
विस्तार
थाईलैंड अगले चार वर्षों में कम से कम 50 अरब बाहट (1.4 अरब डॉलर) का नया निवेश आकर्षित करने के लिए हाइब्रिड वाहन निर्माताओं के लिए नए प्रोत्साहन की योजना बना रहा है। हाइब्रिड कारों के निर्माता - जिनमें इलेक्ट्रिक और इंटरनल कंब्शन इंजन दोनों हैं - अगर वे विशिष्ट मानदंडों को पूरा करते हैं तो 2028 और 2032 के बीच कम उत्पाद शुल्क दरों का भुगतान करेंगे। राष्ट्रीय इलेक्ट्रिक वाहन नीति समिति के सचिव नारित थर्डस्टेरसुकडी ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया।
विज्ञापन
नारित ने कहा कि 10 से कम सीटों वाले पात्र हाइब्रिड 2026 से 6 प्रतिशत से शुरू होने वाले उत्पाद शुल्क दरों के अधीन होंगे। और हर दो साल में दो प्रतिशत अंकों की निश्चित दर बढ़ोतरी से छूट हासिल करेंगे। फुल इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माताओं के लिए पहले से ही अलग प्रोत्साहन हैं।
नारित ने कहा, "यह नया कदम देश के ऑटोमोटिव उद्योग को व्हीकल इलेक्ट्रिफिकेशन (वाहन विद्युतीकरण) की ओर ले जाने और संपूर्ण सप्लाई चेन के भविष्य के विकास में मदद करेगा। थाईलैंड में हर तरह की इलेक्ट्रिक कारों, पूर्ण कारों और पुर्जों दोनों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता है।"
नारित ने कहा, "यह नया कदम देश के ऑटोमोटिव उद्योग को व्हीकल इलेक्ट्रिफिकेशन (वाहन विद्युतीकरण) की ओर ले जाने और संपूर्ण सप्लाई चेन के भविष्य के विकास में मदद करेगा। थाईलैंड में हर तरह की इलेक्ट्रिक कारों, पूर्ण कारों और पुर्जों दोनों के लिए उत्पादन केंद्र बनने की क्षमता है।"
विज्ञापन
विज्ञापन
यह नई योजना ऐसे समय में आई है जब थाईलैंड आक्रामक रूप से ईवी प्रोत्साहनों को लागू कर रहा है। जिसने हाल के वर्षों में विशेष रूप से चीनी निर्माताओं से विदेशी निवेश को आकर्षित करने में मदद की है। थाईलैंड को अक्सर "दक्षिण पूर्व एशिया का डेट्रायट" कहा जाता है। इसका लक्ष्य 2030 तक अपनी कार उत्पादन का 30 प्रतिशत इलेक्ट्रिक बनाना है।
कम टैक्स दरों के लिए अर्हता हासिल करने के लिए, हाइब्रिड कारों के निर्माताओं को अब से 2027 के बीच थाई इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग में कम से कम 3 अरब बहत का निवेश करना होगा। इस योजना के तहत उत्पादित वाहनों को सख्त कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन आवश्यकताओं का पालन करना होगा। थाईलैंड में असेंबल या निर्मित प्रमुख ऑटो पार्ट्स का इस्तेमाल करना होगा। और छह निर्दिष्ट एडवांस्ड ड्राइवर-असिस्टेंस सिस्टम में से कम से कम चार को शामिल करना होगा।
नारित ने कहा कि थाईलैंड में पहले से ही काम कर रहे सात हाइब्रिड ऑटोमेकर्स में से कम से कम पांच के इस कार्यक्रम में नामांकन करने की उम्मीद है। ईवी बोर्ड का फैसला अब विचार और अंतिम अनुमोदन के लिए कैबिनेट को पेश किया जाएगा।
थाईलैंड में ईवी की मांग में उछाल आया है। इसकी वजह सरकार द्वारा आयात और उत्पाद शुल्क में कटौती करना है। साथ ही वाहन निर्माताओं से स्थानीय उत्पादन शुरू करने की प्रतिबद्धता के बदले खरीदारों को नकद सब्सिडी देना रहा है। यह सब क्षेत्रीय ऑटो हब के रूप में अपनी दीर्घकालिक स्थिति को बनाए रखने के लिए नए सिरे से किए गए प्रयास का हिस्सा है।
नारित के अनुसार, थाईलैंड ने 2022 से 24 ईवी निर्माताओं से निवेश आकर्षित किया है। 2024 की पहली छमाही में बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक कारों के नए पंजीकरण बढ़कर 37,679 यूनिट्स हो गए। जो पिछले साल की समान अवधि से 19 प्रतिशत ज्यादा है।
फेडरेशन ऑफ थाई इंडस्ट्रीज द्वारा गुरुवार को जारी ऑटोमोबाइल बिक्री के आंकड़ों के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में सभी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 41 प्रतिशत बढ़कर 1,01,821 यूनिट्स हो गई। इस बीच, छह महीने की अवधि में कुल घरेलू ऑटो बिक्री में 24 प्रतिशत की गिरावट आई। जिसका मुख्य कारण पिक-अप ट्रक और इंटरल कंब्शन इंजन वाली यात्री कारों की मांग में गिरावट है।