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Hybrid Cars: हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड तेजी से बढ़ी, पेट्रोल गाड़ियों की बिक्री में गिरावट
Sun, 20 Jul 2025 06:36 PM IST
नीतीश कुमार
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Sun, 20 Jul 2025 06:36 PM IST
सार
Hybrid And Electric Car Sales Increases In FY 2025: भारत में अब सिर्फ इलेक्ट्रिक गाड़ियां ही नहीं, बल्कि मजबूत हाइब्रिड वाहन भी तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। वित्त वर्ष 2025 में दोनों सेगमेंट में 18% की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि पेट्रोल वाहनों की बिक्री में 6.6% की गिरावट आई है।
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इलेक्ट्रिक-हाइब्रिड वाहनों की बिक्री बढ़ी
- फोटो : Adobe Stock
विस्तार
भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ-साथ मजबूत हाइब्रिड गाड़ियों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऑटोमोबाइल कंपनियों की बिक्री के आंकड़े बताते हैं कि वित्तीय वर्ष 2025 में हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक दोनों तरह के वाहनों की बिक्री में 18% की वृद्धि हुई है।
क्या कहते हैं आंकड़े?
SIAM (सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) के अनुसार, FY25 में 1.05 लाख यूनिट हाइब्रिड गाड़ियां बिकीं, जबकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री 1.18 लाख यूनिट रही। इस बढ़त के पीछे टाटा मोटर्स, एमजी मोटर और महिंद्रा जैसी कंपनियों के नए इलेक्ट्रिक मॉडल्स की बड़ी भूमिका रही है। वहीं पेट्रोल वाहनों की मांग में 6.6% की गिरावट आई है और यह संख्या अब घटकर 24.82 लाख यूनिट पर आ गई है।
यह भी पढ़ें: ऑटोमोबाइल सेक्टर की बढ़ती चिंता, मैगनेट की कमी दूर करने के लिए पीएमओ कराएगा अहम बैठक
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वाहन निर्माता कंपनियों का फोकस अब अपने हाइब्रिड पोर्टफोलियो को मजबूत करने पर है। मारुति सुजुकी इस साल एक नई हाइब्रिड SUV (कोडनेम Y17) लॉन्च करने जा रही है। वहीं होंडा ने अपनी City सेडान के हाइब्रिड वर्जन में अच्छी पकड़ बना ली है, जिसकी बिक्री 9-10% से बढ़कर अब 15% हो गई है।
कोरियन कंपनियां किआ और हुंडई अगले साल भारत में अपना पहला मजबूत हाइब्रिड मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में हैं। इसके अलावा XUV 3XO का हाइब्रिड वर्जन भी तैयार किया जा रहा है।
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क्या कहते हैं आंकड़े?
SIAM (सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स) के अनुसार, FY25 में 1.05 लाख यूनिट हाइब्रिड गाड़ियां बिकीं, जबकि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की बिक्री 1.18 लाख यूनिट रही। इस बढ़त के पीछे टाटा मोटर्स, एमजी मोटर और महिंद्रा जैसी कंपनियों के नए इलेक्ट्रिक मॉडल्स की बड़ी भूमिका रही है। वहीं पेट्रोल वाहनों की मांग में 6.6% की गिरावट आई है और यह संख्या अब घटकर 24.82 लाख यूनिट पर आ गई है।
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सरकार लागू करेगी नए CAFE नियम
- फोटो : Freepik
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सरकार ‘कॉरपोरेट एवरेज फ्यूल एफिशिएंसी (CAFE 3)’ मानकों को लागू करने की योजना पर काम कर रही है, जिससे वाहन निर्माताओं को हाइब्रिड और इलेक्ट्रिक गाड़ियों के लिए अधिक छूट मिल सकेगी। यह मानक कंपनियों को कम उत्सर्जन वाले वाहनों की बिक्री को बढ़ावा देगा।
यह भी पढ़ें: EV बैटरी टेक्नोलॉजी पर चीन की नई पाबंदी, भारत समेत कई देशों में धीमा होगा इलेक्ट्रिक वाहनों का उत्पादन
इन्फ्रास्ट्रक्चर बना चुनौती
हालांकि सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देने के लिए GST में कटौती, रोड टैक्स माफी और टैक्स में छूट जैसे कई कदम उठाए हैं, लेकिन चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। इसी कारण से ग्राहक सुविधाजनक विकल्प के तौर पर हाइब्रिड वाहनों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
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