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Kia Motors: किआ इंजन चोरी मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 9 आरोपी गिरफ्तार, संगठित रैकेट के होने का शक
Sun, 20 Apr 2025 03:52 PM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 20 Apr 2025 03:52 PM IST
सार
Kia प्लांट से चोरी किए गए इंजनों को देश के कई बड़े शहरों में बेचा गया। पुलिस को इसके पीछ एक बड़े संगठित ऑटोमोबाइल चोरी रैकेट के होने का शक है।
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किआ मोटर्स
- फोटो : Kia India
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विस्तार
आंध्र प्रदेश के श्री सत्य साई जिले में स्थित किया मोटर्स के प्लांट से 900 ऑटोमोटिव इंजन चोरी होने के मामले में पुलिस ने अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें से अधिकतर आरोपी तमिलनाडु के रहने वाले हैं, जबकि दो विदेशी नागरिक भी शामिल हैं जो पहले किया मोटर्स में काम कर चुके हैं। कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
देशभर में बेचे गए चोरी के इंजन
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये इंजन देश के कई बड़े शहरों जैसे मेरठ, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और मदुरै में बेचे गए। पुलिस का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में करीब 30 लोग शामिल हो सकते हैं और कई अब भी फरार हैं। पुलिस का मानना है कि यह अब तक का सबसे बड़ा संगठित ऑटोमोबाइल चोरी रैकेट हो सकता है।
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देशभर में बेचे गए चोरी के इंजन
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये इंजन देश के कई बड़े शहरों जैसे मेरठ, दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु और मदुरै में बेचे गए। पुलिस का दावा है कि इस पूरे नेटवर्क में करीब 30 लोग शामिल हो सकते हैं और कई अब भी फरार हैं। पुलिस का मानना है कि यह अब तक का सबसे बड़ा संगठित ऑटोमोबाइल चोरी रैकेट हो सकता है।
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पुलिस को अंदरूनी मदद मिलने का शक
- फोटो : Kia
प्लांट की खामियों का उठाया फायदा
पुलिस ने पीटीआई को बताया कि चोरी की इस वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने किआ प्लांट की लॉजिस्टिक व्यवस्था की कमजोरियों का फायदा उठाया। प्लांट में मुख्य फैक्ट्री के अलावा एक सब-असेंबली यूनिट और एक खुला यार्ड है, जहां वाहनों को ट्रांसपोर्ट के लिए खड़ा किया जाता है। चोरी हुए इंजन प्लांट के पिछले हिस्से में बने स्क्रैप डंपिंग रास्ते से बाहर निकाले गए। पुलिस को शक है कि इस पूरी साजिश में अंदरूनी मदद भी मिली है।
यह भी पढ़ें: भारत से ऑटोमोबाइल एक्सपोर्ट्स में जबरदस्त उछाल, FY25 में 19% की बढ़ोतरी
कई बड़े चेहरे हो सकते हैं बेनकाब
फिलहाल पुलिस इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड्स की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कंपनी के ऑडिट और रिकॉर्ड्स में कोई गड़बड़ी तो नहीं की गई थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की जानकारी गोपनीय रखी जा रही है ताकि जांच प्रभावित न हो। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जिससे देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल चोरी नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।
पुलिस ने पीटीआई को बताया कि चोरी की इस वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपियों ने किआ प्लांट की लॉजिस्टिक व्यवस्था की कमजोरियों का फायदा उठाया। प्लांट में मुख्य फैक्ट्री के अलावा एक सब-असेंबली यूनिट और एक खुला यार्ड है, जहां वाहनों को ट्रांसपोर्ट के लिए खड़ा किया जाता है। चोरी हुए इंजन प्लांट के पिछले हिस्से में बने स्क्रैप डंपिंग रास्ते से बाहर निकाले गए। पुलिस को शक है कि इस पूरी साजिश में अंदरूनी मदद भी मिली है।
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कई बड़े चेहरे हो सकते हैं बेनकाब
फिलहाल पुलिस इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड्स की तलाश में जुटी है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कंपनी के ऑडिट और रिकॉर्ड्स में कोई गड़बड़ी तो नहीं की गई थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की जानकारी गोपनीय रखी जा रही है ताकि जांच प्रभावित न हो। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं, जिससे देश के सबसे बड़े ऑटोमोबाइल चोरी नेटवर्क का पर्दाफाश हो सकता है।