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Hindi News ›   Delhi ›   Nitin Gadkari Inaugurates India’s Second Barrier-Less Toll Plaza on Delhi’s UER-II

MLFF: दिल्ली को मिला देश का दूसरा बैरियर-मुक्त टोल, अब बिना रुके भरें टोल टैक्स, जानें कैसे काम करेगी नई तकनीक

Mon, 11 May 2026 01:30 PM IST
Amar Sharma ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Amar Sharma Updated Mon, 11 May 2026 01:30 PM IST
सार

केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने सोमवार को अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) पर मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा में मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) बैरियर-लेस टोलिंग सिस्टम का उद्घाटन किया।

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Nitin Gadkari Inaugurates India’s Second Barrier-Less Toll Plaza on Delhi’s UER-II
Nitin Gadkari - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

गुजरात के बाद अब दिल्ली में देश का दूसरा बैरियर-लेस (बिना बैरियर वाला) टोल शुरू हो गया है। केंद्रीय सड़क, परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दिल्ली के अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) पर 'मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) तकनीक से लैस टोल का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा भारत का दूसरा ऐसा टोल बन गया है जहां गाड़ियों को रुकने की जरूरत नहीं होगी। 

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देश में इस तकनीक की शुरुआत कब और कहां हुई?

बैरियर-लेस टोलिंग की दिशा में सरकार तेजी से कदम बढ़ा रही है:

  • पहला टोल: 1 मई को नितिन गडकरी ने मुंबई-दिल्ली नेशनल हाईवे (NH-48) के सूरत-भरूच सेक्शन पर 'चोरयासी' टोल प्लाजा का उद्घाटन किया था।

  • अगली योजना: भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) इस चालू वित्त वर्ष में और भी अधिक टोल प्लाजा को MLFF तकनीक से लैस करने की योजना बना रहा है।

आने वाले समय में कहां-कहां खुलेंगे ऐसे टोल?

एनएचएआई ने पूरे देश में इस तकनीक को विस्तार देने का खाका तैयार किया है:

  • सितंबर 2026 तक: देश के 9 राज्यों (गुजरात, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, तमिलनाडु, कर्नाटक, महाराष्ट्र और असम) के 17 टोल प्लाजा को बैरियर-मुक्त करने का लक्ष्य है।

  • मार्च 2027 तक: दूसरे चरण के तहत 108 से अधिक अतिरिक्त टोल प्लाजा इस सूची में जोड़े जाएंगे।

आखिर क्या है बैरियर-मुक्त टोलिंग (MLFF) तकनीक?

यह तकनीक पारंपरिक टोल प्लाजा से बिल्कुल अलग है:

  • बिना रुके सफर: MLFF तकनीक वाहनों को बिना रुके टोल पॉइंट से गुजरने की अनुमति देती है।

  • सेंसर और कैमरा: इसमें कोई फिजिकल बैरियर नहीं होता। इसके बजाय, सड़क के ऊपर ओवरहेड फ्रेम लगाए जाते हैं जिनमें लगे सेंसर और कैमरे वाहन की पहचान कर रीयल-टाइम में टोल काट लेते हैं।

दोबारा चार्ज (जुर्माना) से बचने के लिए क्या सावधानी बरतें?

एनएचएआई ने स्पष्ट किया है कि ई-नोटिस जारी होने के बाद बकाया टोल का भुगतान समय पर करना अनिवार्य है:

  • 72 घंटे के भीतर भुगतान: सामान्य टोल राशि (1x) लगेगी।

  • 72 घंटे के बाद भुगतान: टोल राशि दोगुनी (2x) हो जाएगी।

  • ध्यान दें: कई यूजर्स को बाद में अधिक कटौती दिख सकती है; यह पेनल्टी सड़क के उपयोग के लिए नहीं, बल्कि समय पर बकाया न चुकाने के कारण लगाई जाती है।

डबल चार्ज से बचने के लिए क्या करें?

सुचारू यात्रा के लिए एनएचएआई ने वाहन चालकों को कुछ सुझाव दिए हैं:

  • अपना FASTag (फास्टैग) हमेशा एक्टिव रखें।

  • FASTag वॉलेट में हमेशा पर्याप्त बैलेंस बनाए रखें।

  • सुनिश्चित करें कि वाहन पर हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) लगी हो।

  • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले नोटिफिकेशन को नियमित रूप से चेक करते रहें।

नितिन गडकरी द्वारा इस नई तकनीक का उद्घाटन दिल्ली के यात्रियों के लिए समय और ईंधन की बचत की दिशा में एक बड़ा कदम है। यदि आप भी इस मार्ग का उपयोग करते हैं, तो भारी जुर्माने से बचने के लिए अपना फास्टैग अपडेट रखना बेहद जरूरी है।

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