Auto Sales: क्या सच में देश में चल रही है सिर्फ एसयूवी की आंधी? पैसेंजर वाहन बिक्री में 68% हिस्सेदारी
वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए कई मायनों में खास रही। इस दौरान पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट ने घरेलू बाजार में अब तक की सबसे अधिक तिमाही बिक्री दर्ज की।
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विस्तार
भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार के लिए वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) ऐतिहासिक रही है। इस तिमाही के दौरान भारतीय पैसेंजर व्हीकल (PV) बाजार ने अब तक की सबसे शानदार और रिकॉर्ड तोड़ बिक्री दर्ज की है। इस बीते क्वार्टर (Q1 FY27) में कुल 1.27 मिलियन यानी 12,73,811 पैसेंजर वाहनों की घरेलू बाजार में बिक्री हुई। यह आंकड़ा पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही (Q1 FY26) के 10,11,884 यूनिट्स के मुकाबले 25.9 प्रतिशत की धमाकेदार सालाना (YoY) बढ़त को दर्शाता है।
अगर अकेले जून महीने की बात करें, तो पैसेंजर वाहनों की घरेलू बिक्री 24.1 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ के साथ 3,88,144 यूनिट्स रही। जो पिछले साल के इसी महीने में 3,12,851 यूनिट्स थी।
क्या सच में देश में चल रही है सिर्फ SUV की आंधी?
पहली तिमाही के आंकड़े इसी बात की गवाही दे रहे हैं। पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट की इस रिकॉर्ड तोड़ रफ्तार को सबसे बड़ा धक्का यूटिलिटी व्हीकल्स (UV/SUV) ने दिया है।
बाजार के इस सेगमेंट वार प्रदर्शन को हम नीचे दिए गए बिंदुओं से समझ सकते हैं:
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कुल बिक्री में 68% हिस्सेदारी सिर्फ SUV की:
पहली तिमाही में जितने भी पैसेंजर वाहन बिके, उनमें से 68 प्रतिशत हिस्सा अकेले यूटिलिटी वाहनों का रहा। यह दिखाता है कि भारतीय ग्राहकों के सिर चढ़कर SUV का जादू बोल रहा है। -
यूटिलिटी व्हीकल्स में 28.6% का उछाल:
इस सेगमेंट में बीते क्वार्टर में 8,61,918 गाड़ियां बिकीं, जो पिछले साल की समान अवधि के 6,70,120 यूनिट्स के मुकाबले 28.6 प्रतिशत की मजबूत बढ़त है। -
पैसेंजर कारों की रफ्तार:
पारंपरिक पैसेंजर कारों (हैचबैक/सेडान) ने भी अच्छा प्रदर्शन किया है। इस सेगमेंट में 21.3 प्रतिशत की सालाना बढ़त के साथ 3,67,549 कारें बिकीं, जबकि पिछले साल यह आंकड़ा 3,03,129 यूनिट्स था।
गाड़ियों के निर्यात के मोर्चे पर क्या रहे आंकड़े?
घरेलू बाजार में रिकॉर्ड बनाने के साथ-साथ पैसेंजर वाहनों ने विदेशी बाजारों में भी झंडे गाड़े हैं। Q1 FY27 में पैसेंजर व्हीकल्स का एक्सपोर्ट 2.22 लाख यूनिट्स के साथ अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। यह पिछले साल की पहली तिमाही (Q1 FY26) के मुकाबले 8.8 प्रतिशत की सालाना बढ़त है।
निर्यात के इस गणित को समझने के लिए ये भौगोलिक परिस्थितियां जिम्मेदार रहीं:
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लैटिन अमेरिका, यूरोप और जापान से आई बड़ी मांग:
भारत से होने वाले निर्यात में आई इस तेजी की मुख्य वजह लैटिन अमेरिका, यूरोप और जापान के बाजारों में आई भारी मांग रही। -
पश्चिम एशिया में दिखा असर:
जहां बाकी दुनिया में मांग तेज थी, वहीं पश्चिम एशिया के देशों में चल रहे संघर्ष के कारण वहां होने वाले निर्यात पर विपरीत असर देखने को मिला।
टू-व्हीलर सेगमेंट में स्कूटरों ने मोटरसाइकिलों को कैसे पछाड़ा?
दोपहिया वाहनों के बाजार के लिए भी यह तिमाही बेहद शानदार रही, लेकिन यहां सबसे दिलचस्प बात यह रही कि स्कूटरों की रफ्तार मोटरसाइकिलों से काफी तेज रही। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कुल टू-व्हीलर सेगमेंट ने घरेलू बाजार में 20.3 प्रतिशत की सालाना बढ़त के साथ 56,28,675 यूनिट्स की बिक्री की (जो पिछले साल Q1 में 46,77,990 यूनिट्स थी)।
इस सेगमेंट के प्रदर्शन के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
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स्कूटर सेगमेंट में 30.8% की तूफानी बढ़त:
इस साल अप्रैल से जून के बीच कुल 21,78,858 स्कूटर बेचे गए। पिछले साल की इसी अवधि में यह आंकड़ा 16,65,180 यूनिट्स था। स्कूटरों की इस रफ्तार के पीछे सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (SIAM) ने पिछले त्योहारी सीजन के दौरान जीएसटी में की गई कटौती के निरंतर असर को मुख्य वजह बताया है। -
मोटरसाइकिलों की धीमी मगर स्थिर ग्रोथ:
स्कूटरों के मुकाबले मोटरसाइकिलों की ग्रोथ प्रतिशत में आधी रही। इस तिमाही में 14 प्रतिशत की ग्रोथ के साथ कुल 33,08,847 मोटरसाइकिलें बिकीं, जो पिछले साल इसी दौरान 29,03,449 यूनिट्स थीं। -
जून महीने का प्रदर्शन:
जून 2026 में टू-व्हीलर्स ने 18.6 प्रतिशत की सालाना ग्रोथ दर्ज करते हुए 18,51,400 वाहन बेचे, जो पिछले साल जून में 15,61,283 यूनिट्स थे।
दोपहिया वाहनों के एक्सपोर्ट मार्केट से क्या बड़ी खुशखबरी आई?
SIAM के मुताबिक, दोपहिया वाहनों के सेगमेंट ने बीते क्वार्टर में अपने इतिहास का सबसे उच्चतम Q1 निर्यात दर्ज किया है।
इस ऐतिहासिक निर्यात के पीछे ये मुख्य बातें रहीं:
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15.5 लाख वाहनों का निर्यात:
भारत से रिकॉर्ड 15.5 लाख टू-व्हीलर्स विदेशों में भेजे गए, जो Q1 FY26 के मुकाबले 36.6 प्रतिशत की भारी-भरकम सालाना (YoY) ग्रोथ दिखाता है। -
इन बाजारों ने बढ़ाया ग्राफ:
दोपहिया वाहनों के निर्यात में आई इस ऐतिहासिक तेजी को मुख्य रूप से लैटिन अमेरिकी बाजारों ने रफ्तार दी। जबकि दक्षिण एशिया और अफ्रीका के बाजारों में भारतीय दोपहिया वाहनों की मांग लगातार स्थिर और मजबूत बनी रही।