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Air Pollution: क्या आपकी कार से लोगों का दम घुट रहा है? वाहन उत्सर्जन कम करने के लिए ये हैं पांच अहम सुझाव
Thu, 24 Oct 2024 08:20 PM IST
अमर शर्मा
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमर शर्मा
Updated Thu, 24 Oct 2024 08:20 PM IST
सार
दिल्ली दुनिया में सबसे ज्यादा वाहनों के घनत्व वाले क्षेत्रों में से एक है। और सड़क पर वाहनों की बढ़ती संख्या वायु प्रदूषण को काफी हद तक बढ़ा देगी। अगर आप दिल्ली में वाहन चलाते हैं और उत्सर्जन को कम करने और प्रदूषण के स्तर को कम करने में अपना योगदान देने के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं। तो यहां हम आपको पांच उपाय बता रहे हैं जिन पर आपको विचार करना चाहिए।
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Car Pollution
- फोटो : Amar Ujala
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भारत में वायु प्रदूषण में सबसे बड़ा योगदान वाहनों से निकलने वाले उत्सर्जन का है। सार्वजनिक और निजी दोनों तरह के वाहनों से निकलने वाली गैसों में जहरीले तत्वों और रसायनों का मिश्रण होता है। और इन हानिकारक पदार्थों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर काफी असर पड़ सकता है। प्रकृति पर हानिकारक प्रभावों का तो जिक्र ही नहीं किया जा सकता।
Car Pollution
- फोटो : Freepik
सरकारों ने समस्याओं को दूर करने और उत्सर्जन को कम करने के लिए कदम उठाए हैं। सड़क पर वाहनों की विशाल संख्या पर्यावरण के लिए हानिकारक है और चुनौतियों का सामना करना जारी रखती है। ऐसे में, उन लोगों पर जिम्मेदारी है जो नियमित रूप से निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं ताकि वे अपने कार्बन फुटप्रिंट को यथासंभव कम कर सकें।
अगर आप दिल्ली में वाहन चलाते हैं और उत्सर्जन को कम करने और प्रदूषण के स्तर को कम करने में अपना योगदान देने के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं। तो यहां हम आपको पांच उपाय बता रहे हैं जिन पर आपको विचार करना चाहिए।
अगर आप दिल्ली में वाहन चलाते हैं और उत्सर्जन को कम करने और प्रदूषण के स्तर को कम करने में अपना योगदान देने के बारे में ज्यादा जानना चाहते हैं। तो यहां हम आपको पांच उपाय बता रहे हैं जिन पर आपको विचार करना चाहिए।
प्रदूषण जांच केंद्र
- फोटो : अनुज कुमार
नियमित PUC जांच
प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र अनिवार्य है। यह बताने के लिए कि आपका वाहन सरकार द्वारा निर्धारित उत्सर्जन स्तरों के लिए अनुशंसित मानकों को पूरा करता है या नहीं। नए वाहनों के लिए, यह प्रमाणपत्र एक वर्ष के लिए वैध रहता है और इस अवधि के बाद, आपको इसे हर साल रिन्यु (नवीनीकृत) करवाना होगा।
यह प्रमाणपत्र देश भर में अधिकृत उत्सर्जन परीक्षण केंद्रों द्वारा जारी किया जाता है। और इसमें वाहन के एक्जॉस्ट गैसों की जांच शामिल होती है। टेस्टिंग सेंटर संचालक एक्जॉस्ट पाइप के अंदर एक टेस्टिंग डिवाइस (परीक्षण उपकरण) लगाकर उत्सर्जन का विश्लेषण करता है। और मिली रीडिंग के साथ प्रमाणपत्र तैयार करता है।
प्रदूषण नियंत्रण (PUC) प्रमाणपत्र अनिवार्य है। यह बताने के लिए कि आपका वाहन सरकार द्वारा निर्धारित उत्सर्जन स्तरों के लिए अनुशंसित मानकों को पूरा करता है या नहीं। नए वाहनों के लिए, यह प्रमाणपत्र एक वर्ष के लिए वैध रहता है और इस अवधि के बाद, आपको इसे हर साल रिन्यु (नवीनीकृत) करवाना होगा।
यह प्रमाणपत्र देश भर में अधिकृत उत्सर्जन परीक्षण केंद्रों द्वारा जारी किया जाता है। और इसमें वाहन के एक्जॉस्ट गैसों की जांच शामिल होती है। टेस्टिंग सेंटर संचालक एक्जॉस्ट पाइप के अंदर एक टेस्टिंग डिवाइस (परीक्षण उपकरण) लगाकर उत्सर्जन का विश्लेषण करता है। और मिली रीडिंग के साथ प्रमाणपत्र तैयार करता है।
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Traffic light
- फोटो : Freepik
स्टॉप लाइट पर इग्निशन बंद करें
इंजन तेल का प्यासा होता है, तब भी जब कार लंबे समय तक स्थिर रहती है। चूंकि आपका इंजन निष्क्रिय होने पर भी ईंधन की खपत करता रहता है, इसलिए यह अनुशंसा की जाती है कि जब भी आप कुछ समय के लिए रुकें तो इग्निशन बंद कर दें। साथ ही, इंजन को बहुत बार चालू और बंद करने से अत्यधिक घिसाव हो सकता है। यही कारण है कि कम अंतराल के लिए वेटिंग करते समय ऐसा नहीं करने की सलाह दी जाती है।
ज्यादातर आधुनिक कारों में ऑटो स्टार्ट-स्टॉप फंक्शन होता है। जो कार के रुकने पर इंजन को बंद कर सकती है। इन फीचर्स को मैन्युअल रूप से बंद किया जा सकता है। लेकिन प्रदूषण के समय, इस फंक्शन का इस्तेमाल करने की अनुशंसा की जाती है।
इंजन तेल का प्यासा होता है, तब भी जब कार लंबे समय तक स्थिर रहती है। चूंकि आपका इंजन निष्क्रिय होने पर भी ईंधन की खपत करता रहता है, इसलिए यह अनुशंसा की जाती है कि जब भी आप कुछ समय के लिए रुकें तो इग्निशन बंद कर दें। साथ ही, इंजन को बहुत बार चालू और बंद करने से अत्यधिक घिसाव हो सकता है। यही कारण है कि कम अंतराल के लिए वेटिंग करते समय ऐसा नहीं करने की सलाह दी जाती है।
ज्यादातर आधुनिक कारों में ऑटो स्टार्ट-स्टॉप फंक्शन होता है। जो कार के रुकने पर इंजन को बंद कर सकती है। इन फीचर्स को मैन्युअल रूप से बंद किया जा सकता है। लेकिन प्रदूषण के समय, इस फंक्शन का इस्तेमाल करने की अनुशंसा की जाती है।
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Car Maintenance
- फोटो : Amar Ujala/Amar Sharma
नियमित रखरखाव
अपनी कार की नियमित और लगातार चेक-अप और सर्विसिंग करानी चाहिए। यह इंजन के बेहतर परफॉर्मेंस को बनाए रखने में काफी मददगार साबित होता है। नियमित ट्यून-अप से उचित इग्निशन टाइमिंग, फ्यूल डिलिवरी और एयर-फ्यूल रेशियो (वायु-ईंधन अनुपात) सुनिश्चित हो सकता है। निर्माता द्वारा सुझाए गए समय के अनुसार लगातार तेल बदलने से इंजन की टूट-फूट को रोकने में मदद मिलती है। जिससे इष्टतम प्रदर्शन, कम उत्सर्जन और लगातार ईंधन अर्थव्यवस्था सुनिश्चित होती है।
अपने एयर और ऑयल फिल्टर को नियमित रूप से साफ करना सुनिश्चित करें क्योंकि इससे बढ़िया कंब्शन सुनिश्चित होता है। अच्छी तरह से रखरखाव की गई कारें ईंधन को पूरी तरह से जलाती हैं। जिससे उत्सर्जन कम होता है और इंजन को होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।
अपनी कार की नियमित और लगातार चेक-अप और सर्विसिंग करानी चाहिए। यह इंजन के बेहतर परफॉर्मेंस को बनाए रखने में काफी मददगार साबित होता है। नियमित ट्यून-अप से उचित इग्निशन टाइमिंग, फ्यूल डिलिवरी और एयर-फ्यूल रेशियो (वायु-ईंधन अनुपात) सुनिश्चित हो सकता है। निर्माता द्वारा सुझाए गए समय के अनुसार लगातार तेल बदलने से इंजन की टूट-फूट को रोकने में मदद मिलती है। जिससे इष्टतम प्रदर्शन, कम उत्सर्जन और लगातार ईंधन अर्थव्यवस्था सुनिश्चित होती है।
अपने एयर और ऑयल फिल्टर को नियमित रूप से साफ करना सुनिश्चित करें क्योंकि इससे बढ़िया कंब्शन सुनिश्चित होता है। अच्छी तरह से रखरखाव की गई कारें ईंधन को पूरी तरह से जलाती हैं। जिससे उत्सर्जन कम होता है और इंजन को होने वाले बड़े नुकसान से बचा जा सकता है।