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Mumbai-Pune Expressway: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर होगा और तेज, 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट अब लगभग तैयार
Mon, 29 Sep 2025 09:45 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Mon, 29 Sep 2025 09:45 PM IST
सार
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए खुशखबरी है। लंबे समय से इंतजार किया जा रहा 13 किलोमीटर का 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट अब अपने आखिरी पड़ाव पर है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए खुशखबरी है। लंबे समय से इंतजार किया जा रहा 13 किलोमीटर का 'मिसिंग लिंक' प्रोजेक्ट अब अपने आखिरी पड़ाव पर है।
क्या है 'मिसिंग लिंक'
अभी एक्सप्रेसवे पर खोपोली से लेकर सिन्हगड इंस्टीट्यूट (पुणे) तक की दूरी 19 किलोमीटर है, जिसमें से बड़ा हिस्सा लोनावला-खंडाला घाट से होकर गुजरता है। नया लिंक बनने से गाड़ियों को घाट से नहीं गुजरना पड़ेगा और सफर करीब 30 मिनट कम हो जाएगा। इससे यात्रा ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगी।
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क्या है 'मिसिंग लिंक'
अभी एक्सप्रेसवे पर खोपोली से लेकर सिन्हगड इंस्टीट्यूट (पुणे) तक की दूरी 19 किलोमीटर है, जिसमें से बड़ा हिस्सा लोनावला-खंडाला घाट से होकर गुजरता है। नया लिंक बनने से गाड़ियों को घाट से नहीं गुजरना पड़ेगा और सफर करीब 30 मिनट कम हो जाएगा। इससे यात्रा ज्यादा सुरक्षित और आरामदायक होगी।
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एक्सप्रेसवे पर ट्रैफिक का बोझ
यशवंतराव चव्हाण के नाम पर बने इस एक्सप्रेसवे को 2002 में शुरू किया गया था। रोजाना यहां करीब 75,000 गाड़ियां गुजरती हैं। छुट्टियों और वीकेंड पर यह संख्या 1.10 से 1.20 लाख तक पहुंच जाती है। इससे कई बार जाम और ट्रैफिक की दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं।
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यशवंतराव चव्हाण के नाम पर बने इस एक्सप्रेसवे को 2002 में शुरू किया गया था। रोजाना यहां करीब 75,000 गाड़ियां गुजरती हैं। छुट्टियों और वीकेंड पर यह संख्या 1.10 से 1.20 लाख तक पहुंच जाती है। इससे कई बार जाम और ट्रैफिक की दिक्कतें खड़ी हो जाती हैं।
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प्रोजेक्ट की मौजूदा स्थिति
महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के अधिकारियों के मुताबिक, प्रोजेक्ट के तकनीकी काम लगभग पूरे हो चुके हैं। दिसंबर के आखिर तक सभी मंजूरियां और औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। जिसके बाद नए साल की शुरुआत में इसका उद्घाटन होने की संभावना है।
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महाराष्ट्र स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MSRDC) के अधिकारियों के मुताबिक, प्रोजेक्ट के तकनीकी काम लगभग पूरे हो चुके हैं। दिसंबर के आखिर तक सभी मंजूरियां और औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएंगी। जिसके बाद नए साल की शुरुआत में इसका उद्घाटन होने की संभावना है।
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क्यों जरूरी है 'मिसिंग लिंक'
अभी घाट सेक्शन में गाड़ियों को एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-बंगलूरू हाईवे (NH-4) का साझा हिस्सा इस्तेमाल करना पड़ता है। यहां 10 लेन की सड़क (एक्सप्रेसवे की 6 और NH-4 की 4) घटकर सिर्फ 6 लेन रह जाती है। बारिश में भूस्खलन और गाड़ियां खराब होने जैसी दिक्कतें अक्सर जाम की वजह बनती हैं। नया लिंक बनने के बाद यह परेशानी खत्म हो जाएगी।
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अभी घाट सेक्शन में गाड़ियों को एक्सप्रेसवे और पुराने मुंबई-बंगलूरू हाईवे (NH-4) का साझा हिस्सा इस्तेमाल करना पड़ता है। यहां 10 लेन की सड़क (एक्सप्रेसवे की 6 और NH-4 की 4) घटकर सिर्फ 6 लेन रह जाती है। बारिश में भूस्खलन और गाड़ियां खराब होने जैसी दिक्कतें अक्सर जाम की वजह बनती हैं। नया लिंक बनने के बाद यह परेशानी खत्म हो जाएगी।
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प्रोजेक्ट में क्या-क्या शामिल है
खोपोली से शुरू होकर सिन्हगड इंस्टीट्यूट तक जाने वाला यह लिंक आधुनिक डिजाइन और तकनीक से बनाया जा रहा है। इसमें शामिल हैं:
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खोपोली से शुरू होकर सिन्हगड इंस्टीट्यूट तक जाने वाला यह लिंक आधुनिक डिजाइन और तकनीक से बनाया जा रहा है। इसमें शामिल हैं:
- दो आठ-लेन सुरंगें (1.75 किमी और 8.92 किमी लंबी)
- दो आठ-लेन वायाडक्ट्स (790 मीटर और 650 मीटर लंबे)
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8.9 किमी लंबी टनल, जिसके कुछ हिस्से ज़मीन के 170 फीट नीचे होंगे और ऊपर लोनावला झील स्थित होगी।
साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक लाइटिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट पर कुल 6,695 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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साथ ही यात्रियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक लाइटिंग और अन्य सुरक्षा इंतजाम भी किए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट पर कुल 6,695 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
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