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मस्क ने मानी टेस्ला रोबोटैक्सी की नाकामी: रात में जानवरों को पहचानने में फुस्स हुआ सिस्टम, क्यों आ रही समस्या?
Mon, 05 Oct 2026 01:02 PM IST
जागृति शुक्ला
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: जागृति शुक्ला
Updated Mon, 05 Oct 2026 01:02 PM IST
सार
क्या रात के अंधेरे में एक छोटी-सी बिल्ली टेस्ला की रोबोटैक्सी के लिए बड़ी चुनौती बन गई है? मस्क ने माना है कि सिर्फ कैमरों पर निर्भर ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम को कम रोशनी में छोटे जानवरों को पहचानने में दिक्कत आ रही है। इसी बीच अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियां भी टेस्ला के सिस्टम की जांच कर रही हैं। आखिर रात में रोबोटैक्सी के सामने क्या-क्या समस्या आ रही है और वेमो अपने कार में इसे कैसे संभाल रहा है? आइए जानते हैं पूरा मामला।
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टेस्ला रोबोटैक्सी की विफलता आई सामने
- फोटो : एआई जनरेटेड
विस्तार
टेस्ला की रोबोटैक्सी सेवा को रात के समय ज्यादा देर तक चलाने की कोशिश के बीच एक चुनौती सामने आई है। टेस्ला सीईओ एलन मस्क ने स्वीकार किया है कि कंपनी के वाहनों को अंधेरे में छोटे जानवरों को पहचानने में परेशानी हो रही है। खास तौर पर उन्होंने ग्रे तारकोल पर ग्रे बिल्ली के बच्चों को पहचानने की मुश्किल का जिक्र किया है। मस्क के अनुसार, लो-लाइट और लो-कॉन्ट्रास्ट डिटेक्शन रात में रोबोटैक्सी का संचालन बढ़ाने में बड़ी बाधा है।
मस्क का बयान: 'ग्रे तारकोल पर ग्रे बिल्ली के बच्चे' बनी मुख्य बाधा
ऑस्टिन (Austin) में चल रहे टेस्ला के रोबोटैक्सी पायलट प्रोजेक्ट के काम करने के घंटों को हाल ही में रात दस बजे से बढ़ाकर रात 11 बजे तक किया गया। जून 2025 में जब यह सेवा लॉन्च हुई थी, तब इसका समय सुबह छह बजे से आधी रात तक का था, जिसकी तुलना में वर्तमान सेवा काफी सीमित है। सेवा का विस्तार न कर पाने पर मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रोबोटैक्सी हैंडल की पोस्ट को कोट करते हुए लिखा, 'रोबोटैक्सी के ऑपरेटिंग समय रात 10 बजे से 11 बजे तक बढ़ा दिए गए। मुख्य चीज जिसे हम हल करने की कोशिश कर रहे हैं, वह यह सुनिश्चित करना है कि हम पालतू जानवरों को रात में न कुचलें जब वे दिखना मुश्किल होते हैं। सच में ग्रे तारकोल पर ग्रे बिल्ली के बच्चों को अंधेरे में बचाने की कोशिश कर रहे हैं।'
मस्क ने क्या बताई बड़ी वजह?
मस्क की बताई चुनौती ऑटोमोटिव कैमरों की एक सामान्य तकनीकी सीमा को सामने लाती है। एलन मस्क का कहना है कि कैमरे पैसिव सेंसर होते हैं। यानी वे वस्तुओं को पहचानने के लिए आसपास मौजूद रोशनी और विजुअल कॉन्ट्रास्ट पर निर्भर करते हैं। अगर सड़क और किसी वस्तु के रंग में ज्यादा अंतर नहीं है और रोशनी भी कम है, तो कैमरे के लिए उस वस्तु को बैकग्राउंड से अलग करना मुश्किल हो सकता है।
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अगर उदाहरण से समझें, तो जैसे मान लीजिए, अंधेरी सड़क पर ग्रे रंग का छोटा जानवर कम रोशनी रिफ्लेक्ट करेगा और कैमरे को बहुत कम स्पष्ट विजुअल डेटा मिलेगा। यही वजह है कि लो-कॉन्ट्रास्ट वस्तुओं को रात में पहचानना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
LiDAR और Radar यहां कैसे मदद करते हैं?
लिडार और राडार जैसे एक्टिव सेंसर कैमरे से अलग तरीके से काम करते हैं। लिडार खुद लेजर पल्स भेजता है और उनके रिफ्लेक्शन से आसपास की वस्तुओं का रियल-टाइम 3D डेप्थ मैप तैयार कर सकता है। इस वजह से किसी वस्तु को उसकी रंगत के बजाय उसकी स्थिति और सड़क की सतह से ऊंचाई के आधार पर पहचानने में मदद मिल सकती है।
वहीं राडार रेडियो वेव्स का इस्तेमाल करता है। इससे वाहन किसी वस्तु की दूरी और स्पीड को ट्रैक कर सकता है। राडार को कोहरे, धूल और ग्लेयर जैसी परिस्थितियों का असर कैमरे की तुलना में अलग तरह से प्रभावित करता है। यानी मल्टी-सेंसर सिस्टम में कैमरा, लिडार और राडार एक-दूसरे से अलग तरह की जानकारी लेकर वाहन को आसपास के वातावरण को समझने में मदद करते हैं।
वेमो की रोबोटैक्सी रात में कैसे चलती है?
बड़े स्तर पर कमर्शियल ऑटोनॉमस फ्लीट चलाने वाली अल्फाबेट कंपनी की वेमो में भी कैमरा, लिडार और राडार जैसे मल्टी-सेंसर सेटअप पर निर्भर करती है। वेमो के ड्राइवरलेस वाहन पूरे 24 घंटे चल सकते हैं। यही अंतर टेस्ला रोबोटैक्सी की मौजूदा रात वाली सीमा को लेकर बहस को और महत्वपूर्ण बनाता है। वेमो का मल्टी-सेंसर सिस्टम वाहन को अलग-अलग परिस्थितियों में आसपास मौजूद वस्तुओं को पहचानने और ट्रैक करने के लिए अलग-अलग तरह का डेटा उपलब्ध कराता है।
वेमो ने ‘किटेन समस्या’ कैसे दिखाई?
इस साल अगस्त में वेमो के को-सीईओ दिमित्री डोलगोव ने अंधेरी सड़क पर बच्चों और कुत्तों के दौड़ने का फुटेज जारी किया था। इसमें ऑप्टिकल कैमरों को कम विजिबिलिटी वाली परिस्थितियों में संघर्ष करते देखा गया, जबकि लिडार फीड ने इन वस्तुओं को साफ तौर पर ट्रैक किया।
डोलगोव ने वाई कॉम्बिनेटर के स्टार्टअप स्कूल में ये बातें साझा की थीं। उन्होंने इस दौरान लगभग दो दशकों में वेमो के ड्राइवरलेस सिस्टम को विकसित करने से मिले अनुभवों के बारे में भी बताया।
टेस्ला ने विजन-ओनली सिस्टम ही क्यों चुना?
टेस्ला ने एलन मस्क के निर्देशन में लंबे समय से विजन-ओनली सिस्टम अपनाई है। कंपनी ने अपने ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम में कैमरों पर काफी ज्यादा भरोसा किया है। मस्क लंबे समय से लिडार जैसे हार्डवेयर को लेकर आलोचनात्मक रहे हैं। उन्होंने 2019 में लिडार को फूल का काम कहा था। बाद में उन्होंने यह तर्क भी दिया कि अलग-अलग सेंसर से मिलने वाले डेटा में टकराव हो सकता है और इससे सिस्टम की कुल सुरक्षा कम हो सकती है।
टेस्ला ने 2021 में अपने प्रोडक्शन वाहनों से राडार यूनिट हटानी शुरू की और 2022 में अल्ट्रासॉनिक सेंसर्स को भी फेज आउट कर दिया। कंपनी ने लगातार LiDAR का इस्तेमाल करने से भी परहेज किया है। मस्क ने यहां तक कहा है कि जो कंपनियां लिडार पर निर्भर करती हैं, वे अंत में “बर्बाद” हो जाएंगी।
NHTSA भी कर रहा Tesla के सिस्टम की जांच
टेस्ला के विजन-ओनली अप्रोच को लेकर अमेरिकी सुरक्षा नियामक भी जांच कर रहा है। अमेरिका की नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन यानी NHTSA करीब 3.2 मिलियन टेस्ला वाहनों की जांच कर रही है। यह जांच उन FSD Collision से जुड़ी है, जो कम विजिबिलिटी वाले वातावरण में हुए हैं। जांच के दौरान संघीय जांचकर्ताओं ने Tesla से उसके आंतरिक संचार से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं। इनमें Radar Saves Us शीर्षक वाला एक दस्तावेज भी शामिल है।
मस्क के पुराने बयान से क्यों जुड़ रहा है मामला?
राडार सेव्स अस दस्तावेज का सामने आना मस्क की 2021 की एक निजी स्वीकारोक्ति की याद दिलाता है। उस समय मस्क ने कथित तौर पर माना था कि विजन सिस्टम के साथ हाई-रेजोल्यूशन Radar का इस्तेमाल केवल Vision की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
अब जब टेस्ला रोबोटैक्सी को रात में छोटे और कम-कॉन्ट्रास्ट वाले जानवरों को पहचानने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, तो Vision-Only सिस्टम को लेकर पुरानी बहस एक बार फिर सामने आ गई है।
टेस्ला रोबोटैक्सी के लिए आगे क्या चुनौती?
टेस्ला के सामने अब चुनौती सिर्फ रोबोटैक्सी के ऑपरेटिंग घंटे बढ़ाने की नहीं है। कंपनी को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि रात और कम विजिबिलिटी जैसी परिस्थितियों में उसका ऑटोनॉमस सिस्टम सड़क पर मौजूद छोटी और कम-कॉन्ट्रास्ट वाली वस्तुओं को सुरक्षित तरीके से पहचान सके।
फिलहाल मस्क के बयान से यह साफ है कि लो-लाइट और लो-कॉन्ट्रास्ट डिटेक्शन टेस्ला रोबोटैक्सी के लिए रात में संचालन बढ़ाने की बड़ी तकनीकी चुनौती बनी हुई है। दूसरी ओर, वेमो जैसे प्रतिद्वंद्वी मल्टी-सेंसर सेटअप का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे Tesla के Vision-Only अप्रोच पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं।
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मस्क का बयान: 'ग्रे तारकोल पर ग्रे बिल्ली के बच्चे' बनी मुख्य बाधा
ऑस्टिन (Austin) में चल रहे टेस्ला के रोबोटैक्सी पायलट प्रोजेक्ट के काम करने के घंटों को हाल ही में रात दस बजे से बढ़ाकर रात 11 बजे तक किया गया। जून 2025 में जब यह सेवा लॉन्च हुई थी, तब इसका समय सुबह छह बजे से आधी रात तक का था, जिसकी तुलना में वर्तमान सेवा काफी सीमित है। सेवा का विस्तार न कर पाने पर मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर रोबोटैक्सी हैंडल की पोस्ट को कोट करते हुए लिखा, 'रोबोटैक्सी के ऑपरेटिंग समय रात 10 बजे से 11 बजे तक बढ़ा दिए गए। मुख्य चीज जिसे हम हल करने की कोशिश कर रहे हैं, वह यह सुनिश्चित करना है कि हम पालतू जानवरों को रात में न कुचलें जब वे दिखना मुश्किल होते हैं। सच में ग्रे तारकोल पर ग्रे बिल्ली के बच्चों को अंधेरे में बचाने की कोशिश कर रहे हैं।'
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मस्क की बताई चुनौती ऑटोमोटिव कैमरों की एक सामान्य तकनीकी सीमा को सामने लाती है। एलन मस्क का कहना है कि कैमरे पैसिव सेंसर होते हैं। यानी वे वस्तुओं को पहचानने के लिए आसपास मौजूद रोशनी और विजुअल कॉन्ट्रास्ट पर निर्भर करते हैं। अगर सड़क और किसी वस्तु के रंग में ज्यादा अंतर नहीं है और रोशनी भी कम है, तो कैमरे के लिए उस वस्तु को बैकग्राउंड से अलग करना मुश्किल हो सकता है।
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अगर उदाहरण से समझें, तो जैसे मान लीजिए, अंधेरी सड़क पर ग्रे रंग का छोटा जानवर कम रोशनी रिफ्लेक्ट करेगा और कैमरे को बहुत कम स्पष्ट विजुअल डेटा मिलेगा। यही वजह है कि लो-कॉन्ट्रास्ट वस्तुओं को रात में पहचानना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
LiDAR और Radar यहां कैसे मदद करते हैं?
लिडार और राडार जैसे एक्टिव सेंसर कैमरे से अलग तरीके से काम करते हैं। लिडार खुद लेजर पल्स भेजता है और उनके रिफ्लेक्शन से आसपास की वस्तुओं का रियल-टाइम 3D डेप्थ मैप तैयार कर सकता है। इस वजह से किसी वस्तु को उसकी रंगत के बजाय उसकी स्थिति और सड़क की सतह से ऊंचाई के आधार पर पहचानने में मदद मिल सकती है।
वहीं राडार रेडियो वेव्स का इस्तेमाल करता है। इससे वाहन किसी वस्तु की दूरी और स्पीड को ट्रैक कर सकता है। राडार को कोहरे, धूल और ग्लेयर जैसी परिस्थितियों का असर कैमरे की तुलना में अलग तरह से प्रभावित करता है। यानी मल्टी-सेंसर सिस्टम में कैमरा, लिडार और राडार एक-दूसरे से अलग तरह की जानकारी लेकर वाहन को आसपास के वातावरण को समझने में मदद करते हैं।
वेमो की रोबोटैक्सी रात में कैसे चलती है?
बड़े स्तर पर कमर्शियल ऑटोनॉमस फ्लीट चलाने वाली अल्फाबेट कंपनी की वेमो में भी कैमरा, लिडार और राडार जैसे मल्टी-सेंसर सेटअप पर निर्भर करती है। वेमो के ड्राइवरलेस वाहन पूरे 24 घंटे चल सकते हैं। यही अंतर टेस्ला रोबोटैक्सी की मौजूदा रात वाली सीमा को लेकर बहस को और महत्वपूर्ण बनाता है। वेमो का मल्टी-सेंसर सिस्टम वाहन को अलग-अलग परिस्थितियों में आसपास मौजूद वस्तुओं को पहचानने और ट्रैक करने के लिए अलग-अलग तरह का डेटा उपलब्ध कराता है।
वेमो ने ‘किटेन समस्या’ कैसे दिखाई?
इस साल अगस्त में वेमो के को-सीईओ दिमित्री डोलगोव ने अंधेरी सड़क पर बच्चों और कुत्तों के दौड़ने का फुटेज जारी किया था। इसमें ऑप्टिकल कैमरों को कम विजिबिलिटी वाली परिस्थितियों में संघर्ष करते देखा गया, जबकि लिडार फीड ने इन वस्तुओं को साफ तौर पर ट्रैक किया।
डोलगोव ने वाई कॉम्बिनेटर के स्टार्टअप स्कूल में ये बातें साझा की थीं। उन्होंने इस दौरान लगभग दो दशकों में वेमो के ड्राइवरलेस सिस्टम को विकसित करने से मिले अनुभवों के बारे में भी बताया।
टेस्ला ने विजन-ओनली सिस्टम ही क्यों चुना?
टेस्ला ने एलन मस्क के निर्देशन में लंबे समय से विजन-ओनली सिस्टम अपनाई है। कंपनी ने अपने ऑटोनॉमस ड्राइविंग सिस्टम में कैमरों पर काफी ज्यादा भरोसा किया है। मस्क लंबे समय से लिडार जैसे हार्डवेयर को लेकर आलोचनात्मक रहे हैं। उन्होंने 2019 में लिडार को फूल का काम कहा था। बाद में उन्होंने यह तर्क भी दिया कि अलग-अलग सेंसर से मिलने वाले डेटा में टकराव हो सकता है और इससे सिस्टम की कुल सुरक्षा कम हो सकती है।
टेस्ला ने 2021 में अपने प्रोडक्शन वाहनों से राडार यूनिट हटानी शुरू की और 2022 में अल्ट्रासॉनिक सेंसर्स को भी फेज आउट कर दिया। कंपनी ने लगातार LiDAR का इस्तेमाल करने से भी परहेज किया है। मस्क ने यहां तक कहा है कि जो कंपनियां लिडार पर निर्भर करती हैं, वे अंत में “बर्बाद” हो जाएंगी।
NHTSA भी कर रहा Tesla के सिस्टम की जांच
टेस्ला के विजन-ओनली अप्रोच को लेकर अमेरिकी सुरक्षा नियामक भी जांच कर रहा है। अमेरिका की नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन यानी NHTSA करीब 3.2 मिलियन टेस्ला वाहनों की जांच कर रही है। यह जांच उन FSD Collision से जुड़ी है, जो कम विजिबिलिटी वाले वातावरण में हुए हैं। जांच के दौरान संघीय जांचकर्ताओं ने Tesla से उसके आंतरिक संचार से जुड़े दस्तावेज भी मांगे हैं। इनमें Radar Saves Us शीर्षक वाला एक दस्तावेज भी शामिल है।
मस्क के पुराने बयान से क्यों जुड़ रहा है मामला?
राडार सेव्स अस दस्तावेज का सामने आना मस्क की 2021 की एक निजी स्वीकारोक्ति की याद दिलाता है। उस समय मस्क ने कथित तौर पर माना था कि विजन सिस्टम के साथ हाई-रेजोल्यूशन Radar का इस्तेमाल केवल Vision की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।
अब जब टेस्ला रोबोटैक्सी को रात में छोटे और कम-कॉन्ट्रास्ट वाले जानवरों को पहचानने में चुनौती का सामना करना पड़ रहा है, तो Vision-Only सिस्टम को लेकर पुरानी बहस एक बार फिर सामने आ गई है।
टेस्ला रोबोटैक्सी के लिए आगे क्या चुनौती?
टेस्ला के सामने अब चुनौती सिर्फ रोबोटैक्सी के ऑपरेटिंग घंटे बढ़ाने की नहीं है। कंपनी को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि रात और कम विजिबिलिटी जैसी परिस्थितियों में उसका ऑटोनॉमस सिस्टम सड़क पर मौजूद छोटी और कम-कॉन्ट्रास्ट वाली वस्तुओं को सुरक्षित तरीके से पहचान सके।
फिलहाल मस्क के बयान से यह साफ है कि लो-लाइट और लो-कॉन्ट्रास्ट डिटेक्शन टेस्ला रोबोटैक्सी के लिए रात में संचालन बढ़ाने की बड़ी तकनीकी चुनौती बनी हुई है। दूसरी ओर, वेमो जैसे प्रतिद्वंद्वी मल्टी-सेंसर सेटअप का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे Tesla के Vision-Only अप्रोच पर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं।