{"_id":"692ecbe89c1cacfd740f6c99","slug":"nhai-to-send-real-time-highway-danger-alerts-to-drivers-via-mobile-phones-new-safety-system-explained-2025-12-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"NHAI: हाईवे सफर अब होगा और सुरक्षित, राष्ट्रीय राजमार्गों पर अब मोबाइल पर मिलेंगे खतरे के लाइव अलर्ट","category":{"title":"Automobiles","title_hn":"ऑटो-वर्ल्ड","slug":"automobiles"}}
NHAI: हाईवे सफर अब होगा और सुरक्षित, राष्ट्रीय राजमार्गों पर अब मोबाइल पर मिलेंगे खतरे के लाइव अलर्ट
Tue, 02 Dec 2025 04:52 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Tue, 02 Dec 2025 04:52 PM IST
सार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने रिलायंस जियो के साथ मिलकर एक नई मोबाइल-आधारित सेफ्टी अलर्ट प्रणाली विकसित की है।
विज्ञापन
हाईवे पर वाहन
- फोटो : संवाद
विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) (एनएचएआई) ने रिलायंस जियो के साथ मिलकर एक नई मोबाइल-आधारित सेफ्टी अलर्ट प्रणाली विकसित की है, जिसका उद्देश्य देशभर के हाईवे नेटवर्क पर यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाना है। हाल ही में हुए समझौते (एमओयू) के तहत अब दुर्घटना-प्रवण इलाकों से लेकर कोहरे, भटकते मवेशियों या आकस्मिक डायवर्जन जैसे खतरनाक जोन की जानकारी सीधे यात्रियों के मोबाइल फोन पर भेजी जाएगी।
यह भी पढ़ें - Road Safety: भारतीय ट्रक और बसों में जल्द अनिवार्य होगा ADAS, सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने की बड़ी पहल
यह भी पढ़ें - Car Insurance 2025: कार इंश्योरेंस 2025 में क्या बदला है, IRDAI के नए बदलावों को समझें और सही पॉलिसी चुनें
विज्ञापन
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Road Safety: भारतीय ट्रक और बसों में जल्द अनिवार्य होगा ADAS, सड़कों पर सुरक्षा बढ़ाने की बड़ी पहल
विज्ञापन
यह भी पढ़ें - Car Insurance 2025: कार इंश्योरेंस 2025 में क्या बदला है, IRDAI के नए बदलावों को समझें और सही पॉलिसी चुनें
विज्ञापन
कैसे काम करेगी यह नई सुरक्षा प्रणाली
इस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसे शुरू करने के लिए नई चेतावनी मशीनें या बोर्ड नहीं लगाने होंगे। पूरा सिस्टम जियो की मौजूदा 4G और 5G टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलेगा। यात्रियों को एसएमएस, व्हाट्सएप संदेश और हाई-प्रायोरिटी कॉल्स के जरिए समय से पहले अलर्ट मिलेंगे। ताकि वे खतरनाक हिस्सों में पहुंचने से पहले रफ्तार कम कर सकें और सावधानी बरतें।
इस सेवा को धीरे-धीरे एनएचएआई के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स राजमार्गयात्रा एप और नेशनल हाईवे इमरजेंसी नंबर 1033 के साथ भी जोड़ा जाएगा। जिससे उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा और सहायता से जुड़े अपडेट एक ही चैनल पर उपलब्ध हो सकेंगे।
यह भी पढ़ें - Ban ICE Ban: जर्मनी में पेट्रोल-डीजल कार बैन पर यू-टर्न की कोशिश, चांसलर की मांग क्यों बनी बड़ी बहस?
यह भी पढ़ें - Challan Discount: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की 'छूट प्रणाली' पर उठाए सवाल, कहा- ट्रैफिक चालान पर छूट से कानून का डर कम होता है
इस प्रणाली का सबसे बड़ा लाभ यह है कि इसे शुरू करने के लिए नई चेतावनी मशीनें या बोर्ड नहीं लगाने होंगे। पूरा सिस्टम जियो की मौजूदा 4G और 5G टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर पर चलेगा। यात्रियों को एसएमएस, व्हाट्सएप संदेश और हाई-प्रायोरिटी कॉल्स के जरिए समय से पहले अलर्ट मिलेंगे। ताकि वे खतरनाक हिस्सों में पहुंचने से पहले रफ्तार कम कर सकें और सावधानी बरतें।
इस सेवा को धीरे-धीरे एनएचएआई के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स राजमार्गयात्रा एप और नेशनल हाईवे इमरजेंसी नंबर 1033 के साथ भी जोड़ा जाएगा। जिससे उपयोगकर्ताओं को सुरक्षा और सहायता से जुड़े अपडेट एक ही चैनल पर उपलब्ध हो सकेंगे।
यह भी पढ़ें - Ban ICE Ban: जर्मनी में पेट्रोल-डीजल कार बैन पर यू-टर्न की कोशिश, चांसलर की मांग क्यों बनी बड़ी बहस?
यह भी पढ़ें - Challan Discount: हाईकोर्ट ने राज्य सरकार की 'छूट प्रणाली' पर उठाए सवाल, कहा- ट्रैफिक चालान पर छूट से कानून का डर कम होता है
पायलट प्रोजेक्ट और देशभर में विस्तार की तैयारी
इस ऑटोमैटिक अलर्ट सिस्टम का पहला चरण कुछ चुने हुए एनएचएआई क्षेत्रीय कार्यालयों में पायलट रूप में शुरू होगा। इन ट्रायल्स से यह निर्धारित किया जाएगा कि कौन-से स्थान सबसे अधिक जोखिम वाले हैं और किस प्रकार के अलर्ट किस दूरी पर भेजने चाहिए। पहला चरण सफल होने के बाद इसे पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर विस्तार दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Yezdi: हाईकोर्ट का फैसला- बोमन ईरानी और क्लासिक लीजेंड्स को येज्दी ट्रेडमार्क का वैध अधिकार
यह भी पढ़ें - Mercedes-Benz G-Wagen: पीने के पानी से कार धोने पर मर्सिडीज जी-वैगन मालिक पर ₹10,000 का जुर्माना, जानें डिटेल्स
इस ऑटोमैटिक अलर्ट सिस्टम का पहला चरण कुछ चुने हुए एनएचएआई क्षेत्रीय कार्यालयों में पायलट रूप में शुरू होगा। इन ट्रायल्स से यह निर्धारित किया जाएगा कि कौन-से स्थान सबसे अधिक जोखिम वाले हैं और किस प्रकार के अलर्ट किस दूरी पर भेजने चाहिए। पहला चरण सफल होने के बाद इसे पूरे देश के राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क पर विस्तार दिया जाएगा।
यह भी पढ़ें - Yezdi: हाईकोर्ट का फैसला- बोमन ईरानी और क्लासिक लीजेंड्स को येज्दी ट्रेडमार्क का वैध अधिकार
यह भी पढ़ें - Mercedes-Benz G-Wagen: पीने के पानी से कार धोने पर मर्सिडीज जी-वैगन मालिक पर ₹10,000 का जुर्माना, जानें डिटेल्स
एनएचएआई ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पहल सभी मौजूदा नियमों और डेटा संरक्षण मानकों का पालन करेगी। आगे चलकर, अन्य टेलीकॉम कंपनियों को भी इस प्रणाली का हिस्सा बनाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक यात्रियों को इसका लाभ मिल सके।
यह भी पढ़ें - Road Accident: कार हादसे में लोकप्रिय इंफ्लुएंसर 'बाइकर गर्ल' करेन सोफिया रामिरेज की मौत, सड़क पर इस गलती से गई जान!
यह भी पढ़ें - Car Headlights: चमकदार हेडलाइट्स से बढ़ती परेशानी, क्यों रात में गाड़ी चलाना हो रहा है मुश्किल भरा
यह भी पढ़ें - Road Accident: कार हादसे में लोकप्रिय इंफ्लुएंसर 'बाइकर गर्ल' करेन सोफिया रामिरेज की मौत, सड़क पर इस गलती से गई जान!
यह भी पढ़ें - Car Headlights: चमकदार हेडलाइट्स से बढ़ती परेशानी, क्यों रात में गाड़ी चलाना हो रहा है मुश्किल भरा
तकनीक से बदलेगा सफर का अनुभव
एनएचएआई और जियो की यह संयुक्त पहल राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब बिना अतिरिक्त उपकरण लगाए, मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से ड्राइवरों तक रियल-टाइम खतरे की चेतावनियां पहुंचेंगी। जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने और हाईवे यात्रा अधिक सुव्यवस्थित बनने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें - Tyre Black Colour: गाड़ियों के टायर काले क्यों होते हैं? जानें सुरक्षा, मजबूती और लंबे समय तक चलने का विज्ञान
यह भी पढ़ें - Second-Hand Car: सेकेंड-हैंड कार खरीद रहे हैं? नुकसान से बचाना है तो इन जरूरी बातों पर दें ध्यान
एनएचएआई और जियो की यह संयुक्त पहल राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा को अधिक सुरक्षित बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। अब बिना अतिरिक्त उपकरण लगाए, मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से ड्राइवरों तक रियल-टाइम खतरे की चेतावनियां पहुंचेंगी। जिससे दुर्घटनाओं में कमी आने और हाईवे यात्रा अधिक सुव्यवस्थित बनने की उम्मीद है।
यह भी पढ़ें - Tyre Black Colour: गाड़ियों के टायर काले क्यों होते हैं? जानें सुरक्षा, मजबूती और लंबे समय तक चलने का विज्ञान
यह भी पढ़ें - Second-Hand Car: सेकेंड-हैंड कार खरीद रहे हैं? नुकसान से बचाना है तो इन जरूरी बातों पर दें ध्यान