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Aurus Senat: पुतिन ने किम जोंग उन को जो कार उपहार में दी है, उसमें लगे हैं दक्षिण कोरिया के पुर्जे!
Wed, 03 Jul 2024 11:14 AM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Wed, 03 Jul 2024 11:14 AM IST
सार
ऑरस सीनेट लिमोजिन का निर्माण रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए किया गया था। और यह कार हाल ही में उत्तर कोरिया के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन को उपहार में दी गई थी।
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किम जोंग उन, व्लादिमीर पुतिन
- फोटो : ANI
विस्तार
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन पिछले हफ्ते प्योंगयांग में ऑरस लिमोसिन में बैठकर घूमते और हंसी-मजाक करते हुए नजर आए थे। खास बात यह है कि यह कार रूस में बनी है। उन्होंने ऑरस लिमोसिन में बैठकर पश्चिमी देशों के खिलाफ अपने मजबूत गठबंधन को दिखाया।
2018 में जब इस लग्जरी सेडान को पेश किया गया था, तो इसका मकसद रूस की घरेलू ताकत को दर्शाना और इंपोर्टेड टेक्नोलॉजी और सामान पर निर्भरता को कम करना था।
लेकिन सीमा शुल्क रिकॉर्ड से पता चलता है कि इसे बनाने वाली कंपनी लाखों डॉलर के आयातित पुर्जों का इस्तेमाल करती है। इनमें से कई पुर्जे रूस में दक्षिण कोरिया से आते हैं। यह वह जगह है जिसे किम अपने देश का "मुख्य दुश्मन" बताते हैं।
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2018 में जब इस लग्जरी सेडान को पेश किया गया था, तो इसका मकसद रूस की घरेलू ताकत को दर्शाना और इंपोर्टेड टेक्नोलॉजी और सामान पर निर्भरता को कम करना था।
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लेकिन सीमा शुल्क रिकॉर्ड से पता चलता है कि इसे बनाने वाली कंपनी लाखों डॉलर के आयातित पुर्जों का इस्तेमाल करती है। इनमें से कई पुर्जे रूस में दक्षिण कोरिया से आते हैं। यह वह जगह है जिसे किम अपने देश का "मुख्य दुश्मन" बताते हैं।
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यह आयात रूस की पश्चिमी तकनीक पर निरंतर निर्भरता की ओर इशारा करते हैं। क्योंकि वह यूक्रेन पर आक्रमण के दंड के रूप में वैश्विक सप्लाई चेन से खुद को अलग करने के पश्चिमी प्रयासों से निपटना चाहता है।
पुतिन की धूमधाम भरी यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने इस बख्तरबंद लिमोसिन को बारी-बारी से चलाया। यह पुतिन की उत्तर कोरिया में लगभग एक चौथाई सदी में उनकी पहली यात्रा थी। जो दो परमाणु शक्तियों के बीच बढ़ते घनिष्ठ संबंधों का प्रदर्शन था।
पुतिन की धूमधाम भरी यात्रा के दौरान दोनों नेताओं ने इस बख्तरबंद लिमोसिन को बारी-बारी से चलाया। यह पुतिन की उत्तर कोरिया में लगभग एक चौथाई सदी में उनकी पहली यात्रा थी। जो दो परमाणु शक्तियों के बीच बढ़ते घनिष्ठ संबंधों का प्रदर्शन था।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सीमा शुल्क रिकॉर्ड से पता चला है कि रूस ने ऑरस कारों और मोटरसाइकिलों को असेंबल करने के लिए 2018 और 2023 के बीच कम से कम 34 मिलियन डॉलर मूल्य के उपकरण और घटक आयात किए। रिपोर्ट के मुताबिक, ज्यादा हालिया डेटा उपलब्ध नहीं हो सका है।
आयात में दक्षिण कोरिया से आयातित लगभग 15.5 मिलियन डॉलर मूल्य के कार बॉडी पार्ट्स, सेंसर, प्रोग्रामेबल कंट्रोलर, स्विच, वेल्डिंग उपकरण और अन्य कंपोनेंट्स शामिल थे। चीन, भारत, तुर्की, इटली और अन्य यूरोपीय संघ के देशों से भी पुर्जे आयात किए गए थे।
आयात में दक्षिण कोरिया से आयातित लगभग 15.5 मिलियन डॉलर मूल्य के कार बॉडी पार्ट्स, सेंसर, प्रोग्रामेबल कंट्रोलर, स्विच, वेल्डिंग उपकरण और अन्य कंपोनेंट्स शामिल थे। चीन, भारत, तुर्की, इटली और अन्य यूरोपीय संघ के देशों से भी पुर्जे आयात किए गए थे।
यूक्रेन पर रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण के बाद भी ऑरस के लिए विदेशी आपूर्ति आती रही। रिकॉर्ड से पता चला कि फरवरी 2022 से दक्षिण कोरिया में उत्पादित 5 मिलियन डॉलर सहित लगभग 16 मिलियन डॉलर मूल्य के सामान आयात किए गए।
हालांकि यह रिपोर्ट विशेष रूप से यह निर्धारित नहीं कर सका कि किम को उपहार में दी गई कार में कौन से आयातित विदेशी पुर्जे थे, और आयात प्रतिबंधों का उल्लंघन नहीं था। ऑरस एलएलसी को फरवरी 2024 में अमेरिका द्वारा प्रतिबंधित किया गया था।
ऑरस सेडान को रूसी सरकारी स्वामित्व वाली अनुसंधान संस्था NAMI ने रूसी कार निर्माता कंपनी सोलर्स के साथ साझेदारी में विकसित किया था। सोलर्स ने अब अपनी हिस्सेदारी बेच दी है। ऑरस मोटर्स और इसके सीईओ एंड्री पैनकोव ने अपने वाहनों में दक्षिण कोरिया सहित विदेशी पार्ट्स के इस्तेमाल पर टिप्पणी के लिए मीडिया एजेंसी के अनुरोधों का जवाब नहीं दिया।